फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Teachers will tell about the harm of plastic pollution, science seminar will be held in government schools on 22nd

Bhiwani News: प्लास्टिक प्रदूषण के नुकसान बताएंगे शिक्षक राजकीय विद्यालयों में विज्ञान संगोष्ठी 22 को

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jan 2026 01:47 AM IST
विज्ञापन
Teachers will tell about the harm of plastic pollution, science seminar will be held in government schools on 22nd
राजकीय कन्या स्कूल का मुख्य द्वार
भिवानी। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की ओर से 22 जनवरी को जिलास्तरीय शिक्षक विज्ञान संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। यह संगोष्ठी ऑफलाइन मोड में होगी और इसका विषय “प्लास्टिक प्रदूषण को कम करना” निर्धारित किया गया है। सभी डीआइईटी प्रधानाचार्यों को इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भेज दिए गए हैं। संगोष्ठी में कुल 100 अंकों का मूल्यांकन मानदंड निर्धारित किया गया है।
विज्ञापन


निर्देशानुसार केवल सरकारी विद्यालयों के शिक्षक ही इसमें भाग ले सकेंगे। इसमें टीजीटी विज्ञान तथा स्नातकोत्तर स्तर के भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीवविज्ञान विषय के शिक्षक पात्र होंगे। इसके अतिरिक्त मॉडल संस्कृति स्कूल, पीएमश्री स्कूल और आरोही मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक इसमें शामिल हो सकेंगे जबकि निजी स्कूलों के शिक्षकों को अनुमति नहीं दी गई है।
विज्ञापन


प्रतिभागी शिक्षक पांच मिनट की प्रस्तुति देंगे जो हिंदी, अंग्रेजी या किसी अन्य मान्यता प्राप्त भाषा में हो सकती है। प्रस्तुति के लिए कंप्यूटर आधारित अधिकतम पांच स्थिर स्लाइड्स की अनुमति होगी। मूल्यांकन वैज्ञानिक विषयवस्तु, प्रस्तुति में नवीनता, वक्तव्य कौशल और प्रश्नोत्तर के आधार पर किया जाएगा। जिला स्तरीय मूल्यांकन के आधार पर प्रत्येक जिले से दो विजेता शिक्षक चुने जाएंगे जो 28 जनवरी को एससीईआरटी गुरुग्राम में आयोजित राज्यस्तरीय शिक्षक विज्ञान संगोष्ठी में भाग लेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन




संगोष्ठी के लिए निर्धारित मानदंड

शिक्षक विज्ञान संगोष्ठी के लिए परिषद द्वारा कुल 100 अंकों का मूल्यांकन मानदंड निर्धारित किया गया है। इसमें वैज्ञानिक विषयवस्तु के लिए 40 अंक, दृश्य प्रस्तुति में नवीनता के लिए 15 अंक, वक्तव्य एवं प्रवाह के लिए 25 अंक तथा मौखिक प्रश्नोत्तर के लिए 20 अंक निर्धारित किए गए हैं।






विज्ञान संगोष्ठी से शिक्षकों में वैज्ञानिक सोच और वर्तमान घटनाओं के विषयों पर शोध की प्रवृत्ति विकसित होगी। प्लास्टिक प्रदूषण जैसे विषय पर शिक्षकों की भागीदारी से विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ेगी। 22 को स्कूलों में निर्धारित समय पर संगोष्ठी आयोजित करवाई जाएगी। -निर्मल दहिया, जिला शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed