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Bhiwani News: आधे शहर में नहीं सफाई का कोई प्रबंध, गंदगी से लग रहा स्वच्छता को ग्रहण

Wed, 18 Sep 2024 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Wed, 18 Sep 2024 11:50 PM IST
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There is no arrangement for cleanliness in half the city, cleanliness seems to be eclipsed by filth
भिवानी। आधे शहर में सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। इसकी एक वजह यह है कि नगर परिषद के सफाई कर्मचारी केवल चुनिंदा जगहों पर ही सफाई दायरे में सिमटे हैं। वहीं सरकुलर रोड की बाहरी कॉलोनियों की सफाई का ठेका पिछले कई सालों से फाइलों में अटका है। यही वजह है कि पूरा शहर साफ सुथरा बनाने के स्वच्छता अभियान को भी ग्रहण लग रहा है।
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शहर के अंदर कूड़ा प्वाइंट भी बेहिसाब बने हैं, इन्हें समेटने की नीति पर भी अभी तक कोई कारगर काम नहीं हुआ है। शहर की सफाई पर ही नगर परिषद करोड़ों का बजट खर्च कर रही है, जबकि इसके सकारात्मक नतीजे अभी तक नहीं मिल रहे हैं। स्वच्छता की रैंकिंग में भी भिवानी शहर लगातार पिछड़ रहा है।
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भिवानी शहर के अंदर 31 वार्डों में करीब ढाई लाख की आबादी रह रही है। भिवानी शहर से रोजाना ही करीब 100 टन कचरा निकल रहा है। लेकिन ये कचरा शहर के डंपिंग प्वाइंटों से डंपिंग साइट तक ही पहुंच रहा है। अगर शहर के सरकुलर रोड की बाहरी कॉलोनियों में गलियों व मुख्य मार्गों की साफ सफाई की करें तो नगर परिषद का कोई कर्मचारी वहां तक नहीं पहुंच रहा है।
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करीब पौने दो सौ सफाई कर्मचारी नगर परिषद में तैनात हैं, लेकिन ये सफाई कर्मचारी अधिकतर सरकारी संस्थानों और कुछ चुनिंदा जगहों तक ही सफाई के लिए सीमित हैं। शहर के कई हिस्से तो ऐसे हैं जहां आज तक कोई भी सफाई कर्मचारी नहीं पहुंचा है। नगर परिषद ने सरकुलर रोड से बाहरी दायरे की सफाई कर करीब 13 करोड़ का बजट खर्च संभावित रहेगा। लेकिन सफाई का ये मसौदा भी मुख्यालय में पिछले काफी अर्से से अधर में लटका है। मुख्यालय की कई बार दर्ज कराई गई आपत्ति भी दूर की जा चुकी है, बावजूद इसके इसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है।
सरकुलर रोड के बाहरी दायरे की अधिकृत कॉलोनियों में भी नगर परिषद के सफाई कर्मचारी नहीं पहुंच रहे हैं। ये कॉलोनियां कई दशकों पहले आबाद हो चुकी हैं, जिसमें सीवर-पानी और बिजली की लाइनें भी हैं, बावजूद यहां सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। किसी भी बाहरी कॉलोनी में न तो सफाई कर्मचारी तैनात है न ही कूड़ा उठान की कोई नियमित व्यवस्था है। नगर परिषद को चाहिए कि यहां नियमित रूप से सफाई कराई जाए अभी शहर साफ सुथरा बनेगा।
- अनिता देवी, पार्षद वार्ड 18
शहर की कई कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था चौपट है। लोग खुले में कूड़ा फेंक रहे हैं, जिसका सप्ताह भर तक उठान नहीं होता। बिना डंपिंग प्वाइंट के ही सड़कों किनारे खुले में कचरा फैला रहता है। जिससे शहर तो गंदा हो ही रहा है, पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। नगर परिषद ने घर-घर कूड़ा उठान की व्यवस्था की है, लेकिन ये व्यवस्था भी सीमित दायरे तक ही सिमटी है।
- रामरती निवासी शास्त्री नगर
शहर के मुख्य रास्तों के किनारे खुले में कूड़ा डाला जा रहा है। ये कचरा प्वाइंट रोजाना साफ होते हैं, लेकिन फिर भी दिनभर यहां गंदगी का ही आलम बना रहता है। आसपास के दुकानदार और नागरिक भी बदबू से बेहाल रहते हैं। नगर परिषद को चाहिए कि शहर से सभी डंपिंग प्वाइंटों को खत्म कर केवल टिप्पर-ऑटो से कूड़ा एकत्रित करने की व्यवस्था को मजबूत बनाए ताकि शहर में कहीं कूड़ा फैल ही न पाए और इसका हाथों हाथ निस्तारण हो जाए।

-गीता देवी, दिनोद रोड क्षेत्रवासी
नगर परिषद के सफाई कर्मचारी वीआईपी इलाकों में सफाई में लगे हैं। ऐसे में शहर की बाहरी दायरे की कॉलोनियों में कोई सफाई कर्मचारी नहीं आता है। शहर का सरकुलर रोड पर भी स्वीपिंग मशीन से सफाई कभी कभार ही होती है। यही वजह है कि शहर में जब बारिश होती है तो बरसाती चैनल कूड़े की वजह से रुक जाते हैं और पानी की निकासी भी नहीं हो पाती है। शहर साफ सुथरा रहेगा तो पानी की निकासी के चैनल भी साफ रहेंगे। शहर की सफाई की व्यवस्था के प्रति कोई कोताही नहीं होनी चाहिए।
-वर्षा देवी निवासी वार्ड 18
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