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यूक्रेन मामला : घर लौटकर देव ने ली राहत की सांस, बेटे को देख परिजनों के चेहरे खिले
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यूक्रेन से लौटने के बाद अपने परिजनों के साथ सेल्फी लेते विजय नगर निवासी मेडिकल स्टूडेंट देव। संव?
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। रूस और यूक्रेन तनाव ज्यादा बढ़ने पर जिले से मेडिकल की पढ़ाईकरने के निए यूक्रेन गए विद्यार्थियों वतन लौटना शुरू कर दिया है। बुधवार को विजय नगर निवासी देव यूक्रेन से भारत लौटे। देव के घर पहुंचने पर परिजनों ने राहत की सांस ली। परिजनों ने भारत सरकार का शुक्रिया अदा किया। वहीं, जिले के अन्य मेडिकल स्टूूडेंट ने भी लौटने की तैयारी कर ली है।
दूतावास के आगामी निर्देश आते ही वे यूक्रेन से भारत के लिए उड़ान भरेंगे। यूक्रेन में अचानक स्थिति बिगड़ने की वजह से फ्लाइट का भी किराया भी दोगुना हो गया। जिले से करीब 20 विद्यार्थी मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन गए हुए हैं, जोकि यूक्रेन के मुख्य शहर पोलतावा, खारकिव, डॉल्फिन आदि में हैं। हालांकि अब उनकी ऑनलाइन कक्षाएं रहेंगी।
फ्लाइट का किराया लिया 60 हजार, आम दिनों में लगता है 25 से 30 हजार रुपये
विजय नगर निवासी एडवोकेट सौरभ पंडित ने बताया कि उनका बेटा 19 वर्षीय देव यूक्रेन के शहर खारकीव से एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। देव सितंबर 2021 में यूक्रेन गया था। वह बुधवार सुबह करीब चार बजे अपने घर पहुंचा। देव ने बताया कि यूक्रेन के कीव से करीब साढ़े सात घंटे का सफर करके वे नई दिल्ली पहुंचे। उनकी फ्लाइट करीब तीन घंटे लेट हो गई थी, जिसकी वजह से वह देरी से पहुंची है। सफर से दौरान उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। किराया करीब 60 हजार रुपये रहा। मगर आमदिनों में यह 25 से 30 हजार रुपये रहता है।
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सड़कें होने लगीं सुनसान, दुकानदारों ने सामान निकालना शुरू किया
देव ने बताया कि खरकीव में रहने वाले भारत के अन्य मेेडिकल स्टूडेंट ने भी वतन लौटाने की तैयारी कर ली है। सड़कें सुनसान होने लग गई हैं और शोरूम व दुकानों से मालिकों ने सामान निकालना शुरू कर दिया है। सभी अपने-अपने वतन लौटने की तैयारी कर रहे हैं। सड़कों पर वहां के सैनिक ही दिखाई दे रहे थे। एयरपोर्ट पर भी वही लोग थे जो अपने वतन लौट रहे थे, अन्य कोई भीड़ नहीं थी। वैक्सीन की तीसरी डोज नहीं लगवाने वालों की कोरोना जांच भी की। घर पहुंचने पर देव के चेहरे पर राहत भरी मुस्कान थी। देव के घर लौटाने पर उनके पिता एडवोकेट सौरभ पंडित, मां सारिका, दादा अशोक पंडित, दादी राज पंडित, चाचा गौरव, चाची सविता, चचेरे भाई ओमशिव, रुद्र खुश नजर आए।
विद्यार्थियों को दिए सामान पैक रखने के निर्देश
छोटूराम कॉलोनी निवासी पंचायती राज विभाग के अनुभाग अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि उनका बेटा केशव यूक्रेन के शहर खरकीव से एमबीबीएस तृतीय वर्ष का विद्यार्थी है। दूतावास की ओर से चार्टर फ्लाइट की व्यवस्था की हुई है, जिसके लिए 26 फरवरी की टिकट बुक करवाई हुई है। दूतावास और यूनिवर्सिटी की ओर से बुधवार को फिर से संदेश आया है कि सभी विद्यार्थी अपनी पैकिंग पूरी रखें। अगर हालत बिगड़ते है तो उनकी फ्लाइट पहले भी उड़ान भर सकती है। सभी की पढ़ाई ऑनलाइन ही रहेगी। राजेंद्र शर्मा ने बताया कि केशव के अलावा छोटूराम कॉलोनी से स्नेहा, मुस्कान और उसके दिल्ली निवासी रिश्तेदार की बेटी भी देश लौटेगी।
पोलतावा में स्थिति सामान्य
प्राचार्य सविता घणघस ने बताया कि उनकी बेटी नैना सिंह पोलतावा में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। नैना से उनकी बुधवार को वीडियो कॉल पर तीन बार बात हुई है। नैना सिंह ने बताया कि फिलहाल पोलतावा में स्थिति सामान्य है, जिसके कारण उनकी यूनिवर्सिटी भी खुली है, जिसमें ऑफलाइन कक्षाएं चल रही है। यूनिवर्सिटी की ओर से अगर कोई गाइडलाइन आती है तो वह भी वापस भारत आएगी।
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दूतावास के आगामी निर्देश आते ही वे यूक्रेन से भारत के लिए उड़ान भरेंगे। यूक्रेन में अचानक स्थिति बिगड़ने की वजह से फ्लाइट का भी किराया भी दोगुना हो गया। जिले से करीब 20 विद्यार्थी मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन गए हुए हैं, जोकि यूक्रेन के मुख्य शहर पोलतावा, खारकिव, डॉल्फिन आदि में हैं। हालांकि अब उनकी ऑनलाइन कक्षाएं रहेंगी।
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फ्लाइट का किराया लिया 60 हजार, आम दिनों में लगता है 25 से 30 हजार रुपये
विजय नगर निवासी एडवोकेट सौरभ पंडित ने बताया कि उनका बेटा 19 वर्षीय देव यूक्रेन के शहर खारकीव से एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। देव सितंबर 2021 में यूक्रेन गया था। वह बुधवार सुबह करीब चार बजे अपने घर पहुंचा। देव ने बताया कि यूक्रेन के कीव से करीब साढ़े सात घंटे का सफर करके वे नई दिल्ली पहुंचे। उनकी फ्लाइट करीब तीन घंटे लेट हो गई थी, जिसकी वजह से वह देरी से पहुंची है। सफर से दौरान उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। किराया करीब 60 हजार रुपये रहा। मगर आमदिनों में यह 25 से 30 हजार रुपये रहता है।
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सड़कें होने लगीं सुनसान, दुकानदारों ने सामान निकालना शुरू किया
देव ने बताया कि खरकीव में रहने वाले भारत के अन्य मेेडिकल स्टूडेंट ने भी वतन लौटाने की तैयारी कर ली है। सड़कें सुनसान होने लग गई हैं और शोरूम व दुकानों से मालिकों ने सामान निकालना शुरू कर दिया है। सभी अपने-अपने वतन लौटने की तैयारी कर रहे हैं। सड़कों पर वहां के सैनिक ही दिखाई दे रहे थे। एयरपोर्ट पर भी वही लोग थे जो अपने वतन लौट रहे थे, अन्य कोई भीड़ नहीं थी। वैक्सीन की तीसरी डोज नहीं लगवाने वालों की कोरोना जांच भी की। घर पहुंचने पर देव के चेहरे पर राहत भरी मुस्कान थी। देव के घर लौटाने पर उनके पिता एडवोकेट सौरभ पंडित, मां सारिका, दादा अशोक पंडित, दादी राज पंडित, चाचा गौरव, चाची सविता, चचेरे भाई ओमशिव, रुद्र खुश नजर आए।
विद्यार्थियों को दिए सामान पैक रखने के निर्देश
छोटूराम कॉलोनी निवासी पंचायती राज विभाग के अनुभाग अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि उनका बेटा केशव यूक्रेन के शहर खरकीव से एमबीबीएस तृतीय वर्ष का विद्यार्थी है। दूतावास की ओर से चार्टर फ्लाइट की व्यवस्था की हुई है, जिसके लिए 26 फरवरी की टिकट बुक करवाई हुई है। दूतावास और यूनिवर्सिटी की ओर से बुधवार को फिर से संदेश आया है कि सभी विद्यार्थी अपनी पैकिंग पूरी रखें। अगर हालत बिगड़ते है तो उनकी फ्लाइट पहले भी उड़ान भर सकती है। सभी की पढ़ाई ऑनलाइन ही रहेगी। राजेंद्र शर्मा ने बताया कि केशव के अलावा छोटूराम कॉलोनी से स्नेहा, मुस्कान और उसके दिल्ली निवासी रिश्तेदार की बेटी भी देश लौटेगी।
पोलतावा में स्थिति सामान्य
प्राचार्य सविता घणघस ने बताया कि उनकी बेटी नैना सिंह पोलतावा में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। नैना से उनकी बुधवार को वीडियो कॉल पर तीन बार बात हुई है। नैना सिंह ने बताया कि फिलहाल पोलतावा में स्थिति सामान्य है, जिसके कारण उनकी यूनिवर्सिटी भी खुली है, जिसमें ऑफलाइन कक्षाएं चल रही है। यूनिवर्सिटी की ओर से अगर कोई गाइडलाइन आती है तो वह भी वापस भारत आएगी।