{"_id":"668ecb494ef078461a09bd9e","slug":"the-soul-of-any-educational-institution-is-its-students-prof-deepti-dharmani-bhiwani-news-c-125-1-bwn1002-119944-2024-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसी भी शिक्षण संस्थान की आत्मा उसके विद्यार्थी होते हैं : प्रो. दीप्ति धर्माणी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसी भी शिक्षण संस्थान की आत्मा उसके विद्यार्थी होते हैं : प्रो. दीप्ति धर्माणी
Wed, 10 Jul 2024 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 10 Jul 2024 11:26 PM IST
विज्ञापन
चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय में सात दिवसीय कार्यशाला के समापन समारोह में मौजूद कुलपति प्रो दीप्त
भिवानी। किसी भी शिक्षण संस्थान की आत्मा उसके विद्यार्थी होते हैं और शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक कर्मचारी उसकी रीढ़ होते हैं। कर्मचारी अपनी कार्य कुशलता एवं कार्य क्षमता के साथ संस्था हित में पूर्ण समर्पित भाव से कार्य करें।
यह बात कुलपति प्रो. दीप्ति धर्माणी ने विश्वविद्यालय में क्षमता निर्माण पर स्वामी विवेकानंद व्यक्तित्व विकास केंद्र के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय कार्यशाला के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि कर्म पर गीता में कहा गया कि मनुष्य को सकारात्मक भावना से निरंतर कर्मशील रहना चाहिए। कुलपति ने कहा कि इस तरह की कार्यशाला आयोजित करने से कर्मचारियों की कार्य क्षमता एवं कार्य कुशलता में वृद्धि होती है। बतौर वक्ता चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. लवलीन मोहन ने गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को वर्क प्लेस पर जेंडर सेंस्टाइजेशन पर विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि कार्य स्थल पर किसी भी महिला एवं पुरुष को असहजता महसूस नहीं होनी चाहिए। कर्मचारी परस्पर एक दूसरे का सम्मान एवं सहयोग करें। कुलसचिव डॉ. ऋतु सिंह ने सभी अतिथियों, कर्मचारियों का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। कन्वीनर डॉ मीरा बांबा ने सात दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। मंच का संचालन आयोजन सचिव डॉ. सोनिया ग्रोवर ने किया। इस अवसर पर डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो डीके मदान, प्रो. एसके कौशिक, प्रो. सुनीता भरतवाल, प्रो. सोनू मदान, प्रो. मयंक किंगर, डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. सुरेश मलिक, प्रो. वीके जैन, डॉ. राहुल त्रिपाठी, पीआरओ प्रभारी ऋषि शर्मा उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह बात कुलपति प्रो. दीप्ति धर्माणी ने विश्वविद्यालय में क्षमता निर्माण पर स्वामी विवेकानंद व्यक्तित्व विकास केंद्र के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय कार्यशाला के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि कर्म पर गीता में कहा गया कि मनुष्य को सकारात्मक भावना से निरंतर कर्मशील रहना चाहिए। कुलपति ने कहा कि इस तरह की कार्यशाला आयोजित करने से कर्मचारियों की कार्य क्षमता एवं कार्य कुशलता में वृद्धि होती है। बतौर वक्ता चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. लवलीन मोहन ने गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को वर्क प्लेस पर जेंडर सेंस्टाइजेशन पर विस्तृत जानकारी दी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि कार्य स्थल पर किसी भी महिला एवं पुरुष को असहजता महसूस नहीं होनी चाहिए। कर्मचारी परस्पर एक दूसरे का सम्मान एवं सहयोग करें। कुलसचिव डॉ. ऋतु सिंह ने सभी अतिथियों, कर्मचारियों का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। कन्वीनर डॉ मीरा बांबा ने सात दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। मंच का संचालन आयोजन सचिव डॉ. सोनिया ग्रोवर ने किया। इस अवसर पर डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो डीके मदान, प्रो. एसके कौशिक, प्रो. सुनीता भरतवाल, प्रो. सोनू मदान, प्रो. मयंक किंगर, डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. सुरेश मलिक, प्रो. वीके जैन, डॉ. राहुल त्रिपाठी, पीआरओ प्रभारी ऋषि शर्मा उपस्थित रहे।
विज्ञापन