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Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   The district administration has already corresponded about the reinstatement of Rohnat, earlier the government did not think it right to consider it

Bhiwani News: रोहनात की बहाली को जिला प्रशासन पहले कर चुका पत्राचार, पूर्व में सरकार ने इस पर विचार करना ठीक नहीं समझा

Thu, 14 Sep 2023 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Thu, 14 Sep 2023 11:21 PM IST
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The district administration has already corresponded about the reinstatement of Rohnat, earlier the government did not think it right to consider it
 गांव रोहनात को लेकर जिला प्रशासन व पूर्व सरकार के बीच हुआ पत्राचार। 
भिवानी। जिला प्रशासन की तरफ से गांव रोहनात की नीलामी और नीलामी की बहाली को लेकर 1988 और 1993 में भी सरकार से पत्राचार किया गया था। लेकिन तत्कालीन राज्य सरकार ने इस मामले को फाइल कर दिया था और इस पर पुनर्विचार करना भी जरूरी नहीं समझा। यह हम नहीं जिला प्रशासन की तरफ से प्राप्त दस्तावेज कह रहे हैं।
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जिला राजस्व विभाग की तरफ से प्राप्त दस्तावेजों में गत 25 मई 1988 को उपायुक्त ने पत्राचार के माध्यम से 1857 में नीलाम किए गए गांव की बहाली के बारे में पत्राचार किया। इस बारे में तत्कालीन हरियाणा सरकार के राजस्व विभाग के वित्तायुक्त एवं सचिव ने 24 जून 1988 को जवाब दिया। इसमें लिखा है कि सरकार द्वारा यह मामला विचारोपरांत फाइल किया जा चुका है। इसके बाद 11 जनवरी 1993 को तत्कालीन उपायुक्त ने फिर से गांव रोहनात के नीलाम करने के बारे में डाटा संबंधित सरकार से पत्राचार किया। लेकिन इस बारे में 25 जून 1993 काे फिर से जवाब प्राप्त हुआ।
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इसमें पिछले पत्राचार का हवाला देते हुए बताया गया कि यह मामला सरकार की ओर से विचार करने उपरांत फाइल किया जा चुका है। सरकार इस मामले को दोबारा से विचारना ठीक नहीं समझती। वहीं, दूसरी ओर रोहनात के ग्रामीणों को सरकारें मांगें पूरी करने का आश्वासन देती रहीं, लेकिन उन्हें कोई रिकॉर्ड या प्लॉट नहीं मिले। संवाद
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1988 में देवीलाल तो 1993 में भजनलाल थे मुख्यमंत्री
साल 1988 में चौधरी देवीलाल हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री थे। चौधरी देवीलाल 17 जुलाई 1987 से दो दिसंबर 1989 तक उस समय सरकार में मुख्यमंत्री के पद तक रहे थे। इसके बाद जब दूसरी बार इस संबंध में पत्राचार किया गया तो साल 1993 में भजनलाल राज्य के मुख्यमंत्री थे। उस समय भजनलाल 23 जुलाई 1991 से नौ मई 1996 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे।

जिस प्लॉट की मांग कर रहे ग्रामीण, उसका रिकॉर्ड न राजस्व विभाग के पास न ही ग्रामीणों के पास
गांव रोहनात के ग्रामीणों को कहना है कि जब हरियाणा पंजाब राज्य से अलग नहीं हुआ था तब कि सरकार ने उन्हें हिसार में 57 प्लॉट देने की घोषणा की थी। इसके बाद समय बीतता गया लेकिन उन्हें प्लॉट नहीं मिले। एक नवंबर 1966 को हरियाणा, पंजाब से अलग होकर एक नया राज्य बन गया। गांव रोहनात के ग्रामीण इस बारे में सरकार से व प्रशासनिक अधिकारियों से मांग करते रहे। लेकिन फिर भी इस बारे में बात नहीं बनी। वहीं, जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार ने बताया कि हाल ही के समय में जिला प्रशासन से एससी आयोग ने घोषणा किए प्लाॅट आवंटित न करने के बारे में पूछा। इस बारे में उपायुक्त ने डीआरओ और डीडीपीओ की दो कमेटी गठित की। डीआरओ की कमेटी को प्लाॅट अलॉट करने के संबंध में कोई रिकॉर्ड प्राप्त नहीं हुआ। इस बारे में डीआरओ कमेटी ने रोहनात के गांव में मुनादी करके भी रिकॉर्ड की मांग की। लेकिन इस बारे में कोई रिकॉर्ड जिला राजस्व विभाग को प्राप्त नहीं हुआ और न ही कोई ग्रामीण इस बारे में कोई रिकॉर्ड उनके कार्यालय में पेश कर सका। इसके चलते प्लाॅट देने की घोषणा सिर्फ घोषणा बनकर रह गई। वहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि जिला प्रशासन उन्हें रिकॉर्ड नहीं सौंप रहा है। इसी प्रकरण को लेकर वेद सिंह की आत्महत्या ने जिला प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दीं। वहीं इस मसले पर ग्रामीण भी अब आंदोलन लंबा चलाने के मूड में आ गए हैं।
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