{"_id":"64d3d437a0261f361c06e256","slug":"there-will-be-an-investigation-into-the-case-of-marrying-a-minor-girl-brought-by-purchase-bhiwani-news-c-21-hsr1027-195549-2023-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: खरीद कर लाई गई नाबालिग लड़की से शादी रचाने के मामले की होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: खरीद कर लाई गई नाबालिग लड़की से शादी रचाने के मामले की होगी जांच
Wed, 09 Aug 2023 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 09 Aug 2023 11:30 PM IST
विज्ञापन
भिवानी। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के परिवार परामर्श केंद्र पर फोन मिलाकर मदद मांगने वाली 13 साल की नाबालिग लड़की के साथ जबरन शादी रचाने और उसे 80 हजार रुपये में खरीदकर लाने के मामले की अब जांच होगी। इसके लिए बाल कल्याण समिति की तरफ से संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी को पत्र लिखकर इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं, इस पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठे हैं।
इस मामले के प्रकाश में आने के बाद नाबालिग लड़की को बालिग दिखाकर उसे गुपचुप तरीके से दादी के साथ अलीगढ़ भेज दिया गया, जबकि इस मामले में नाबालिग लड़की के शैक्षणिक व जन्म के दस्तावेजों में उम्र भी अलग-अलग दर्शायी जा रही थी। कागजातों के साथ भी छेड़छाड़ किए जाने का शक खुद बाल कल्याण समिति सदस्य जता चुके थे, मगर फिर भी इस मामले में न कोई जांच हुई न किसी पर कोई कार्रवाई।
बाल कल्याण समिति की तरफ से संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि आठ अगस्त को बाल कल्याण समिति को ई-मेल के माध्यम से चाइल्ड हेल्प लाइन से शिकायत मिली थी। इसमें बताया गया था कि यूपी की एक लड़की तोशाम क्षेत्र के एक गांव में एक व्यक्ति के घर पर है। ये लड़की काम करने के लिए खरीदकर यहां लाई गई है।
विज्ञापन
बाल कल्याण समिति सदस्य राज्य अपराध शाखा की टीम के साथ गांव में पहुंची, जहां पता चला कि परिजन तोशाम पुलिस थाने में गए हुए हैं। इस दौरान वहां नाबालिग लड़की की दादी और अलीगढ़ परिवार परामर्श केंद्र में चित्रा सिंह से मिलीं। लड़की की दादी ने टीम को बताया कि उसकी पोती को उसकी सौतेली मां, पिता और चाचा ने 80 हजार रुपये में बेच दिया है। जबकि अलीगढ़ से आई चित्रा ने बताया कि नाबालिग ने खुद फोन कर उसे बताया था कि उसके परिजनों ने उसकी शादी तोशाम के एक गांव में कर दी है। उसका यहां शोषण किया जा रहा है।
बच्ची की दादी व स्कूल संचालिका द्वारा बताया गया कि उक्त मामले को पुलिस द्वारा दबाने की कोशिश की जा रही है। नाबालिग के जन्म प्रमाण पत्र के साथ छेड़छाड़ कर बालिग दिखाया जा रहा है। चित्रा ने बताया कि नाबालिग लड़की के स्कूल रिकॉर्ड के अनुसार उसकी जन्म तिथि पांच अक्तूबर 2010 है। बाल कल्याण समिति ने संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी को लिखे पत्र में यह भी बताया कि उनके संज्ञान में आया है कि नाबालिग लड़की को रातों रात उसके गृह जिले में दादी के साथ भेजा गया है। बाल कल्याण समिति ने पत्र के माध्यम से इस मामले में जांच कर जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कराए जाने का अनुरोध किया है।
इन सवालों का नहीं मिला कोई जवाब
नाबालिग लड़की के जन्म प्रमाणपत्र में फ्लूड व पेन से कटिंग किसने की ?
- नाबालिग के जन्म प्रमाणपत्र में कटिंग कर छेड़छाड़ स्पष्ट थी तो तोशाम पुलिस ने क्यों कार्रवाई नहीं की ?
- चाइल्ड लाइन हेल्प 1098 पर शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद भी नाबालिग लड़की को बिना किसी मजिस्ट्रेट बयान के गुपचुप तरीके से पुलिस ने दादी के साथ किस अधिकार से भेज दिया ?
- नाबालिग या फिर बालिग लड़की के संबंध में किसी भी अधिकृत अथॉरिटी से दस्तावेजों की कोई जांच पड़ताल नहीं की गई क्यों ?
- नाबालिग लड़की के स्कूल का रिकार्ड भी पुलिस को दिखाया, जिसमें उसके जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल रिकॉर्ड में स्पष्ट था कि ये 13 साल की है, फिर भी पुलिस ने न पॉक्सो एक्ट बनाया न जबरन शादी के बारे में किसी के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज की न कार्रवाई हुई क्यों?
- बाल कल्याण समिति के समक्ष भी लड़की को काउंसिलिंग के लिए नहीं पेश किया न कोई काउंसिलिंग कराई गई क्यों?
- यूपी की लड़की किस परिस्थिति में तोशाम क्षेत्र के गांव में रह रही थी, इसकी भी सही से जांच नहीं हुई क्यों या फिर मामला दबाया तो क्यों?
हमने बाल कल्याण समिति की तरफ से संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी को पत्र लिखा है। इसमें नाबालिग लड़की से शादी कर बाल विवाह किए जाने के मामले में जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया है। इस मामले में बाल कल्याण समिति के समक्ष लड़की के जन्म और स्कूल के शैक्षणिक दस्तावेज भी मौजूद हैं, जिन्हें भी जांच में शामिल किए जाने के लिए उपलब्ध कराया गया है। इस मामले में तोशाम पुलिस की भूमिका पूरी तरह से संदेहास्पद रही है। रातों रात लड़की को भी दादी के साथ बिना किसी मजिस्ट्रेट अनुमति के भेजा गया है।
- सतेंद्र सिंह तंवर, सदस्य बाल कल्याण समिति, भिवानी।
मेरे पास बाल कल्याण समिति से ईमेल के जरिये बाल विवाह से जुड़ी एक शिकायत आई है। इस मामले में मैंने संज्ञान लेते हुए तुरंत प्रभाव से तोशाम पुलिस से कार्रवाई के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। वहीं, पीड़ित पक्ष के परिजनों को भी अपने कार्यालय में तलब किए जाने के संबंध में सूचना भेजी है। अगर लड़की नाबालिग है तो उसकी शादी कर लाने और करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।
-बबीता चौधरी, संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी, भिवानी।
लड़की का पिता यहां काम करता था। लड़की ने अलीगढ़ फोन मिलाकर बताया कि वह यहां परेशान है। उसके परिजन थाने में आए थे, जिन्हें लड़की सौंप दी गई है।
- सुखबीर जाखड़, एसएचओ, तोशाम पुलिस थाना।
विज्ञापन
इस मामले के प्रकाश में आने के बाद नाबालिग लड़की को बालिग दिखाकर उसे गुपचुप तरीके से दादी के साथ अलीगढ़ भेज दिया गया, जबकि इस मामले में नाबालिग लड़की के शैक्षणिक व जन्म के दस्तावेजों में उम्र भी अलग-अलग दर्शायी जा रही थी। कागजातों के साथ भी छेड़छाड़ किए जाने का शक खुद बाल कल्याण समिति सदस्य जता चुके थे, मगर फिर भी इस मामले में न कोई जांच हुई न किसी पर कोई कार्रवाई।
विज्ञापन
बाल कल्याण समिति की तरफ से संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि आठ अगस्त को बाल कल्याण समिति को ई-मेल के माध्यम से चाइल्ड हेल्प लाइन से शिकायत मिली थी। इसमें बताया गया था कि यूपी की एक लड़की तोशाम क्षेत्र के एक गांव में एक व्यक्ति के घर पर है। ये लड़की काम करने के लिए खरीदकर यहां लाई गई है।
विज्ञापन
बाल कल्याण समिति सदस्य राज्य अपराध शाखा की टीम के साथ गांव में पहुंची, जहां पता चला कि परिजन तोशाम पुलिस थाने में गए हुए हैं। इस दौरान वहां नाबालिग लड़की की दादी और अलीगढ़ परिवार परामर्श केंद्र में चित्रा सिंह से मिलीं। लड़की की दादी ने टीम को बताया कि उसकी पोती को उसकी सौतेली मां, पिता और चाचा ने 80 हजार रुपये में बेच दिया है। जबकि अलीगढ़ से आई चित्रा ने बताया कि नाबालिग ने खुद फोन कर उसे बताया था कि उसके परिजनों ने उसकी शादी तोशाम के एक गांव में कर दी है। उसका यहां शोषण किया जा रहा है।
बच्ची की दादी व स्कूल संचालिका द्वारा बताया गया कि उक्त मामले को पुलिस द्वारा दबाने की कोशिश की जा रही है। नाबालिग के जन्म प्रमाण पत्र के साथ छेड़छाड़ कर बालिग दिखाया जा रहा है। चित्रा ने बताया कि नाबालिग लड़की के स्कूल रिकॉर्ड के अनुसार उसकी जन्म तिथि पांच अक्तूबर 2010 है। बाल कल्याण समिति ने संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी को लिखे पत्र में यह भी बताया कि उनके संज्ञान में आया है कि नाबालिग लड़की को रातों रात उसके गृह जिले में दादी के साथ भेजा गया है। बाल कल्याण समिति ने पत्र के माध्यम से इस मामले में जांच कर जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कराए जाने का अनुरोध किया है।
इन सवालों का नहीं मिला कोई जवाब
नाबालिग लड़की के जन्म प्रमाणपत्र में फ्लूड व पेन से कटिंग किसने की ?
- नाबालिग के जन्म प्रमाणपत्र में कटिंग कर छेड़छाड़ स्पष्ट थी तो तोशाम पुलिस ने क्यों कार्रवाई नहीं की ?
- चाइल्ड लाइन हेल्प 1098 पर शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद भी नाबालिग लड़की को बिना किसी मजिस्ट्रेट बयान के गुपचुप तरीके से पुलिस ने दादी के साथ किस अधिकार से भेज दिया ?
- नाबालिग या फिर बालिग लड़की के संबंध में किसी भी अधिकृत अथॉरिटी से दस्तावेजों की कोई जांच पड़ताल नहीं की गई क्यों ?
- नाबालिग लड़की के स्कूल का रिकार्ड भी पुलिस को दिखाया, जिसमें उसके जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल रिकॉर्ड में स्पष्ट था कि ये 13 साल की है, फिर भी पुलिस ने न पॉक्सो एक्ट बनाया न जबरन शादी के बारे में किसी के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज की न कार्रवाई हुई क्यों?
- बाल कल्याण समिति के समक्ष भी लड़की को काउंसिलिंग के लिए नहीं पेश किया न कोई काउंसिलिंग कराई गई क्यों?
- यूपी की लड़की किस परिस्थिति में तोशाम क्षेत्र के गांव में रह रही थी, इसकी भी सही से जांच नहीं हुई क्यों या फिर मामला दबाया तो क्यों?
हमने बाल कल्याण समिति की तरफ से संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी को पत्र लिखा है। इसमें नाबालिग लड़की से शादी कर बाल विवाह किए जाने के मामले में जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया है। इस मामले में बाल कल्याण समिति के समक्ष लड़की के जन्म और स्कूल के शैक्षणिक दस्तावेज भी मौजूद हैं, जिन्हें भी जांच में शामिल किए जाने के लिए उपलब्ध कराया गया है। इस मामले में तोशाम पुलिस की भूमिका पूरी तरह से संदेहास्पद रही है। रातों रात लड़की को भी दादी के साथ बिना किसी मजिस्ट्रेट अनुमति के भेजा गया है।
- सतेंद्र सिंह तंवर, सदस्य बाल कल्याण समिति, भिवानी।
मेरे पास बाल कल्याण समिति से ईमेल के जरिये बाल विवाह से जुड़ी एक शिकायत आई है। इस मामले में मैंने संज्ञान लेते हुए तुरंत प्रभाव से तोशाम पुलिस से कार्रवाई के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। वहीं, पीड़ित पक्ष के परिजनों को भी अपने कार्यालय में तलब किए जाने के संबंध में सूचना भेजी है। अगर लड़की नाबालिग है तो उसकी शादी कर लाने और करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।
-बबीता चौधरी, संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी, भिवानी।
लड़की का पिता यहां काम करता था। लड़की ने अलीगढ़ फोन मिलाकर बताया कि वह यहां परेशान है। उसके परिजन थाने में आए थे, जिन्हें लड़की सौंप दी गई है।
- सुखबीर जाखड़, एसएचओ, तोशाम पुलिस थाना।