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Bhiwani News: सायरन बजते ही सतर्क हो गया आपातकालीन अमला, घायलों को अस्पताल पहुंचाने और आग बुझाने दौड़ीं दमकल गाड़ियां

Wed, 07 May 2025 11:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Wed, 07 May 2025 11:13 PM IST
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The emergency staff became alert as soon as the siren sounded
मॉक ड्रिल के दौरान गांव जूई में बंद बाजार। 
भिवानी। सायरन की आवाज सुनाई देने के मात्र तीन से चार मिनट के अंदर ही भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड प्रेमनगर में शाम चार बजे आपातकालीन अमला पूरी तरह से अलर्ट होकर घायलों को अस्पताल पहुंचाने जुट गया। आग की लपटों पर काबू पाने के लिए दमकल की गाड़ियां भी दौड़ पड़ीं। देखते ही देखते चारों तरफ अंधेरा छा गया।
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घबराने की जरूरत नहीं यह महज मॉक ड्रिल का हिस्सा है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक से कार्रवाई की है। इसे अनेक आतंकवादी ठिकाने खाक में मिल गए। इसी कड़ी में किसी भी आपात स्थिति में हालात का सामना करने और जागरूकता को लेकर जिला मुख्यालय पर मॉक ड्रिल की गई।
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मॉक ड्रिल के दौरान चिकित्सा और फायर ब्रिगेड आवश्यक सेवाओं को चेक किया गया। मॉक ड्रिल की शुरुआत सायरन से की गई। सायरन बजते ही सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और जरूरी सेवाओं पर नियुक्त कर्मचारी अलर्ट हुए। इस दौरान डीसी महावीर कौशिक, पुलिस अधीक्षक मनबीर सिंह, एसडीएम महेश कुमार और नगराधीश अनिल कुमार भी मौजूद रहे।
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किसी हमले की आशंका से बचाव का सांकेतिक अभ्यास

मॉक ड्रिल के माध्यम से किसी प्रकार के हमले की आशंका में आपातकालीन स्थिति में बचाव का सांकेतिक अभ्यास किया गया। इसके साथ ही संभावित घटना स्थल से घायलों को अस्पताल तक जल्द ले जाने के सही रास्तों की पहचान की गई। मॉक ड्रिल में फायर ब्रिगेड, चिकित्सा विभाग, एनसीसी वालंटियर और रेड क्रॉस के वालंटियर विशेष रूप से शामिल हुए और आपात की स्थिति में अपनी सेवाएं देने का अभ्यास किया।
20 मिनट तक रही ब्लैक आउट की स्थिति, छा गया पूरे जिले में अंधेरा



मॉक ड्रिल के दौरान बुधवार शाम सात बजकर 50 मिनट से आठ बजकर 10 मिनट तक पूरे जिले में ब्लैक आउट से अंधेरा छा गया। इस दौरान लोगों ने भी घरों की लाइटें भी बंद कर दी। वहीं इन्वेंटर भी बंद कर दिए। इस दौरान घरों के खिड़की और दरवाजों को भी पूरी तरह से बंद कर ब्लैक आउट में सांकेतिक अभ्यास में लोगों ने पूरा सहयोग किया। लेकिन इस दौरान कई हिस्सों की लाइट जलती रही। शहर का बाजार भी ब्लैक आउट से बाहर रखा गया। क्योंकि प्रशासन ने पहले ही हिदायतें दी थी सुरक्षा की दृष्टि से इस हिस्से में अभी ब्लैक आउट नहीं रहेगा।

आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं : डीसी

मॉक ड्रिल से पहले उपायुक्त महाबीर कौशिक ने पत्रकारों को संबोधित कर नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि कहा कि आमजन को किसी प्रकार से घबराने की जरूरत नहीं है। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य सभी आपातकालीन सेवाओं की जांच व गुणवत्ता की परख करना था। यह सिर्फ एक जागरूकता कार्यक्रम था।

जिले के आमजन किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। नागरिकों को किसी भी तरह से घबराने की आवश्यकता नहीं है। व्हाट्सएप, फेसबुक या इंस्टाग्राम आदि पर कोई भी भ्रामक और झूठी प्रचार सामग्री न डालें। पुलिस प्रशासन की सोशल मीडिया साइट्स पर विशेष नजर है। भ्रामक पोस्ट डालने वालों के खिलाफ प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। -महावीर कौशिक उपायुक्त भिवानी।

कारगिल युद्ध में फहराया था तिरंगा, फिर जरूरत पड़ी तो सीमाओं पर देंगे दुश्मन को करारा जवाब
कारगिल युद्ध में जख्मी हुए भिवानी जिले के गांव तिगड़ाना निवासी अशोक कारगिल ने बताया कि आतंकवाद को लेकर फिर से भारत-पाक के बीच युद्ध की स्थिति बनी है। अशोक ने बताया कि 26 जुलाई 1999 में टाइगर हिल पर तिरंगा फहराया था। उस दौरान उसके छह साथी देश पर बलिदान हुए थे। काफी जख्मी हो गए थे। उनमें वह भी शामिल था। अशोक ने बताया कि अगर फिर से युद्ध के मैदान में जाने की जरूरत पड़ी तो वह तैयार है। फिलहाल मॉक ड्रिल में सहयोग कर आम लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि वे किसी भी तरह से घबनाएं नहीं। अशोक ने बताया कि पाकिस्तान शुरुआत से ही आतंकवाद को बढ़ावा देता आ रहा है। जुलाई 1999 के बाद एक बार फिर भारत को पाक ने युद्ध की स्थिति में लाने के लिए मजबूर कर दिया है, लेकिन इस बार भी देश के जांबाज दुश्मन को पहले से करारा जवाब देने के लिए तैयार हैं।

भूतपूर्व सैनिकों की प्रतिक्रिया
जो भी भारत माता की तरफ बुरी नजर से देखेगा या देश में अराजकता फैलाने की कोशिश करेगा, उसका नामोनिशान मिटा देंगे। हमारी लड़ाई आतंकवाद से है न कि किसी देश से। जो इन्हें पनाह देगा उसका हम नाम मिटा देंगे। युद्ध के मैदान में पहले भी दुश्मनों को हराया है, अब भी पूरी तरह से दुश्मनों से दो दो हाथ के लिए तैयार हैं। -कप्तान कलम सिंह प्रेमनगर पूर्व सैनिक।



मिशन सिंदूर के सफल होने पर देश के सैनिकों को बधाई देता हूं। देश की तरफ उग्रवाद और आतंकवाद फैलाने वालों का यही अंजाम होता है, भारत सरकार ने ये कदम उठाया, इससे देश की जनता और सैनिकों के अंदर जो आक्रोश भरा था, उसका बदला लेने का काम किया है। - कप्तान ईश्वर सिंह पूर्व सैनिक।



सेना ने इस तरह के मिशन समय-समय पर करने चाहिए ताकि देश के दुश्मनों को पता चल सके की भारत के सीमा के प्रहरी भारत माता की रक्षा के लिए अपना सीना ताने खड़े रहते हैं। मिशन सिंदूर में हमारे सैनिकों व सरकार ने अच्छा काम किया है। इससे देश के दुश्मन को समझ आ गया होगा कि इस तरह की हरकत करने का क्या अंजाम भुगतना पड़ता है। - सूबेदार मंगल सिंह पूर्व सैनिक।




हमारी लड़ाई जो हमारे देश के अंदर खून खराब कराने व ऐसा करने वालों को पनाह देने वालों के साथ है। भारत माता के सपूत सीमा पर खड़े हैं, किसी भी दुश्मन की ताकत नहीं जो भारत की तरफ आंख उठा कर देख ले। आतंकवाद मानता का दुश्मन है, ये विश्व को समझकर इसका पूरी तरह से खात्मा करने के लिए आगे आना होगा। -कमांडेंट रमेश कद्दावला पूर्व सैनिक।
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