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Bhiwani News: हुडा पार्क में लावारिस पशुओं सहित अन्य समस्याओं का अंबार, प्रशासन बना अनजान

Sat, 27 Apr 2024 05:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Sat, 27 Apr 2024 05:56 AM IST
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Unclaimed animals camp in HUDA Park
​भिवानी के हुडा पार्क में घूमते लावारिस कुत्ते। 
भिवानी। हुडा पार्क में लावारिस पशुओं सहित अन्य समस्याओं का अंबार है लेकिन इससे प्रशासन अनजान बना हुआ है। हुडा पार्क में शुक्रवार को वेटरन संगठन भिवानी के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता संगठन भिवानी के प्रधान सूबेदार मेजर बिरेंद्र सिंह ग्रेवाल बामला ने की। इस दौरान हुडा पार्क की बदहाल स्थिति के सुधार की मांग को लेकर एक बार फिर प्रशासन से मिलने की रूपरेखा तैयार की गई।
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पदाधिकारियों ने कहा कि सुधारीकरण की मांग को लेकर संगठन पदाधिकारी कई बार अधिकारियों को अवगत करवा चुके है, लेकिन अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। संगठन के प्रधान ग्रेवाल बामला ने कहा कि इन दिनों हुडा पार्क काफी बदहाल स्थिति में है। यहां पर साफ-सफाई का नामो निशान नहीं है। पैदल चलने के लिए बिछाई गई ब्लॉक टूटी पड़ी है, 10 वर्षों से फव्वारे नहीं चल रहे, टॉयलेट-बाथरूम पर ताला लटका है। जबकि यहां की लाइट हमेशा जली रहती है, पार्क में पानी की कोई व्यवस्था नहीं है, देखरेख की कमी के चलते पेड़-पौधों सूख रहे हैं, जगह-जगह गड्ढे हैं, पार्क के रख-रखाव के लिए कर्मचारी भी नहीं है, रेलिंग भी टूटी हुई है जिसके चलते पार्क में बेसहारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है तथा गंदगी फैलने के साथ-साथ हमेशा हादसे का भय बना रहता है। पार्क की स्थिति सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए विधायक व नगर परिषद चेयरपर्सन को कार्य करना चाहिए तथा बुजुर्गों के लिए लाइफ लाइन माने जाने वाले इस पार्क के सुंदरीकरण की दिशा में सकारात्मक कदम बढ़ाने चाहिए। लेकिन इसके विपरीत वे आमजन की इस समस्या से मुंह फेरे बैठे हैं।
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ग्रेवाल बामला ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि व प्रशासन के लापरवाही पूर्ण रवैये के चलते हुडा पार्क की स्थिति बदतर हुई है। उन्होंने कहा कि अब उनका सब्र जवाब दे रहा है तथा समय रहते इसकी सुधारीकरण पर ध्यान नहीं दिया गया तो मजबूरन उन्हें संघर्ष की राह अपनानी पड़ेगी। इस अवसर पर पूर्व लेक्चरर श्योकांद, महेंद्र सिंह मिताथल, प्रकाश शर्मा, प्राचार्य सिल्मराम, रवि सेठ मौजूद रहे।
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