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Bhiwani News: भाई को बचाने के लिए चीखती रहीं बहनें...कोई मदद के लिए नहीं आया
Thu, 26 Jun 2025 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 26 Jun 2025 12:52 AM IST
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जिला नागरिक अस्पताल परिसर में विलाप करते मृतक प्रदीप के परिजन।
बवानीखेड़ा। क्षेत्र के गांव अलखपुरा में मंगलवार रात मौत का तांडव हुआ। बहनें कविता और संतोष चीख-चीखकर भाई प्रदीप को बचाने की गुहार लगाती रहीं। वे पुलिस बुलाने के लिए पड़ोसियों से भी फोन करने की मिन्नतें करती रहीं, लेकिन कोई उनकी मदद का साहस नहीं दिखा पाया। खून से लथपथ प्रदीप को निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। उसके परिजनों ने पुलिस-प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। कविता और संतोष ने कहा- भाई की लाश के बदले दूसरी लाश चाहिए। उनका कहना था कि पति तो और मिल जाएंगे, लेकिन भाई नहीं मिलेगा।
कविता ने बताया कि ससुराल वाले उनके साथ तीन दिन से झगड़ा कर रहे थे। फोन पर मायके वालों को कहा जा रहा था कि तुम्हारी बेटियों व सामान को लेकर चले जाओ। हमने मना किया था कि यह घर का झगड़ा है, इसलिए आप मत आना। ससुराल वालों ने बार-बार फोन कर सगे भाई प्रदीप और चचेरे भाई मंगल को बुलाया। पंचायत से भी गुहार लगाई थी, लेकिन कोई मदद नहीं की।
चार भाई बहनों में छोटा था प्रदीप
प्रदीप के पिता संजय ने बताया कि उसकी चार संतानें हैं। इनमें दो बेटियां और दो बेटे हैं। प्रदीप सबसे छोटा था। संतोष के दो बेटे व एक बेटी है। वहीं छोटी बेटी कविता के दो बेटे हैं। शादी के बाद से ही ससुराल वाले बेटियों को प्रताड़ित करने लगे। मंगलवार को ससुराल वालों ने दोनों के साथ मारपीट की थी। इसी के चलते प्रदीप उन्हें लाने गया था। थाना प्रभारी शिवकुमार ने बताया कि मंगल की रिपोर्ट पर अलखपुरा निवासी संजय व राममेहर, चंद्र व उसका बेटा अमित और मदनपाल की बेटी व उसके पति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया किया है। वहीं, अलखपुरा निवासी मदनपाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई की मंगल, प्रदीप, राजेश निवासी पिंजोखरा व तीन-चार अन्य ने घर में घुसकर उन पर हमला कर दिया। उसको बुरी तरह पीटा और पत्नी को भी चोटें पहुंचाईं। पुलिस ने मंगल, राजेश व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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दहेज के लिए कर रहे थे प्रताड़ित
संतोष ने बताया कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज मांग रहे थे। कभी मोटरसाइकिल मांगते तो कभी कुछ। वे ताने मारते थे कि तेरे बाप ने कुछ नहीं दिया। कई बार मारपीट कर घर से निकाल देते थे। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो जब झगड़ा हुआ तो प्रदीप की बहनें मदद के लिए चिल्ला रही थीं। डायल 112 को सूचित किया गया, परंतु पुलिस के पहुंचने में देरी हुई। ऐसे में निजी वाहन से प्रदीप को अस्पताल पहुंचाया गया। समय रहते पुलिस सहायता मिल जाती तो प्रदीप की जान बच सकती थी।
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कविता ने बताया कि ससुराल वाले उनके साथ तीन दिन से झगड़ा कर रहे थे। फोन पर मायके वालों को कहा जा रहा था कि तुम्हारी बेटियों व सामान को लेकर चले जाओ। हमने मना किया था कि यह घर का झगड़ा है, इसलिए आप मत आना। ससुराल वालों ने बार-बार फोन कर सगे भाई प्रदीप और चचेरे भाई मंगल को बुलाया। पंचायत से भी गुहार लगाई थी, लेकिन कोई मदद नहीं की।
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चार भाई बहनों में छोटा था प्रदीप
प्रदीप के पिता संजय ने बताया कि उसकी चार संतानें हैं। इनमें दो बेटियां और दो बेटे हैं। प्रदीप सबसे छोटा था। संतोष के दो बेटे व एक बेटी है। वहीं छोटी बेटी कविता के दो बेटे हैं। शादी के बाद से ही ससुराल वाले बेटियों को प्रताड़ित करने लगे। मंगलवार को ससुराल वालों ने दोनों के साथ मारपीट की थी। इसी के चलते प्रदीप उन्हें लाने गया था। थाना प्रभारी शिवकुमार ने बताया कि मंगल की रिपोर्ट पर अलखपुरा निवासी संजय व राममेहर, चंद्र व उसका बेटा अमित और मदनपाल की बेटी व उसके पति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया किया है। वहीं, अलखपुरा निवासी मदनपाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई की मंगल, प्रदीप, राजेश निवासी पिंजोखरा व तीन-चार अन्य ने घर में घुसकर उन पर हमला कर दिया। उसको बुरी तरह पीटा और पत्नी को भी चोटें पहुंचाईं। पुलिस ने मंगल, राजेश व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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दहेज के लिए कर रहे थे प्रताड़ित
संतोष ने बताया कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज मांग रहे थे। कभी मोटरसाइकिल मांगते तो कभी कुछ। वे ताने मारते थे कि तेरे बाप ने कुछ नहीं दिया। कई बार मारपीट कर घर से निकाल देते थे। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो जब झगड़ा हुआ तो प्रदीप की बहनें मदद के लिए चिल्ला रही थीं। डायल 112 को सूचित किया गया, परंतु पुलिस के पहुंचने में देरी हुई। ऐसे में निजी वाहन से प्रदीप को अस्पताल पहुंचाया गया। समय रहते पुलिस सहायता मिल जाती तो प्रदीप की जान बच सकती थी।