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Bhiwani News: फसलों का फर्जी रजिस्ट्रेशन का फिर शुरू हुआ खेल
Mon, 31 Jul 2023 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 31 Jul 2023 11:17 PM IST
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भिवानी। भावांतर भरपाई के बाद अब मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर भी किसानों की फसलों का फर्जी रजिस्ट्रेशन के मामले सामने आने लगे हैं। जिले में एक फर्जी रजिस्ट्रेशन पर किसान ने धोखाधड़ी का केस भी दर्ज कराया है। वहीं कई किसानों की भूमि के फर्जी रजिस्ट्रेशन के मामले भी सामने आए हैं।
इसको लेकर कृषि विभाग ने अभी तक कोई सबक नहीं लिया है। न ही पोर्टल में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए कोई बदलाव हुआ है। भिवानी जिले में अब तक करीब 65 हजार किसान अपनी फसलों का रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।
भिवानी जिले मेें सरकार को अपनी फसल बेचने के लिए किसानों के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य किया हुआ है। सीएससी सेंटर के माध्यम से किसान अपनी फसलों का रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। विभाग ने 17 अगस्त तक फसल रजिस्ट्रेशन की मियाद भी बढ़ा दी है। कृषि विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो करीब छह लाख 90 हजार एकड़ भूमि कृषि योग्य है। इसमें से अब तक करीब 65 हजार किसानों ने साढ़े तीन लाख एकड़ भूमि पर फसल का रजिस्ट्रेशन दर्ज करा दिया है। जबकि फसल रजिस्ट्रेशन अभी भी चल रहा है।
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कृषि विभाग के अनुसार अब तक 55 फीसदी किसान अपनी फसलों का रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर दर्ज करा चुके हैं। हालांकि कुछ किसानों ने लेट बिजाई के बाद अपनी फसल का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। ये किसान भी जल्द रजिस्ट्रेशन कराएंगे।
अहम सवाल यह है कि फसल रजिस्ट्रेशन में पोर्टल पर बड़ा फर्जीवाड़ा पिछले कुछ सालों में सामने आया है। सिवानी क्षेत्र के करीब 150 से अधिक किसानों तो संबंधित पुलिस थानों में फर्जी रजिस्ट्रेशन कराकर भावांतर योजना की भरपाई का अनुचित लाभ लेने का मामला स्टेट विजिलेंस की टीम के समक्ष है। मगर इसके बावजूद फसल रजिस्ट्रेशन के दौरान ये फर्जीवाड़ा रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
उमरावत के किसान की शिकायत पर दर्ज हुई है फर्जी रजिस्ट्रेशन मामले में एफआईआर
गांव उमरावत निवासी किसान कृष्ण कुमार और उसके भाई रमेश कुमार ने एसपी को शिकायत देकर उनकी भूमि का तीन अनजान महिलाओं द्वारा फर्जी रजिस्ट्रेशन कराए जाने की शिकायत दी थी। शिकायत में किसान का कहना था कि उनकी भूमि पर कोई काश्तकार या बटाईदार भी नहीं है। उनकी गांव में 223 कनाल 11 मरले कृषि भूमि पर तीन महिलाओं के नाम से फर्जी फसल रजिस्ट्रेशन दर्ज कराया गया है। इन महिलाओं का उनकी कृषि भूमि से कोई लेना-देना ही नहीं है। सदर पुलिस ने किसान भाईयों की शिकायत पर सीमा, मोनालिका व सुमन देवी नामक तीन महिलाओं के खिलाफ धोखाधड़ी का केस भी दर्ज किया है। जिसकी जांच अभी चल रही है।
किसानों की फसलों के रजिस्ट्रेशन के लिए मेरी फसल मेरा पोर्टल पर 17 अगस्त तक किसानों को रजिस्ट्रेशन की मियाद बढ़ाई गई है। अब तक जिले के 55 फीसदी किसान अपनी फसलों का रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। हमने फर्जी रजिस्ट्रेशन के संबंध में उच्चाधिकारियों को लिखा हुआ है। पोर्टल में कुछ सुरक्षा फीचर्स बदलने के बाद ही इस तरह का फर्जीवाड़ा रुक सकता है। क्योंकि अधिकांश किसानों के साझे खाते होते हैं, जिसमें यह दिक्कतें आ रही हैं।
-डॉ. आत्माराम गोदारा, कृषि उपनिदेशक भिवानी।
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इसको लेकर कृषि विभाग ने अभी तक कोई सबक नहीं लिया है। न ही पोर्टल में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए कोई बदलाव हुआ है। भिवानी जिले में अब तक करीब 65 हजार किसान अपनी फसलों का रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।
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भिवानी जिले मेें सरकार को अपनी फसल बेचने के लिए किसानों के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य किया हुआ है। सीएससी सेंटर के माध्यम से किसान अपनी फसलों का रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। विभाग ने 17 अगस्त तक फसल रजिस्ट्रेशन की मियाद भी बढ़ा दी है। कृषि विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो करीब छह लाख 90 हजार एकड़ भूमि कृषि योग्य है। इसमें से अब तक करीब 65 हजार किसानों ने साढ़े तीन लाख एकड़ भूमि पर फसल का रजिस्ट्रेशन दर्ज करा दिया है। जबकि फसल रजिस्ट्रेशन अभी भी चल रहा है।
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कृषि विभाग के अनुसार अब तक 55 फीसदी किसान अपनी फसलों का रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर दर्ज करा चुके हैं। हालांकि कुछ किसानों ने लेट बिजाई के बाद अपनी फसल का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। ये किसान भी जल्द रजिस्ट्रेशन कराएंगे।
अहम सवाल यह है कि फसल रजिस्ट्रेशन में पोर्टल पर बड़ा फर्जीवाड़ा पिछले कुछ सालों में सामने आया है। सिवानी क्षेत्र के करीब 150 से अधिक किसानों तो संबंधित पुलिस थानों में फर्जी रजिस्ट्रेशन कराकर भावांतर योजना की भरपाई का अनुचित लाभ लेने का मामला स्टेट विजिलेंस की टीम के समक्ष है। मगर इसके बावजूद फसल रजिस्ट्रेशन के दौरान ये फर्जीवाड़ा रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
उमरावत के किसान की शिकायत पर दर्ज हुई है फर्जी रजिस्ट्रेशन मामले में एफआईआर
गांव उमरावत निवासी किसान कृष्ण कुमार और उसके भाई रमेश कुमार ने एसपी को शिकायत देकर उनकी भूमि का तीन अनजान महिलाओं द्वारा फर्जी रजिस्ट्रेशन कराए जाने की शिकायत दी थी। शिकायत में किसान का कहना था कि उनकी भूमि पर कोई काश्तकार या बटाईदार भी नहीं है। उनकी गांव में 223 कनाल 11 मरले कृषि भूमि पर तीन महिलाओं के नाम से फर्जी फसल रजिस्ट्रेशन दर्ज कराया गया है। इन महिलाओं का उनकी कृषि भूमि से कोई लेना-देना ही नहीं है। सदर पुलिस ने किसान भाईयों की शिकायत पर सीमा, मोनालिका व सुमन देवी नामक तीन महिलाओं के खिलाफ धोखाधड़ी का केस भी दर्ज किया है। जिसकी जांच अभी चल रही है।
किसानों की फसलों के रजिस्ट्रेशन के लिए मेरी फसल मेरा पोर्टल पर 17 अगस्त तक किसानों को रजिस्ट्रेशन की मियाद बढ़ाई गई है। अब तक जिले के 55 फीसदी किसान अपनी फसलों का रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। हमने फर्जी रजिस्ट्रेशन के संबंध में उच्चाधिकारियों को लिखा हुआ है। पोर्टल में कुछ सुरक्षा फीचर्स बदलने के बाद ही इस तरह का फर्जीवाड़ा रुक सकता है। क्योंकि अधिकांश किसानों के साझे खाते होते हैं, जिसमें यह दिक्कतें आ रही हैं।
-डॉ. आत्माराम गोदारा, कृषि उपनिदेशक भिवानी।