फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   The whole city will be supplied with rationing water for only 20 days from the water stored in the tanks

Bhiwani News: टैकों में जमा पानी से सिर्फ 20 दिन होगी पूरे शहर को राशनिंग कर पेयजल आपूर्ति

Mon, 27 Feb 2023 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Mon, 27 Feb 2023 11:50 PM IST
विज्ञापन
The whole city will be supplied with rationing water for only 20 days from the water stored in the tanks
महम रोड स्थित जलघर में बना टैंक।
भिवानी। नहरी पानी से शहर के तीन मुख्य जलघरों के टैंकों में सिर्फ 60 फीसदी भंडारण ही हो पाया है। इस पानी से राशनिंग के जरिये सिर्फ 20 दिन तक शहरवासियों की प्यास बुझ सकती है। इस लिहाज से शहरवासियों का मार्च का महीना भी गंभीर पेयजल संकट में ही गुजरेगा। वहीं, इस बार होली पर भी अतिरिक्त पानी की सप्लाई नहीं होगी।
विज्ञापन

सिंचाई विभाग के शेड्यूल के हिसाब से 42 दिन बाद नहर में पानी आएगा। इस बार एक सप्ताह के मुकाबले आठ दिन लगातार नहरी पानी मिला है। हालांकि नहरों में चार से पांच दिन तो डिमांड से काफी कम पानी पहुंचा। नतीजतन जलघर के टैंकों में भी पर्याप्त पानी का भंडारण नहीं हो पाया। भिवानी के निनान जलघर, डाबर कॉलोनी जलघर के अलावा महम रोड स्थित पुराने जलघर के टैंकों में मुश्किल से 50 से 60 फीसदी पानी का भंडारण ही हो पाया है।
विज्ञापन

एक बार टैंक पूरी क्षमता से भरे जाने पर 20 दिन तक शहर में पेयजल आपूर्ति नियमित हो पाती है। टैंकों के 60 फीसदी भंडारण के साथ एक दिन छोड़ एक दिन सप्लाई की जाय तो 20 दिन तक शहरवासियों की प्यास बुझ पाएगी। वहीं, गर्मी की शुरुआत के बाद पानी की आपूर्ति में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे शहर की कई बाहरी कॉलोनियों में एक माह से गंभीर जलसंकट गहराया हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अगर आपके इलाके में पेयजल संकट है तो हमें दें जानकारी
गर्मी के मौसम में शहर की कई कॉलोनी जलसंकट से घिर चुकी हैं। अगर आपके इलाके में पीने के पानी की समस्या है तो इस संबंध में हमें 9528032466 पर कॉल कर इसकी सूचना दें। हम आपकी आवाज को जिला प्रशासन तक पहुंचाएंगे।
अवैध कनेक्शनों और लीकेज से भी हो रही पानी की बर्बादी
शहर के अंदर करीब 45 हजार से अधिक अवैध पेयजल कनेक्शन हैं, जिन पर न तो पानी बचत के कोई मानक लगाए गए हैं न ही पानी की पाइप लाइन पर मीटर लगे हैं। इनसे सप्लाई के दौरान हजारों लीटर पानी भी बर्बाद हो रहा है। इसके अलावा शहर में कई जगह पानी की लाइन लीकेज हैं, जिससे भी पानी व्यर्थ में ही बहकर बर्बाद हो रहा है। इन दोनों ही समस्याओं के निराकरण के लिए भी जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के पास कोई ठोस कदम या नीति नहीं है।
रविवार दोपहर को ही बंद हो गया नहरों में पानी
सुंदर ग्रुप की नहरों में 2200 क्यूसेक पानी की डिमांड रखी गई थी। 16 फरवरी से एक हजार क्यूसेक पानी मोहला हेड पर पहुंचा। इससे अधिकतर नहर तो सिर्फ गीली ही हो पाई और पानी का बहाव भी नहीं बना। चार दिन बाद नहर में 1950 क्यूसेक पानी हो गया। 22 फरवरी के बाद तीन दिन के लिए नहरों में अतिरिक्त पानी भी चलाया। इसके बाद भी नहरी पानी से जलघरों की स्थिति बेहतर नहीं हो पाई। रविवार दोपहर से पहले ही नहरों में पानी बंद हो गया। अब नहरी शेड्यूल के हिसाब से 42 दिन बाद सुंदर ग्रुप की नहरों को फिर से पानी मिलेगा। यानी मार्च का महीने में सुंदर नहर को पानी नहीं मिलेगा।

नहरी पानी कम मिलने से शहर के तीनों ही जलघरों के टैंकों में 60 फीसदी पानी का भंडारण हो पाया है। गर्मी की शुरुआत हो गई है। शहर में राशनिंग के जरिये ही पानी की आपूर्ति मिल पाएगी। अगर जलघर टैंकों को अतिरिक्त नहरी पानी मिलता है तो फिर नियमित रूप से पेयजल आपूर्ति कराएंगे।
-सूरजप्रकाश जैन, एसडीओ शहरी पेयजल शाखा भिवानी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed