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Bhiwani News: रामकुमार हत्याकांड में तीन दोषियों को उम्रकैद, अदालत ने लगाया जुर्माना
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भिवानी। अलखपुरा निवासी रामकुमार हत्याकांड में एडिशनल सेशन जज भिवानी सुरुचि अटरेजा सिंह की अदालत ने मंगलवार को तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। न्यायालय ने दोषियों पर विभिन्न धाराओं के तहत जुर्माना भी लगाया है।
मामले में रामकुमार की पत्नी कमलेश निवासी गांव अलखपुरा ने थाना बवानीखेड़ा में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया गया था कि 19 फरवरी 2024 की सुबह उनकी पुत्रवधू गली में नाली साफ कर रही थी। इसी दौरान उनके रिश्तेदार पवन, रेवती और भतेरी ने पुत्रवधू के साथ मारपीट शुरू कर दी। पुत्रवधू को बचाने पहुंची कमलेश के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की। शोर सुनकर कमलेश के पति रामकुमार बीच-बचाव करने पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की।
घटना के बाद घायल अवस्था में परिवार के लोगों ने तीनों को जिला नागरिक अस्पताल भिवानी में भर्ती कराया। वहां से कमलेश और रामकुमार की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान 19 फरवरी 2024 को रामकुमार की मौत हो गई थी।
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शिकायत के आधार पर थाना बवानीखेड़ा पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में आरोपी पवन निवासी अलखपुरा, राजबाला उर्फ भतेरी पत्नी रामकिशन निवासी अलखपुरा और रेवती पत्नी पवन निवासी अलखपुरा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
ट्रायल के दौरान पुलिस की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों, सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी पवन, राजबाला उर्फ भतेरी और रेवती को धारा 302/34 भारतीय दंड संहिता के तहत उम्रकैद तथा 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 323/34 के तहत एक वर्ष कारावास व एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 341/34 के तहत एक वर्ष कारावास व एक हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 506/34 के तहत दो वर्ष कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस अधीक्षक भिवानी सुमित कुमार ने जिला पुलिस को निर्देश दिए हैं कि संगीन अपराधों में शामिल आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाए तथा ट्रायल के दौरान प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए ताकि पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके।
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मामले में रामकुमार की पत्नी कमलेश निवासी गांव अलखपुरा ने थाना बवानीखेड़ा में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया गया था कि 19 फरवरी 2024 की सुबह उनकी पुत्रवधू गली में नाली साफ कर रही थी। इसी दौरान उनके रिश्तेदार पवन, रेवती और भतेरी ने पुत्रवधू के साथ मारपीट शुरू कर दी। पुत्रवधू को बचाने पहुंची कमलेश के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की। शोर सुनकर कमलेश के पति रामकुमार बीच-बचाव करने पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की।
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घटना के बाद घायल अवस्था में परिवार के लोगों ने तीनों को जिला नागरिक अस्पताल भिवानी में भर्ती कराया। वहां से कमलेश और रामकुमार की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान 19 फरवरी 2024 को रामकुमार की मौत हो गई थी।
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शिकायत के आधार पर थाना बवानीखेड़ा पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में आरोपी पवन निवासी अलखपुरा, राजबाला उर्फ भतेरी पत्नी रामकिशन निवासी अलखपुरा और रेवती पत्नी पवन निवासी अलखपुरा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
ट्रायल के दौरान पुलिस की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों, सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी पवन, राजबाला उर्फ भतेरी और रेवती को धारा 302/34 भारतीय दंड संहिता के तहत उम्रकैद तथा 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 323/34 के तहत एक वर्ष कारावास व एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 341/34 के तहत एक वर्ष कारावास व एक हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 506/34 के तहत दो वर्ष कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस अधीक्षक भिवानी सुमित कुमार ने जिला पुलिस को निर्देश दिए हैं कि संगीन अपराधों में शामिल आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाए तथा ट्रायल के दौरान प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए ताकि पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके।