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Bhiwani News: बदलती जीवनशैली से महिलाओं में बढ़ रही पीसीओडी की समस्या, नेकीराम मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना आ रहे मरीजों में से एक तिहाई पीसीओडी ग्रस्त

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 13 Jun 2025 12:39 AM IST
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The problem of PCOD is increasing among women due to changing lifestyles; one-third of the patients coming daily to the OPD of Nehkiram Medical College are suffering from PCOD.
भिवानी। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्त्री रोग ओपीडी में पॉली सिस्टिक ओवरी डिजीज (पीसीओडी) से पीड़ित महिलाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कॉलेज में कार्यरत सहायक प्राध्यापक व स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका राठौड़ के अनुसार, हर दिन ओपीडी में औसतन 150 से 200 महिलाएं इलाज के लिए पहुंच रही हैं, जिनमें 40 से 50 मरीज पीसीओडी से प्रभावित होती हैं।
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डॉ. मोनिका ने बताया कि बदलती जीवनशैली और खानपान की आदतें इस बीमारी के प्रमुख कारण हैं। यह समस्या खासतौर पर 18 से 35 वर्ष की महिलाओं में देखी जा रही है, जिनमें अविवाहित लड़कियों की संख्या अधिक है। इन युवतियों में बीमारी को लेकर कई तरह की भ्रांतियां और भय भी देखे जाते हैं। ओपीडी में पीसीओडी के अलावा गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताएं, थायरॉइड, यूरिन इंफेक्शन जैसी समस्याएं भी आम हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच और सही उपचार से पीसीओडी को नियंत्रण में रखा जा सकता है।
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डॉ. मोनिका ने बताया कि ये बीमारी बदलती जीवनशैली, खानपान की वजह और मानसिक तनाव से होती है। इसमें डरने की जरूरत नहीं है। इसका इलाज संभव है। समय पर इलाज शुरू करवा कर समय से इस समस्या का निदान किया जा सकता है। पीसीओडी से प्रभावित महिलाएं दवा लेकर, नियमित योग कर और अपनी जीवनशैली में बदलाव कर इस परेशानी से निजात पा सकतीं हैं। पीसीओडी का इलाज सिस्ट (गांठ) के आकार और इस समस्या से प्रभावित महिला अपनी जीवनशैली में कितना बदलाव कर पाती है आदि तथ्यों पर निर्भर करता है। अगर समस्या लंबे समय से चल रही है तो एक से दो महीने में समस्या का इलाज किया जा सकता है, लेकिन अगर समस्या का समय से इलाज शुरू कर दिया जाए तो एक से दो सप्ताह में भी परिणाम मिलना शुरू हो जाता है।
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कैसे करें बचाव
मानसिक तनाव कम करें
योग को दैनिक दिनचर्या में शामिल करें
वजन को नियंत्रित करें
कैफीन युक्त खाद्य व पेय सामग्री से दूरी बनाएं
नमक कम मात्रा में खाएं
प्रोटीन युक्त भोजन का सेवन करें
समस्या को लंबा ना चलने दें
नजदीकी महिला चिकित्सक से परामर्श जरूर करें
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पीसीओडी के लक्षण
अनियमित माहवारी
वजन बढ़ना
दर्द भरा लंबा मासिक धर्म
चेहरे पर अनचाहे बाल
मुहांसे
त्वचा संबंधी रोग
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