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सिंबा का चिडिय़ाघर में यू बीता पहला दिन: मादा गीता को देख हुए मोहित तो शिवा की तरफ दहाड़ा
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भिवानी। चौधरी सुरेंद्र सिंह मेमोरियल लघु चिड़ियाघर में इंदौर से लाया गया बब्बर शेर सिंबा का पहला दिन काफी सकारात्मक रहा। सिंबा ने पूरी खुराक ली। चिड़ियाघर प्रशासन ने सिंबा को पहले दिन 12 किलो खुराक दी। सोमवार को दिनभर सिंबा ने स्पेशल बाड़े के पिंजरे में आराम किया।
चौधरी सुरेंद्र सिंह मेमोरियल लघु चिड़ियाघर में सिंबा के स्पेशल बाड़े के पिंजरे के साथ ही मादा गीता का स्पेशल बाड़ा है। ऐसे में सिंबा का गीता के प्रति सकारात्मक रवैया चिड़ियाघर प्रशासन के लिए भी बड़ी राहत है। क्योंकि इससे उनकी नजदीकियां बढ़ेगी तो यहां पर बब्बर शेर का कुनबा भी बढ़ेगा और सैलानियों की संख्या में भी इजाफा होगा।
30 दिन तक होगी मॉनिटरिंग
वन्य निरीक्षक ज्योति कुमार ने बताया कि सिंबा को वे इंदौर से पसंद कर यहां लेकर आए हैं। उसके व्यवहार की लगातार 30 दिन तक नजदीकी से मॉनिटरिंग की जाएगी। फिलहाल सिंबा के प्रारंभिक मुलाकात में ही गीता से नजदीकी बढ़ाने के संकेत दिए हैं। ऐसा कई बार किया जाएगा। अगर सब कुछ ठीक रहा तो उसे निर्धारित अवधि के बाद मिलन के लिए भी एक साथ छोड़ा जाएगा। इसके बाद गीता और सिंबा का कुनबा यहां बढ़ सकेगा। फिलहाल दूसरे नर शेर शिवा की मौजूदगी भी यहां बनी रहेगी। उसे भी इन दोनों के साथ घुल मिल जाने के लिए इनके साथ छोड़कर देखा जाएगा। गीता और शिवा की मैटिंग नहीं हो पाई थी। इसी वजह से चिड़ियाघर प्रशासन को इंदौर से नया शेर सिंबा यहां लाना पड़ा।
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सिंबा को देखने के लिए चिड़ियाघर पहुंच रहे बच्चे
इनदिनों स्कूलों में शीतकालीन अवकाश घोषित हो चुके हैं। ऐसे में परिवार भी अपने बच्चों के साथ लघु चिड़ियाघर में नए शेर के दीदार के लिए पहुंच रहे हैं। फिलहाल चिड़ियाघर प्रशासन ने उसे दर्शकों से दूर अलग-थलग स्पेशल बाड़े में रखा है। उसे अभी खुले बाड़े में नहीं छोड़ा है। नए शेर के आने और छुट्टियों में भ्रमण को लेकर लघु चिड़ियाघर में भी चहल-पहल काफी बढ़ गई है।
सिंबा का पहला दिन लघु चिड़ियाघर में काफी अच्छा बीता है। उसने अपनी निर्धारित खुराक ली और ठीक से आराम किया। लंबे सफर की थकान मिटाने और सेहत को ध्यान में रखते हुए उसकी दो से तीन दिन मेडिसिन भी चलेंगी। उसे 30 दिन तक स्पेशल निगरानी में रखा जाएगा। उसका गीता के प्रति सकारात्मक रुख रहा है। इससे उम्मीद है कि उसे जिस मकसद ये यहां लाया गया था, वह जल्द पूरा होगा।
- वन्य निरीक्षक परमजीत सिंह, इंचार्ज चौ. सुरेंद्र सिंह मेमोरियल लघु चिड़ियाघर भिवानी।
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चौधरी सुरेंद्र सिंह मेमोरियल लघु चिड़ियाघर में सिंबा के स्पेशल बाड़े के पिंजरे के साथ ही मादा गीता का स्पेशल बाड़ा है। ऐसे में सिंबा का गीता के प्रति सकारात्मक रवैया चिड़ियाघर प्रशासन के लिए भी बड़ी राहत है। क्योंकि इससे उनकी नजदीकियां बढ़ेगी तो यहां पर बब्बर शेर का कुनबा भी बढ़ेगा और सैलानियों की संख्या में भी इजाफा होगा।
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30 दिन तक होगी मॉनिटरिंग
वन्य निरीक्षक ज्योति कुमार ने बताया कि सिंबा को वे इंदौर से पसंद कर यहां लेकर आए हैं। उसके व्यवहार की लगातार 30 दिन तक नजदीकी से मॉनिटरिंग की जाएगी। फिलहाल सिंबा के प्रारंभिक मुलाकात में ही गीता से नजदीकी बढ़ाने के संकेत दिए हैं। ऐसा कई बार किया जाएगा। अगर सब कुछ ठीक रहा तो उसे निर्धारित अवधि के बाद मिलन के लिए भी एक साथ छोड़ा जाएगा। इसके बाद गीता और सिंबा का कुनबा यहां बढ़ सकेगा। फिलहाल दूसरे नर शेर शिवा की मौजूदगी भी यहां बनी रहेगी। उसे भी इन दोनों के साथ घुल मिल जाने के लिए इनके साथ छोड़कर देखा जाएगा। गीता और शिवा की मैटिंग नहीं हो पाई थी। इसी वजह से चिड़ियाघर प्रशासन को इंदौर से नया शेर सिंबा यहां लाना पड़ा।
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सिंबा को देखने के लिए चिड़ियाघर पहुंच रहे बच्चे
इनदिनों स्कूलों में शीतकालीन अवकाश घोषित हो चुके हैं। ऐसे में परिवार भी अपने बच्चों के साथ लघु चिड़ियाघर में नए शेर के दीदार के लिए पहुंच रहे हैं। फिलहाल चिड़ियाघर प्रशासन ने उसे दर्शकों से दूर अलग-थलग स्पेशल बाड़े में रखा है। उसे अभी खुले बाड़े में नहीं छोड़ा है। नए शेर के आने और छुट्टियों में भ्रमण को लेकर लघु चिड़ियाघर में भी चहल-पहल काफी बढ़ गई है।
सिंबा का पहला दिन लघु चिड़ियाघर में काफी अच्छा बीता है। उसने अपनी निर्धारित खुराक ली और ठीक से आराम किया। लंबे सफर की थकान मिटाने और सेहत को ध्यान में रखते हुए उसकी दो से तीन दिन मेडिसिन भी चलेंगी। उसे 30 दिन तक स्पेशल निगरानी में रखा जाएगा। उसका गीता के प्रति सकारात्मक रुख रहा है। इससे उम्मीद है कि उसे जिस मकसद ये यहां लाया गया था, वह जल्द पूरा होगा।
- वन्य निरीक्षक परमजीत सिंह, इंचार्ज चौ. सुरेंद्र सिंह मेमोरियल लघु चिड़ियाघर भिवानी।