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शिक्षिका हत्याकांड : पांच दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, धरना जारी, परिजन अंतिम संस्कार को नहीं तैयार
Sun, 17 Aug 2025 09:57 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी लोहारू
संवाद न्यूज एजेंसी लोहारू
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Sun, 17 Aug 2025 09:57 PM IST
सार
शिक्षिका के जघन्य हत्याकांड को लेकर रविवार को भी धरना जारी रहा। धरने को राजनीतिक और गैर राजनीतिक दलों के अनेक नेताओं ने समर्थन दिया और सरकार को कड़े शब्दों में घेरा।
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शिक्षिका हत्याकांड को लेकर धरने पर बैठे लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सिंघानी में नहर के पास ढाणी लक्ष्मण की युवती का क्षत-विक्षत शव मिलने के मामले में पुलिस के हाथ पांच दिन बाद भी खाली हैं। चार दिनों से ढिगावा में धरना जारी है जहां परिजन और ग्रामीण दोषियों की गिरफ्तारी तक शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार किए हुए हैं। मामला तूल पकड़ चुका है। जिले के हर गांव में लोग इस घटना की निंदा कर रहे हैं।
कहीं कैंडल मार्च तो कहीं प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच लोहारू के विधायक राजबीर सिंह फरटिया ने देश के गृहमंत्री अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है ताकि बेटी और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। विधायक राजबीर फरटिया ने पत्र में कहा है कि इस पूरे मामले की जांच एसआईटी या सीबीआई से करवाई जानी चाहिए। दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए, पीड़ित परिवार को आवश्यक आर्थिक मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए तथा प्रदेश की बेटियों की शिक्षा व सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह घटना पूरे प्रदेश को शर्मसार करने वाली है और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। पांच दिन से शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका और पुलिस अभी तक दोषियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। सरकार को ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
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कहीं कैंडल मार्च तो कहीं प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच लोहारू के विधायक राजबीर सिंह फरटिया ने देश के गृहमंत्री अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है ताकि बेटी और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। विधायक राजबीर फरटिया ने पत्र में कहा है कि इस पूरे मामले की जांच एसआईटी या सीबीआई से करवाई जानी चाहिए। दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए, पीड़ित परिवार को आवश्यक आर्थिक मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए तथा प्रदेश की बेटियों की शिक्षा व सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह घटना पूरे प्रदेश को शर्मसार करने वाली है और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। पांच दिन से शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका और पुलिस अभी तक दोषियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। सरकार को ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
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धरने पर पहुंचे नेताओं ने कहा- सरकार और प्रशासन नाकाम
गांव सिंघानी में शिक्षिका के जघन्य हत्याकांड को लेकर रविवार को भी धरना जारी रहा। धरने को राजनीतिक और गैर राजनीतिक दलों के अनेक नेताओं ने समर्थन दिया और सरकार को कड़े शब्दों में घेरा। जेजेपी के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला, इनेलो की महिला प्रदेशाध्यक्ष सुनैना चौटाला, कांग्रेस नेता राव दान सिंह, विधायक जस्सी पेटवाड़, आम आदमी पार्टी के नेता नवीन जयहिंद, हर्ष छिकारा, सोमवीर घसौला समेत कई नेता धरना स्थल पर पहुंचे। धरने को संबोधित करते हुए दिग्विजय चौटाला ने कहा कि पांच दिन बीतने के बावजूद दोषियों की पहचान और गिरफ्तारी नहीं हो सकी, जो सरकार और प्रशासन की नाकामी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह घटना पूरे प्रदेश को शर्मसार करने वाली है लेकिन सरकार चंडीगढ़ में बैठकर महज लीपापोती कर रही है। उन्होंने कहा कि पांच दिन से हत्यारे खुले घूम रहे हैं और प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है। सुनैना चौटाला ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि सरकार अपराध नियंत्रण में विफल साबित हो रही है। प्रदेश में अपराध चरम पर हैं और बेटियों की सुरक्षा खतरे में है। मृतका को न्याय मिलना चाहिए और दोषियों को सख्त सजा दी जानी चाहिए।
वहीं राव दान सिंह, नारनौंद विधायक जस्सी पेटवाड़, हर्ष छिकारा, विधायक राजबीर फरटिया, नवीन जयहिंद और सोमवीर घसौला ने भी पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की और कहा कि वे इस संकट की घड़ी में उनके साथ खड़े हैं। नेताओं ने कहा कि धरना कमेटी 72 घंटे बाद जो भी फैसला लेगी, वे उसके साथ रहेंगे और जब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिलता, संघर्ष जारी रहेगा।
गांव सिंघानी में शिक्षिका के जघन्य हत्याकांड को लेकर रविवार को भी धरना जारी रहा। धरने को राजनीतिक और गैर राजनीतिक दलों के अनेक नेताओं ने समर्थन दिया और सरकार को कड़े शब्दों में घेरा। जेजेपी के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला, इनेलो की महिला प्रदेशाध्यक्ष सुनैना चौटाला, कांग्रेस नेता राव दान सिंह, विधायक जस्सी पेटवाड़, आम आदमी पार्टी के नेता नवीन जयहिंद, हर्ष छिकारा, सोमवीर घसौला समेत कई नेता धरना स्थल पर पहुंचे। धरने को संबोधित करते हुए दिग्विजय चौटाला ने कहा कि पांच दिन बीतने के बावजूद दोषियों की पहचान और गिरफ्तारी नहीं हो सकी, जो सरकार और प्रशासन की नाकामी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह घटना पूरे प्रदेश को शर्मसार करने वाली है लेकिन सरकार चंडीगढ़ में बैठकर महज लीपापोती कर रही है। उन्होंने कहा कि पांच दिन से हत्यारे खुले घूम रहे हैं और प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है। सुनैना चौटाला ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि सरकार अपराध नियंत्रण में विफल साबित हो रही है। प्रदेश में अपराध चरम पर हैं और बेटियों की सुरक्षा खतरे में है। मृतका को न्याय मिलना चाहिए और दोषियों को सख्त सजा दी जानी चाहिए।
वहीं राव दान सिंह, नारनौंद विधायक जस्सी पेटवाड़, हर्ष छिकारा, विधायक राजबीर फरटिया, नवीन जयहिंद और सोमवीर घसौला ने भी पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की और कहा कि वे इस संकट की घड़ी में उनके साथ खड़े हैं। नेताओं ने कहा कि धरना कमेटी 72 घंटे बाद जो भी फैसला लेगी, वे उसके साथ रहेंगे और जब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिलता, संघर्ष जारी रहेगा।
डॉग स्क्वॉड और सीन ऑफ क्राइम टीम ने घटना स्थल का किया निरीक्षण
रविवार को सीन ऑफ क्राइम टीम डिप्टी डायरेक्टर डॉ. अजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। मौके पर डॉग स्क्वॉड भी पहुंचा और नहर व आसपास के क्षेत्र को खंगाला गया ताकि कोई साक्ष्य या सुराग मिल सके। पुलिस मामले की जांच कई एंगल से कर रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने सिंघानी गांव के कई लोगों से पूछताछ की है। इसमें एक बीज की दुकान का संचालक और एक प्ले स्कूल संचालक भी शामिल हैं। हालांकि अब तक कोई ठोस खुलासा नहीं हो सका है। बता दें कि हाल ही में पदभार संभालने वाले एसपी सुमित कुमार ने धरना कमेटी के सदस्यों से दोषियों की गिरफ्तारी के लिए 72 घंटे का समय मांगा था। इस अल्टीमेटम में से 24 घंटे बीत चुके हैं लेकिन पुलिस अब तक केवल गहन कार्रवाई की बात ही कही जा रही है।