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यूक्रेन मामला : कशिश पहुंचीं भिवानी, बाकी की कोशिश जारी
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कीव के रेलवे स्टेशन पर खड़ा मनीष रंगा। विज्ञप्ति
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। रूसी सेना की ओर से किए जा रहे हमलों की वजह से यूक्रेन में हालात बिगड़ते जा रहा है। भिवानी निवासी छात्रा कशिश सोमवार को घर पहुंची।
कशिश ने बताया कि वह यूक्रेन के चेरणीवस्ती शहर में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। यूक्रेन में हालत गंभीर होने पर वह 25 फरवरी को फ्लाइट में सवार होकर नई दिल्ली के लिए निकली। यहां से रूमानिया होते हुए रविवार शाम को वह नई दिल्ली पहुंची है। जहां से सोमवार दोपहर बाद वह भिवानी के लिए रवाना हुई।
अलग-अलग समूह में विद्यार्थियों को बॉर्डर पहुंचा रहा दूतावास : मनीष रंगा
जिले के गांव लालावास निवासी मनीष रंगा यूक्रेन के शहर कीव में एमबीएसएस की पढ़ाई करने के लिए गए हुए हैं। मनीष रंगा ने बताया कि रविवार देर रात को उन्हें दूतावास द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप पर सूचना जारी की थी कि सभी मेडिकल स्टूडेंट सोमवार सुबह कीव के रेलवे स्टेशन पर पहुंच जाएं। सूचना के अनुसार सभी विद्यार्थी कीव के रेलवे स्टेशन पर पहुंचे, जहां से उन्हें अलग-अलग समूह में रूमानिया, हंगरी, पोलैंड आदि जगहों पर जाने के निर्देश दिए। इन शहरों में पहुंचने के बाद स्टूडेंट की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें बॉर्डर पार करवा कर नई दिल्ली लाया जाएगा। मनीष रंगा ने बताया कि रविवार रात को बमबारी नहीं हुई, लेकिन करीब एक घंटे तक फायरिंग की आवाज उनके कमरे तक आ रही थी, जिसकी वजह से सभी भयभीत रहे।
खारकीव में रातभर हुई बमबारी : राजेंद्र शर्मा
छोटूराम कॉलोनी निवासी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब तीन बजे सभी बच्चों के इंटरनेट ऑन कर के उन्हें फोन दिए थे, जिसके बाद केशव, स्नेहा और मुस्कान ने बताया कि खारकीव में रातभर बमबारी हुई हुई, जिसकी वजह से वे सो नहीं पाए। उन्हें फिलहाल हॉस्टल के बंकर में ही रख गया है। वहीं परिजनों से जिला प्रशासन द्वारा बनाए कंट्रोल रूम से उनके बच्चों के पासपोर्ट की कॉपी और उनके फोन नंबर लिए हैं, जिसके बाद परिजनों को थोड़ी राहत मिली है कि सरकार इस संबंध में अलर्ट होकर कार्य करेगी। वहीं राजेंद्र शर्मा ने बताया कि उनके रिश्तेदार की बेटी जगत कॉलोनी निवासी दिवांशी सोमवार दोपहर बाद कीव से ट्रेन के माध्यम से रूमानिया के लिए निकली है। इसके लिए उन्हें दूतावास से निर्देश प्राप्त हुए थे। मंगलवार सुबह तक वे रूमानिया पहुंचेंगे, जिसके बाद उन्हें भारत लाया जाएगा।
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पोलतावा में शुरू हुई बमबारी तो बस में रवाना हुए मेडिकल स्टूडेंट : सविता घणघस
प्राचार्या सविता घणघस ने बताया कि उनकी बेटी नैना सिंह यूक्रेन के पोलतावा शहर से मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। रविवार रात को पोलतावा में भी रूसी सेना के द्वारा बमबारी और फायरिंग शुरू कर दी है, जिसकी वजह से हालत चिंताजनक हो गए है। सोमवार सुबह दूतावास के निर्देशानुसार अधिक मेडिकल स्टूडेंट पोलतावा से निकल चुके हैं। मेडिकल स्टूडेंट सोमवार सुबह बस के माध्यम से रूमानिया और हंगरी के लिए निकले हैं, जहां पर फ्लाइट की व्यवस्था होने तक उन्हें सुरक्षित जगह पर रखा जाएगा। वहीं पोलतावा में हालत बिगड़ने पर परिजनों के चेहरे पर भी चिंता झलक रही है।
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कशिश ने बताया कि वह यूक्रेन के चेरणीवस्ती शहर में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। यूक्रेन में हालत गंभीर होने पर वह 25 फरवरी को फ्लाइट में सवार होकर नई दिल्ली के लिए निकली। यहां से रूमानिया होते हुए रविवार शाम को वह नई दिल्ली पहुंची है। जहां से सोमवार दोपहर बाद वह भिवानी के लिए रवाना हुई।
अलग-अलग समूह में विद्यार्थियों को बॉर्डर पहुंचा रहा दूतावास : मनीष रंगा
जिले के गांव लालावास निवासी मनीष रंगा यूक्रेन के शहर कीव में एमबीएसएस की पढ़ाई करने के लिए गए हुए हैं। मनीष रंगा ने बताया कि रविवार देर रात को उन्हें दूतावास द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप पर सूचना जारी की थी कि सभी मेडिकल स्टूडेंट सोमवार सुबह कीव के रेलवे स्टेशन पर पहुंच जाएं। सूचना के अनुसार सभी विद्यार्थी कीव के रेलवे स्टेशन पर पहुंचे, जहां से उन्हें अलग-अलग समूह में रूमानिया, हंगरी, पोलैंड आदि जगहों पर जाने के निर्देश दिए। इन शहरों में पहुंचने के बाद स्टूडेंट की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें बॉर्डर पार करवा कर नई दिल्ली लाया जाएगा। मनीष रंगा ने बताया कि रविवार रात को बमबारी नहीं हुई, लेकिन करीब एक घंटे तक फायरिंग की आवाज उनके कमरे तक आ रही थी, जिसकी वजह से सभी भयभीत रहे।
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खारकीव में रातभर हुई बमबारी : राजेंद्र शर्मा
छोटूराम कॉलोनी निवासी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब तीन बजे सभी बच्चों के इंटरनेट ऑन कर के उन्हें फोन दिए थे, जिसके बाद केशव, स्नेहा और मुस्कान ने बताया कि खारकीव में रातभर बमबारी हुई हुई, जिसकी वजह से वे सो नहीं पाए। उन्हें फिलहाल हॉस्टल के बंकर में ही रख गया है। वहीं परिजनों से जिला प्रशासन द्वारा बनाए कंट्रोल रूम से उनके बच्चों के पासपोर्ट की कॉपी और उनके फोन नंबर लिए हैं, जिसके बाद परिजनों को थोड़ी राहत मिली है कि सरकार इस संबंध में अलर्ट होकर कार्य करेगी। वहीं राजेंद्र शर्मा ने बताया कि उनके रिश्तेदार की बेटी जगत कॉलोनी निवासी दिवांशी सोमवार दोपहर बाद कीव से ट्रेन के माध्यम से रूमानिया के लिए निकली है। इसके लिए उन्हें दूतावास से निर्देश प्राप्त हुए थे। मंगलवार सुबह तक वे रूमानिया पहुंचेंगे, जिसके बाद उन्हें भारत लाया जाएगा।
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पोलतावा में शुरू हुई बमबारी तो बस में रवाना हुए मेडिकल स्टूडेंट : सविता घणघस
प्राचार्या सविता घणघस ने बताया कि उनकी बेटी नैना सिंह यूक्रेन के पोलतावा शहर से मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। रविवार रात को पोलतावा में भी रूसी सेना के द्वारा बमबारी और फायरिंग शुरू कर दी है, जिसकी वजह से हालत चिंताजनक हो गए है। सोमवार सुबह दूतावास के निर्देशानुसार अधिक मेडिकल स्टूडेंट पोलतावा से निकल चुके हैं। मेडिकल स्टूडेंट सोमवार सुबह बस के माध्यम से रूमानिया और हंगरी के लिए निकले हैं, जहां पर फ्लाइट की व्यवस्था होने तक उन्हें सुरक्षित जगह पर रखा जाएगा। वहीं पोलतावा में हालत बिगड़ने पर परिजनों के चेहरे पर भी चिंता झलक रही है।