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Bhiwani News: अहमदाबाद-मुंबई जैसे शहरों को जोड़ने के लिए अंग्रेजी हुकूमत में 1883 में बनी थी रेल लाइन

Wed, 14 Feb 2024 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Wed, 14 Feb 2024 11:20 PM IST
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The railway line was built in 1883 during the British rule to connect cities like Ahmedabad and Mumbai.
बवानीखेड़ा  पुराने रेलवे स्टेशन पर खड़ी अंग्रेजों के जमाने की  रेल।
बवानीखेड़ा। बवानीखेड़ा-मानहेरू रेलमार्ग के दोहरीकरण (31.50 किमी.) के लिए केंद्र सरकार ने बजट मंजूर कर दिया है। इसकी आधारशिला प्रधानमंत्री 16 फरवरी को रेवाड़ी में रखेंगे। इसके साथ इस रेलमार्ग का दोहरीकरण शुरू हो जाएगा। बवानीखेड़ा-मानहेरू रेलमार्ग हरियाणा के सबसे पुराने रेवाड़ी-बठिंडा रेलमार्ग का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत अंग्रेजी हुकूमत के शासनकाल के दौरान 1880 के दशक के दौरान हुई थी।
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कस्बे से होकर गुजरने वाली रेल लाइन दिल्ली से लेकर अहमदाबाद-मुंबई जैसे शहरों को भिवानी से जोड़ती है। वह सन् 1881 में बिछना शुरू हुई थी। साल 1883 तक रेवाड़ी-बठिंडा रेलमार्ग का निर्माण पूरा कर लिया गया था। इसी के साथ ही तब भिवानी शहर को रेल सेवा से जोड़ दिया गया था। वहीं बवानीखेड़ा रेलवे स्टेशन का निर्माण अंग्रेजी हुकूमत ने भिवानी रेलवे स्टेशन के निर्माण के लगभग एक साल बाद करवाया था।
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रेलवे स्टेशन निर्माण के बाद बवानीखेड़ा सीधे तौर पर रेवाड़ी और बठिंडा से जुड़ गया था। इसके बाद क्षेत्र के लोगों को रेवाड़ी से दिल्ली और फिर आगे कलकत्ता तक पहुंचना आसान हो गया था। वहीं दूसरी तरफ बठिंडा होते हुए रेलवे का सफर कराची (आज के पाकिस्तान में खत्म) होता था। लेकिन आजादी के बाद परिस्थितियां बदलीं और रेलवे का स्वरूप भी जिसके कारण पिछले सालों में तेजी से रेलवे सभी रेलमार्गों के दोहरीकरण का कार्य कर रहा है। रेवाड़ी से मानहेरू तक दोहरीकरण हो चुका है। वहीं अब मानहेरू-बवानीखेड़ा रेलमार्ग रेलमार्ग के दोहरीकरण की शुरुआत भी हो गई है।
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दूसरी तरफ इस रेलमार्ग पर विद्युतीकरण का काम पहले ही पुरा हो चुका है। 1900 से पहले कस्बे से होकर गुजरने वाली रेवाड़ी-बठिंडा रेलवे लाइन राजपुताना-मालवा रेलवे के अंदर आती थी और जिसको बाद में सेंट्रल इंडिया रेलवे के नाम से जाना जाने लगा। उस समय राजपुताना-मालवा रेलवे का रेलवे ट्रैक 1,000 मिमी यानी 3 फुट 3 इंच का होता था। इसे मीटर गेज रेलवे लाइन कहा जाता था। आज बवानीखेड़ा रेलवे स्टेशन को बने लगभग 139 साल से ज्यादा का समय हो चुका है। वर्तमान में यहां 20 रेलगाड़ियों का ठहराव सुनिश्चित किया गया है जो कस्बे के लोगों की पूरे देश भर में पहुंच बनाती है।
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