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दो प्लॉट और एक दुकान की रजिस्ट्री से मिली राशि मामनचंद से बरामद
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भिवानी। दो प्लॉट और एक दुकान की गलत तरीके से रजिस्ट्री करवाकर बेचने के मामले में प्राप्त राशि मामनचंद से पुलिस ने बरामद कर ली है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दो प्लॉट और एक दुकान की रजिस्ट्री हो पाई। तीन और प्रॉपर्टी को बेचने की तैयारी थी। जिनकी पीआईडी बनाई जा चुकी है। रजिस्ट्री होने से पहले ही विवाद हो गया। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी है।
उल्लेखनीय है कि जमीन और रसीद घोटाले में आरोपी निवर्तमान उप प्रधान मामनचंद को चार दिन के रिमांड पर लेकर एसआईटी जांच में जुटी है। अकाउंटेंट सुरेश कुमार ने बताया कि था कि करीब डेढ़ करोड़ की राशि में से उसने करीब साढ़े सात लाख रुपये मामनचंद को दिए थे। इसके अलावा सीट पर बने रहने के लिए हर महीने एक लाख रुपये अलग से मामनचंद को देता था। अब तक वह 15 लाख रुपये इन साढ़े सात लाख से अलावा मामनचंद को दे चुका है।
मामनचंद के बताए अनुसार रुपयों की रिकवरी के लिए पुलिस उसे गुरुग्राम और भिवाड़ी लेकर पहुंची। जहां से राशि बरामद की गई। राशि कितनी बरामद हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
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वहीं मामनचंद ने पुलिस पूछताछ में बताया कि इस सारे खेल की साजिश अकाउंटेंट सुरेश कुमार ने रची। उसे ही पता था कि कहां कितनी प्रॉपर्टी है। मामनचंद ने बताया कि सुरेश ने उसे कहा था कि सारे पेपर वर्क मैं करवा दूंगा, बस रजिस्ट्री तुम करवा दो। इसी कारण उसने करवाई।
वर्जन
आरोपी मामनचंद से रिकवरी हुई है। दो प्लॉट और एक दुकान की रजिस्ट्री ये करवा चुके थे और तीन की और करवाने की तैयारी थी। पीआईडी बन चुकी थी। मामनचंद ने बताया कि यह सारी साजिश अकाउंटेंट सुरेश कुमार ने रची है और अकाउंटेंट संजय बंसल भी इसमें शामिल है।
-अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक
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उल्लेखनीय है कि जमीन और रसीद घोटाले में आरोपी निवर्तमान उप प्रधान मामनचंद को चार दिन के रिमांड पर लेकर एसआईटी जांच में जुटी है। अकाउंटेंट सुरेश कुमार ने बताया कि था कि करीब डेढ़ करोड़ की राशि में से उसने करीब साढ़े सात लाख रुपये मामनचंद को दिए थे। इसके अलावा सीट पर बने रहने के लिए हर महीने एक लाख रुपये अलग से मामनचंद को देता था। अब तक वह 15 लाख रुपये इन साढ़े सात लाख से अलावा मामनचंद को दे चुका है।
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मामनचंद के बताए अनुसार रुपयों की रिकवरी के लिए पुलिस उसे गुरुग्राम और भिवाड़ी लेकर पहुंची। जहां से राशि बरामद की गई। राशि कितनी बरामद हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
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वहीं मामनचंद ने पुलिस पूछताछ में बताया कि इस सारे खेल की साजिश अकाउंटेंट सुरेश कुमार ने रची। उसे ही पता था कि कहां कितनी प्रॉपर्टी है। मामनचंद ने बताया कि सुरेश ने उसे कहा था कि सारे पेपर वर्क मैं करवा दूंगा, बस रजिस्ट्री तुम करवा दो। इसी कारण उसने करवाई।
वर्जन
आरोपी मामनचंद से रिकवरी हुई है। दो प्लॉट और एक दुकान की रजिस्ट्री ये करवा चुके थे और तीन की और करवाने की तैयारी थी। पीआईडी बन चुकी थी। मामनचंद ने बताया कि यह सारी साजिश अकाउंटेंट सुरेश कुमार ने रची है और अकाउंटेंट संजय बंसल भी इसमें शामिल है।
-अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक