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Bhiwani News: ओलावृष्टि नुकसान भरपाई के लिए किसान 15 तक क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज करा सकेंगे ब्योरा

Sat, 09 Mar 2024 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Sat, 09 Mar 2024 11:59 PM IST
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To compensate for hailstorm damage, farmers will be able to register details on the compensation portal till 15
भिवानी। डीसी नरेश नरवाल ने कहा कि पिछले दिनों ओलावृष्टि से फसलों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार द्वारा क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया है। किसान अपनी फसल में हुए नुकसान को पोर्टल पर अपलोड करें। नुकसान को दर्ज करने की अंतिम तारीख 15 मार्च है। किसान की ओर से फसल के नुकसान को अपलोड करने के बाद कृषि विभाग द्वारा उसका सत्यापन करवाया जाएगा। उसके बाद नुकसान की भरपाई सरकार करेगी।
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उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों जिला के अनेक गांवों में किसानों की फसल ओलावृष्टि से प्रभावित हुई थी। इसी बीच कृषि एवं पशुपालन मंत्री जेपी दलाल ने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा था कि किसानों को फसलों में हुए नुकसान की भरपाई के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है। फसलों में हुए नुकसान की भरपाई प्रदेश सरकार करेगी।
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अब 21 फसलों पर मिलेगा मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना का लाभ

वहीं दूसरी ओर डीसी ने कहा है कि सरकार ने बागवानी को जोखिम मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना शुरू की है। उन्होंने किसानों से आह्वान करते हुए कहा है कि किसान अधिक से अधिक मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना का लाभ उठाएं। बागवानी विभाग की योजना के तहत किसानों की फसलों में प्रतिकूल मौसम व प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई की जाएगी। प्राकृतिक आपदाओं जैसे ओलावृष्टि, तापमान, पाला, जल कारक (बाढ़, बादल फटना, नहर / ड्रेन का टूटना, जलभराव), आंधी तूफान व आग जो फसल नुकसान का कारण बनते है, उन्हें इस योजना में शामिल किया जा रहा है। योजना के तहत 21 फसलों को शामिल किया है। इसमें 14 सब्जियां (टमाटर, प्याज, आलू, फूलगोभी, मटर, गाजर, भिंडी, घीया, करेला, बैंगन, हरी मिर्च, शिमला मिर्च, पत्ता गोभी, मूली), दो मसाले (हल्दी, लहसुन) और पांच फल (आम, किन्नू, बेर, अमरूद, लीची) शामिल है। योजना उन सभी किसानों के लिए वैकल्पिक तौर पर होगी जो मेरी फसल-मेरा ब्योरा के तहत पंजीकृत होंगे। योजना के तहत आश्वस्त राशि सब्जियों व फसलों के लिए 30 हजार रुपये प्रति एकड़ व फलों के लिए 40 हजार रुपये प्रति एकड़ का लाभ दिया जाता है। इसके लिए किसानों को योगदान आश्वस्त राशि का केवल 2.5 प्रतिशत होगा। जोकि सब्जियों में राशि 750 रुपये व फलों में राशि 1000 रुपये प्रति एकड़ से देय होगा। मुआवजा राशि को चार श्रेणी 25, 50, 75 व 100 फीसदी में बांटा गया है।
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नुकसान के हिसाब से मिलेगा मुआवजा
डीसी ने बताया कि 26 से 50 प्रतिशत के बीच फसल नुकसान की अवस्था में मुआवजा 50 प्रतिशत की दर से सब्जियों/मसालों के लिए 15 हजार रुपये व फलों के लिए 20 हजार रुपये, 51 प्रतिशत से 75 प्रतिशत के बीच नुकसान की अवस्था में मुआवजा 75 प्रतिशत की दर से सब्जियों/मसालों के लिए 22 हजार 500 रुपये व फलों के लिए 30 हजार रुपये तथा 75 प्रतिशत से अधिक नुकसान की अवस्था में मुआवजा 100 प्रतिशत की दर से सब्जियों/मसालों के लिए 30 हजार रुपये व फलों के लिए 40 हजार रुपये दिया जाएगा। मुआवजा राशि सर्वेक्षण पर आधारित होगी। योजना की निगरानी समीक्षा एवं विवादों का समाधान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत गठित राज्य स्तर व जिला स्तर की समितियों के माध्यम से किया जाएगा।
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