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Bhiwani News: दुल्हेंडी पर नहीं मिलेगी अतिरिक्त जलापूर्ति नहरी पानी की कमी से आधे ही भरे टैंक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 01 Mar 2026 01:27 AM IST
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There will be no additional water supply on Dussehra, as the tanks are only half full due to lack of canal water.
महम रोड पर ​स्थित जलघर का टैंक।
भिवानी। नहरी पानी की कमी के चलते इस बार होली और दुल्हेंडी पर शहर में अतिरिक्त जलापूर्ति नहीं की जाएगी। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने यह निर्णय लेते हुए शहरवासियों से जल बचाने के संकल्प के साथ होली मनाने की अपील की है। शहर के जलघरों को 16 दिन के बजाय इस बार केवल 12 दिन ही नहरी पानी मिल पाया है।
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इस बार चार दिन पहले ही नहरों में पानी का बहाव थम जाएगा जिसका सीधा असर शहर की पेयजल आपूर्ति पर पड़ेगा। चार दिन कम पानी मिलने के कारण जलघर के टैंक आधे ही भर पाए हैं। सिंचाई विभाग के नहरी शेड्यूल के अनुसार 18 फरवरी से नहरों में पानी छोड़ा गया था और दो मार्च तक नहरें चलनी हैं। सामान्यतः शहरी क्षेत्र के जलघर टैंकों को लगातार 16 दिनों तक नहरी पानी मिलता है लेकिन इस बार कम उपलब्धता के कारण चार दिन पहले ही नहरों में पानी रुक जाएगा।
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शहर के पुराने जलघर में नए टैंकों के अंदर केवल चार-चार फीट पानी का भंडारण हो पाया है। निनान जलघर के टैंकों में भी मात्र छह फीट तक पानी भरा गया है। डाबर कॉलोनी जलघर की स्थिति कुछ बेहतर है जहां 12 फीट गहरे टैंकों में आठ फीट तक पानी का भंडारण हुआ है। तीनों जलघरों के टैंक पूरी तरह भरने पर भी केवल 24 दिन पेयजल आपूर्ति संभव हो पाती है जबकि नहरों में 32 दिन बाद पानी आता है।
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ढाई लाख लोगों की प्यास बुझाना चुनौती

शहर के तीनों जलघरों में पानी का भंडारण बनाए रखना और नियमित आपूर्ति करना गर्मियों में बड़ी चुनौती बन जाता है। महम रोड स्थित जलघर की क्षमता 19 एमएलडी है जबकि निनान जलघर 20 एमएलडी क्षमता का है। डाबर कॉलोनी के आठ टैंक 29 एमएलडी भंडारण क्षमता रखते हैं। इन तीनों जलघरों के माध्यम से शहर की करीब ढाई लाख आबादी को पानी उपलब्ध कराया जाता है। गर्मियों में अक्सर लोगों को पानी की राशनिंग झेलनी पड़ती है। इस बार गर्मियों की शुरुआत में ही नहरों में कम पानी मिलने से संकट और गहरा गया है।



शहर में करीब 15 हजार नल बहा रहे व्यर्थ में जल

शहरी क्षेत्र में करीब 15 हजार ऐसे नल हैं जिनसे उपयोग किए जा रहे पानी का कोई बिल नहीं आता क्योंकि ये नल गली-मोहल्लों में लोगों द्वारा लगाए गए हैं। पेयजल आपूर्ति के दौरान इन नलों से पानी व्यर्थ बहता रहता है जिससे बर्बादी बढ़ रही है। इसके अलावा पेयजल लाइनों में लीकेज के कारण भी स्वच्छ पानी नष्ट हो रहा है। इसे रोकने के विभागीय प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं।






शहरवासियों को तीन और चार को होली व दुल्हेंडी पर अतिरिक्त पानी की आपूर्ति नहीं मिलेगी। फिलहाल नहरों में उम्मीद से काफी कम पानी मिला है। दो मार्च तक नहरों से जलघर टैंकों को भरने का प्रयास किया जा रहा है। शहरवासियों से भी अपील की जा रही है कि वे बिना पानी के होली का पर्व मनाएं। रंग-गुलाल लगाकर एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा करें। इस बीच हम सबको जल बचाने का संकल्प भी लेना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ जल मिलता रहे। -कपिल देव, कार्यकारी अभियंता, शहरी पेयजल शाखा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।
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