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Bhiwani News: फानों में आग की आंच में सुलग रही वन विभाग की हरियाली
Tue, 07 May 2024 11:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 07 May 2024 11:03 PM IST
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भिवानी। खेतों में सुलगते फानों की वजह से सड़क किनारे लगे नंबरी पेड़ भी आग की भेंट चढ़ रहे हैं। आग के कारण हरे-भरे पेड़ टूटकर गिर रहे हैं। इस कारण वन विभाग के नंबरी पेड़ों और पर्यावरण को भी भारी नुकसान हो रहा है।
भिवानी-जींद एनएच-48बी पर गांव तिगड़ाना के खेतों में खड़े फानों में आग लगने के बाद सड़क किनारे खड़े हरे पेड़ों तक इसकी आंच आ गई है। पिछले करीब 10 से 12 घंटे तक पेड़ सुलग रहे हैं। इससे सड़क के दोनों ओर हरियाली के लिए लगाए पेड़ों को नुकसान हो रहा है। वन विभाग आंखें बंद करके बैठा है। सुलगते पेड़ों की तरफ विभाग का कोई ध्यान नहीं है। खेतों में फसल कटाई के बाद बचे अवशेषों में आग लगाने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। जिला प्रशासन ने फसल अवशेष जलाने पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगाई हुई है। इन जलते फसल अवशेषों के कारण सड़क किनारे वन विभाग द्वारा लगाए गए नंबरी पेड़ भी झुलस रहे हैं। लेकिन जलते पेड़ों की तरफ ध्यान देने वाला कोई नहीं है। सड़क किनारे वन विभाग की इस संपत्ति को न केवल नुकसान हो रहा है बल्कि पर्यावरण में भारी मात्रा में प्रदूषण भी हो रहा है। पिछले कुछ दिनों में ही जिले का एक्यूआई भी बढ़ गया है। जिला दमकल विभाग की गाड़ियां भी फानों में लगी आग को बुझाकर चली जाती हैं, लेकिन धीरे-धीरे खेतों में सुलग रही आग की आंच सड़क किनारे खड़ी वन संपदा तक पहुंच गई है। जिससे पेड़ों की जड़ व तने तक ये पेड़ झुलस कर गिरने के कगार पर पहुंच गए हैं। अभी तक न तो वन विभाग के अधिकारी इनकी हालत देखने पहुंचे हैं न ही प्रशासन ने कोई संज्ञान लिया है।
सड़क किनारे लगे पेड़ों में आग लगाने पर एफआईआर का प्रावधान है। पेड़ की वैल्यू के हिसाब से आग लगाने वाले व्यक्ति पर जुर्माना लगाया जाता है। फिलहाल ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं हैं। यदि ऐसा है तो पता लगाकर संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई की जाएगी।
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- दीपक यादव, रेंज ऑफिसर, वन विभाग भिवानी।
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भिवानी-जींद एनएच-48बी पर गांव तिगड़ाना के खेतों में खड़े फानों में आग लगने के बाद सड़क किनारे खड़े हरे पेड़ों तक इसकी आंच आ गई है। पिछले करीब 10 से 12 घंटे तक पेड़ सुलग रहे हैं। इससे सड़क के दोनों ओर हरियाली के लिए लगाए पेड़ों को नुकसान हो रहा है। वन विभाग आंखें बंद करके बैठा है। सुलगते पेड़ों की तरफ विभाग का कोई ध्यान नहीं है। खेतों में फसल कटाई के बाद बचे अवशेषों में आग लगाने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। जिला प्रशासन ने फसल अवशेष जलाने पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगाई हुई है। इन जलते फसल अवशेषों के कारण सड़क किनारे वन विभाग द्वारा लगाए गए नंबरी पेड़ भी झुलस रहे हैं। लेकिन जलते पेड़ों की तरफ ध्यान देने वाला कोई नहीं है। सड़क किनारे वन विभाग की इस संपत्ति को न केवल नुकसान हो रहा है बल्कि पर्यावरण में भारी मात्रा में प्रदूषण भी हो रहा है। पिछले कुछ दिनों में ही जिले का एक्यूआई भी बढ़ गया है। जिला दमकल विभाग की गाड़ियां भी फानों में लगी आग को बुझाकर चली जाती हैं, लेकिन धीरे-धीरे खेतों में सुलग रही आग की आंच सड़क किनारे खड़ी वन संपदा तक पहुंच गई है। जिससे पेड़ों की जड़ व तने तक ये पेड़ झुलस कर गिरने के कगार पर पहुंच गए हैं। अभी तक न तो वन विभाग के अधिकारी इनकी हालत देखने पहुंचे हैं न ही प्रशासन ने कोई संज्ञान लिया है।
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सड़क किनारे लगे पेड़ों में आग लगाने पर एफआईआर का प्रावधान है। पेड़ की वैल्यू के हिसाब से आग लगाने वाले व्यक्ति पर जुर्माना लगाया जाता है। फिलहाल ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं हैं। यदि ऐसा है तो पता लगाकर संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई की जाएगी।
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- दीपक यादव, रेंज ऑफिसर, वन विभाग भिवानी।