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यज्ञ के महत्व के बारे में विद्यार्थियों को बताया
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सीबीएलयू में आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार रखते हरिद्वार के डॉ. विरल पटेल। विज्ञप्ति
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। सीबीएलयू के जूलॉजी विभाग की ओर यज्ञ के महत्व के बारे में कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में यज्ञ के महत्व के बारे में हरिद्वार की देव संस्कृति विश्वविद्यालय से डॉ. विरल पटेल ने विस्तार से विद्यार्थियों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार यज्ञ के महत्व को आधुनिक तकनीकी से प्रूफ करके बीमारियों का इलाज किया जाता है।
उन्होंने बताया कि गायत्री परिवार में अनेक आधुनिक प्रयोगशालाएं हैं। जहां पर यज्ञ से निकलने वाले कंपाउंड्स का जीसीएमएस से एनालिसिस किया गया और देखा कि उसमें कई ऐसे तत्व मौजूद है जो पर्यावरण के प्रदूषण को कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि किस प्रकार अलग-अलग हवन सामग्री और लकड़ियों के प्रयोग से डायबिटीज, कैंसर, एपिलेप्सी जैसे अन्य रोगों को ठीक किया गया है। कार्यक्रम में उन्होंने मरीजों के ऊपर यज्ञ के प्रभाव का डाटा प्रस्तुत किया। विभागाध्यक्ष प्रो. ललिता गुप्ता ने डॉ. पटेल का पौधा देकर स्वागत किया।
उन्होंने बताया कि डॉ. विरेल पटेल पुरानी पद्धतियों के ऊपर रिसर्च करते हुए उसे मॉडर्न साइंस से आगे ले जाने में प्रयत्नरत्त है। कार्यक्रम में जूलॉजी व माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विद्यार्थी, डॉ. सांगी, डॉ. पार्वती, डॉ. आशा, प्रीति, पुष्पलता उपस्थित रहे।
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उन्होंने बताया कि गायत्री परिवार में अनेक आधुनिक प्रयोगशालाएं हैं। जहां पर यज्ञ से निकलने वाले कंपाउंड्स का जीसीएमएस से एनालिसिस किया गया और देखा कि उसमें कई ऐसे तत्व मौजूद है जो पर्यावरण के प्रदूषण को कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि किस प्रकार अलग-अलग हवन सामग्री और लकड़ियों के प्रयोग से डायबिटीज, कैंसर, एपिलेप्सी जैसे अन्य रोगों को ठीक किया गया है। कार्यक्रम में उन्होंने मरीजों के ऊपर यज्ञ के प्रभाव का डाटा प्रस्तुत किया। विभागाध्यक्ष प्रो. ललिता गुप्ता ने डॉ. पटेल का पौधा देकर स्वागत किया।
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उन्होंने बताया कि डॉ. विरेल पटेल पुरानी पद्धतियों के ऊपर रिसर्च करते हुए उसे मॉडर्न साइंस से आगे ले जाने में प्रयत्नरत्त है। कार्यक्रम में जूलॉजी व माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विद्यार्थी, डॉ. सांगी, डॉ. पार्वती, डॉ. आशा, प्रीति, पुष्पलता उपस्थित रहे।
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