{"_id":"68d9906acff45912d00170ad","slug":"the-joy-on-the-faces-of-the-elderly-was-evident-their-dream-of-becoming-literate-was-fulfilled-bhiwani-news-c-125-1-bwn1002-140403-2025-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: बुजुुर्गों के चेहरे पर दिखा उल्लास,\nसाक्षर बनने का सपना हुआ पूरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: बुजुुर्गों के चेहरे पर दिखा उल्लास, साक्षर बनने का सपना हुआ पूरा
Mon, 29 Sep 2025 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 29 Sep 2025 01:15 AM IST
विज्ञापन
बवानीखेड़ा में परीक्षा देते बुजुर्ग।
बवानीखेड़ा। कस्बे के वीर शहीद कपिल देव मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में रविवार को उल्लास परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा के लिए बवानीखेड़ा खंड में 27 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इन परीक्षा केंद्रों पर 604 से परीक्षार्थियों ने उल्लास परीक्षा दी है। उल्लास परीक्षा में कस्बे की 80 वर्षीय मूर्ति देवी भी शामिल हुई। मूर्ति ने अपने पोते के साथ परीक्षा दी।
दरअसल, उल्लास परीक्षा विशेष रूप से 15 वर्ष से अधिक आयु के उन लोगों के लिए रखी गई है, जिन्हें हाल ही में पढ़ना-लिखना सिखाया गया है। पेपर में परीक्षार्थियों से सरल प्रश्न पूछे गए, जो पहली और दूसरी कक्षा की किताबों पर आधारित थे। इस परीक्षा में ज्यादातर 70 वर्ष से लेकर 80 वर्ष तक के परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
परीक्षा का समय 3 घंटे रहा तथा 150 अंकों की परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा में भारत सरकार द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 के चलते 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए आयोजित करवाई गई। जिसमें महिला व पुरुष दोनों शामिल हैं। लोगों को साक्षर करना सरकार का मुख्य उद्देश्य है। पिछले तीन वर्षों से नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत परीक्षा आयोजित करवाई जा रही है। इसमें असाक्षरों को साक्षर बनाना है।
विज्ञापन
परीक्षा केंद्र के नोडल अधिकारी विजयपाल ने बताया कि भारत व राज्य सरकार के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्र में असाक्षरता को जड़ से मिटाकर साक्षर करके अनपढ़ता नामक बुराई को जड़ से मिटाना है। वर्ष 2025 व 26 में अधिक से अधिक असाक्षरों परीक्षार्थियों को पंजीकृत करके साक्षर करना उनका मिशन रहेगा। साक्षरता उल्लास का मुख्य उद्देश्य व्यक्तिगत सामुदायिक और सामाजिक स्तर पर शिक्षा के महत्व को रेखांकित करना है।
ब्लॉक समन्वयक मुकेश कुमार ने बताया कि असाक्षर व्यक्तियों को उल्लास कार्यक्रम के साथ जोड़कर उन्हें साक्षर करना ही उनका प्रमुख सामाजिक मिशन है।
इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य सत्यवान यादव, मास्टर रामनरेश कौशिक, विजय कुमार, हुनेश अग्रवाल, उमेश जांगड़ा, कृष्ण लाल, उमेद रंगा मौजूद था।
विज्ञापन
दरअसल, उल्लास परीक्षा विशेष रूप से 15 वर्ष से अधिक आयु के उन लोगों के लिए रखी गई है, जिन्हें हाल ही में पढ़ना-लिखना सिखाया गया है। पेपर में परीक्षार्थियों से सरल प्रश्न पूछे गए, जो पहली और दूसरी कक्षा की किताबों पर आधारित थे। इस परीक्षा में ज्यादातर 70 वर्ष से लेकर 80 वर्ष तक के परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
विज्ञापन
परीक्षा का समय 3 घंटे रहा तथा 150 अंकों की परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा में भारत सरकार द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 के चलते 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए आयोजित करवाई गई। जिसमें महिला व पुरुष दोनों शामिल हैं। लोगों को साक्षर करना सरकार का मुख्य उद्देश्य है। पिछले तीन वर्षों से नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत परीक्षा आयोजित करवाई जा रही है। इसमें असाक्षरों को साक्षर बनाना है।
विज्ञापन
परीक्षा केंद्र के नोडल अधिकारी विजयपाल ने बताया कि भारत व राज्य सरकार के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्र में असाक्षरता को जड़ से मिटाकर साक्षर करके अनपढ़ता नामक बुराई को जड़ से मिटाना है। वर्ष 2025 व 26 में अधिक से अधिक असाक्षरों परीक्षार्थियों को पंजीकृत करके साक्षर करना उनका मिशन रहेगा। साक्षरता उल्लास का मुख्य उद्देश्य व्यक्तिगत सामुदायिक और सामाजिक स्तर पर शिक्षा के महत्व को रेखांकित करना है।
ब्लॉक समन्वयक मुकेश कुमार ने बताया कि असाक्षर व्यक्तियों को उल्लास कार्यक्रम के साथ जोड़कर उन्हें साक्षर करना ही उनका प्रमुख सामाजिक मिशन है।
इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य सत्यवान यादव, मास्टर रामनरेश कौशिक, विजय कुमार, हुनेश अग्रवाल, उमेश जांगड़ा, कृष्ण लाल, उमेद रंगा मौजूद था।