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दिन में गर्मी तो रात को पड़ रही सर्दी से बच्चों में बढ़ा बीमारियों का खतरा
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भिवानी। लगातार तापमान हो रहे बदलाव के कारण बच्चे बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसमें मुख्य कारण दिन में गर्मी और अल सुबह व रात के समय सर्दी होना है। जिला नागरिक अस्पताल की शिशु रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में इन दिनों रोजाना 170 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इनमें अधिकतर को खांसी, जुकाम, बुखार, बदन दर्द की दिक्कतें हैं। चिकित्सक मरीजों को दवा के साथ ही एहतियात बरतने का परामर्श दे रहे हैं। अस्पताल में बच्चों के साथ उनके तिमारदार आ रहे हैं, जिसके कारण ओपीडी में काफी भीड़ लगी रहती है।
अचानक से हुआ मौसम में परिवर्तन बच्चों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रह है। यह शिशुओं के लिए और भी खतरनाक हो सकता है। शिशुओं में ब्रांकोलाइटिस और निमोनिया और डायरिया जैसी जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं हालांकि थोड़ी सावधानी रखकर इससे बच्चों को बचाया जा सकता है। अचानक ठंड और मौसम में नमी बढ़ने से छह माह तक के बच्चों में बीमारियों का खतरा अधिक बढ़ जाता है। सामान्य सर्दी और जुकाम भी बच्चों को अपनी चपेट में लेता है। इसके अलावा इस मौसम में कोहरे के कारण बड़े लोगों में भी सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सांस के मरीजों को भी सावधान रहने की आवश्यकता होती है।
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बदलते मौसम में बचाव सबसे आवश्यक है। खासकर छोटे बच्चों और नवजात शिशुओं को हर समय गर्म कपड़ों में लपेट कर रखना चाहिए। ध्यान रखें नवजात को अधिक बार नहलाएं नहीं बल्कि यदि आवश्यक हो तो गर्म पानी में हल्का कपड़ा भिगोकर शरीर पोछ दें। बच्चों को ऐसे कमरे में रखें जहां वातावरण गर्म हो शीलन न हो। आइसक्रीम और ठंडी चीजें खाने को न दें।
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- डॉ. रिटा सिसोदिया, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला नागरिक अस्पताल।
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अचानक से हुआ मौसम में परिवर्तन बच्चों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रह है। यह शिशुओं के लिए और भी खतरनाक हो सकता है। शिशुओं में ब्रांकोलाइटिस और निमोनिया और डायरिया जैसी जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं हालांकि थोड़ी सावधानी रखकर इससे बच्चों को बचाया जा सकता है। अचानक ठंड और मौसम में नमी बढ़ने से छह माह तक के बच्चों में बीमारियों का खतरा अधिक बढ़ जाता है। सामान्य सर्दी और जुकाम भी बच्चों को अपनी चपेट में लेता है। इसके अलावा इस मौसम में कोहरे के कारण बड़े लोगों में भी सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सांस के मरीजों को भी सावधान रहने की आवश्यकता होती है।
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बदलते मौसम में बचाव सबसे आवश्यक है। खासकर छोटे बच्चों और नवजात शिशुओं को हर समय गर्म कपड़ों में लपेट कर रखना चाहिए। ध्यान रखें नवजात को अधिक बार नहलाएं नहीं बल्कि यदि आवश्यक हो तो गर्म पानी में हल्का कपड़ा भिगोकर शरीर पोछ दें। बच्चों को ऐसे कमरे में रखें जहां वातावरण गर्म हो शीलन न हो। आइसक्रीम और ठंडी चीजें खाने को न दें।
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- डॉ. रिटा सिसोदिया, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला नागरिक अस्पताल।