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Bhiwani News: लू के थपेड़ों ने छीनी आंखों की नमी
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मेडिकल कॉलेज के दवा वितरण केंद्र पर मौजूद मरीज।
भिवानी। जिले में बढ़ती तपती धूप और गर्म हवाएं लोगों की आंखों की सेहत को प्रभावित कर रही हैं। तेज धूप और लू के कारण आंखों की नमी तेजी से सूख रही है जिससे खुजली, जलन, लालिमा और दर्द जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं। राजकीय नेत्र अस्पताल और पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में ड्राई आई सिंड्रोम की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में भी इजाफा दर्ज किया गया है।
राजकीय नेत्र अस्पताल में प्रतिदिन करीब 350 मरीज आंखों से संबंधित समस्याओं के उपचार के लिए पहुंच रहे हैं जबकि मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना 240 से 280 मरीज परामर्श ले रहे हैं। वातावरण में बढ़ती गर्मी, तेज धूप, गर्म हवाएं और प्रदूषण मिलकर आंखों को प्रभावित कर रहे हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों, बाहर काम करने वाले लोगों तथा दोपहर के समय घर से बाहर रहने वालों में यह समस्या अधिक देखी जा रही है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हरजीत ने बताया कि जब गर्म हवा आंखों के संपर्क में आती है तो आंसुओं की परत तेजी से सूखने लगती है। इसके कारण गर्मियों में आंखों की नमी कम हो जाती है और ड्राई आई सिंड्रोम व एलर्जी की समस्या बढ़ने लगती है। तेज धूप और लू के संपर्क में आने से आंखों की सतह प्रभावित होती है जिससे जलन और चुभन जैसी परेशानियां होती हैं।
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उन्होंने बताया कि कई मरीज चिकित्सकीय सलाह के बिना आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल कर लेते हैं जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। इसलिए आंखों से संबंधित किसी भी समस्या होने पर विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
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ऐसे करें आंखों का बचाव
आंखों को समय-समय पर ठंडे पानी से धोते रहें।
चिकित्सकीय सलाह के बिना किसी भी प्रकार की दवा या आई ड्रॉप का प्रयोग न करें।
धूप और गर्म हवाओं से बचाव के लिए सनग्लास का इस्तेमाल करें।
धूल भरी आंधी में बाहर जाने से बचें।
दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का शीशा बंद रखें।
आंखों में जलन या खुजली होने पर संक्रमित हाथों से उन्हें न मलें।
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राजकीय नेत्र अस्पताल में प्रतिदिन करीब 350 मरीज आंखों से संबंधित समस्याओं के उपचार के लिए पहुंच रहे हैं जबकि मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना 240 से 280 मरीज परामर्श ले रहे हैं। वातावरण में बढ़ती गर्मी, तेज धूप, गर्म हवाएं और प्रदूषण मिलकर आंखों को प्रभावित कर रहे हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों, बाहर काम करने वाले लोगों तथा दोपहर के समय घर से बाहर रहने वालों में यह समस्या अधिक देखी जा रही है।
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नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हरजीत ने बताया कि जब गर्म हवा आंखों के संपर्क में आती है तो आंसुओं की परत तेजी से सूखने लगती है। इसके कारण गर्मियों में आंखों की नमी कम हो जाती है और ड्राई आई सिंड्रोम व एलर्जी की समस्या बढ़ने लगती है। तेज धूप और लू के संपर्क में आने से आंखों की सतह प्रभावित होती है जिससे जलन और चुभन जैसी परेशानियां होती हैं।
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उन्होंने बताया कि कई मरीज चिकित्सकीय सलाह के बिना आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल कर लेते हैं जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। इसलिए आंखों से संबंधित किसी भी समस्या होने पर विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
ऐसे करें आंखों का बचाव
आंखों को समय-समय पर ठंडे पानी से धोते रहें।
चिकित्सकीय सलाह के बिना किसी भी प्रकार की दवा या आई ड्रॉप का प्रयोग न करें।
धूप और गर्म हवाओं से बचाव के लिए सनग्लास का इस्तेमाल करें।
धूल भरी आंधी में बाहर जाने से बचें।
दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का शीशा बंद रखें।
आंखों में जलन या खुजली होने पर संक्रमित हाथों से उन्हें न मलें।