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Bhiwani News: 27 दिन के हुए लघु चिड़ियाघर में शेरनी गीता के दो नन्हें शावक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 28 Oct 2023 10:35 PM IST
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Two small cubs of lioness Geeta in mini zoo turn 27 days old
चिड़ियाघर में बाड़े में बैठी शेरनी गीता।
भिवानी। भिवानी के लघु चिड़ियाघर में शेरनी गीता के दो नन्हें शावक रविवार को पूरे 27 दिन के हो गए हैं। दुनिया में आने के बाद अभी इनकी पूरी तरह से आंखें नहीं खुली हैं, हालांकि लघु चिड़ियाघर में आने वाले दर्शकों को इनके दीदार तीन माह बाद ही हो पाएंगे। फिलहाल वन्य प्राणी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लगातार गीता व उसके दो नन्हें शावकों की सेहत की निगरानी कर रहे हैं।
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डिलीवरी के बाद हुए हादसे ने एक नन्हें शावक की जान ले ली। यह हादसा गीता के पहले बच्चे को जन्म देने के दौरान ही हुआ था। इसमें गीता के शरीर का भारी भरकम वजन नवजात शावक पर पड़ा और वह मर गया। इसके बाद दो अन्य शावक भी दुनिया में आए, जो अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं। वन्य प्राणी विभाग हिसार मंडल के वन मंडल अधिकारी वीरेंद्र गोदारा ने दोनों शावकों के स्वस्थ होने की पुष्टि करते हुए हादसे के बारे में भी बताया।
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वन्य प्राणी विभाग की हिदायतों के अनुसार तीन माह तक शावक एक विशेष बाड़े के अंदर अपनी मां के साथ रहेंगे। इन्हें अभी खुले बाड़े में नहीं छोड़ा जाएगा। लघु चिड़ियाघर के कर्मचारी केवल भोजन देने के लिए ही शेरनी गीता के पास जाते हैं। सिर्फ एक कर्मचारी ही यहां स्पेशल तैनात है, क्योंकि शेरनी के नजदीक जाना इस समय बेहद संवेदनशील और खतरनाक होता है। इस दौरान अगर शेरनी ने अपने शावकों को दूध पिलाना छोड़ दिया तो उनका जीवन भी संकट में आ सकता है। फिलहाल कर्मचारी फूंक-फूंककर सावधानी से इसकी निगरानी कर पूरी सतर्कता बरत रहे हैं।
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गीता की यह पहली डिलीवरी है। भिवानी में पहली बार बब्बर शेर प्रजाति की नई पीढ़ी ने जन्म लिया है। इसके बाद इनकी आबादी फलफूलने की उम्मीद भी बढ़ी है। बब्बर शेर की पूरे देश में चुनिंदा संरक्षित प्रजातियां ही बची हैं।
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शिवा और सिंबा को भी अलग-अलग बाड़े में रखा
लघु चिड़ियाघर में बब्बर शेर शिवा और सिंबा को भी अलग-अलग बाड़े में रखा गया है। जबकि शेरनी गीता डिलीवरी से काफी पहले ही इन दोनों से अलग कर दी गई थी। गीता ने सिंबा से मिलने के बाद ये दो शावक जन्में हैं। जबकि शिवा के मिलन नहीं करने की वजह से ही सिंबा को एक जनवरी 2022 को इंदौर के चिड़ियाघर से यहां लाया गया था। जबकि शेरनी सुधा को यहां से रोहतक चिड़ियाघर में भेजा था।

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भिवानी के लघु चिड़ियाघर में मादा शेरनी गीता ने दो अक्तूबर को तीन शावकों को जन्म दिया था। उसके दो शावकों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। तीन माह तक शावकों को खुले बाड़े में नहीं लाया जाएगा। जन्म के दौरान हादसे में एक शावक की मौत हो गई है। कर्मचारियों को भी सतर्कता बरतने के संबंध में निर्देश दिए गए हैं। शेरनी और उसके दो शावक पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
-वीरेंद्र गोदारा डीएफओ, वन्य जीव जंतु प्राणी विभाग, हिसार।
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