{"_id":"6898cafb82479ded8f000217","slug":"system-failure-waterlogging-broke-the-national-highway-obstruction-on-the-road-connecting-the-capital-bhiwani-news-c-125-1-bwn1002-138044-2025-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: सिस्टम की नाकामी... जलभराव ने टूटा नेशनल हाईवे, राजधानी से जुड़े सड़क मार्ग पर खड़ी हुई बाधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: सिस्टम की नाकामी... जलभराव ने टूटा नेशनल हाईवे, राजधानी से जुड़े सड़क मार्ग पर खड़ी हुई बाधा
Mon, 11 Aug 2025 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 11 Aug 2025 01:07 AM IST
विज्ञापन
गांव मुंढाल में नेशनल हाईवे 9 पर जमा बरसाती पानी। संवाद
भिवानी। जिले के अंतिम गांव मुंढाल से गुजरने वाले नेशनल हाईवे 9 पर जलभराव के कारण सड़क मार्ग बाधित हो गया है। खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए बनाई गई ड्रेन ओवरफ्लो होने के चलते पानी सड़क पर आ गया है और जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। इस कारण रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले करीब 50,000 वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जबकि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
तीन राज्यों को जोड़ने वाले फाजिल्का से सिरसा होते हुए दिल्ली तक जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर जलभराव हो चुका है। इस कारण सड़क टूट चुकी है और कीचड़ से वाहन मुश्किल से गुजर पा रहे हैं। दोपहिया वाहन गिरने की भी घटनाएं हो चुकी हैं जिससे कई चालक घायल हो चुके हैं। बता दें कि जिले के बवानीखेड़ा व मुंढाल क्षेत्र में पिछले कई दिनों से भयंकर जलभराव है। ड्रेनें पूरी तरह ओवरफ्लो हो चुकी हैं, खेतों में चार से पांच फीट तक पानी जमा है और कई जगह पानी गांव की ओर बढ़ रहा है। पिछले दस दिनों से खेतों में पानी स्थिर पड़ा है, जिसकी निकासी के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है। पानी का स्तर बढ़ने से ड्रेन के किनारे भी टूट रहे हैं।
बालू रेत के सहारे किए जा रहे हैं पानी रोकने के प्रयास
सड़क पर पानी आने से रोकने के लिए एनएचएआई ने बालू रेत से कट्टे भरकर रखे हैं जो सिर्फ खानापूर्ति साबित हो रहे हैं। मिट्टी के कट्टे पानी के साथ बहकर सड़क पर आ गए हैं जिससे कीचड़ और गड्ढे बढ़ गए हैं।
विज्ञापन
राजधानी से जुड़ी सड़क पर गतिरोध का खतरा
मुंढाल के नेशनल हाईवे पर करीब 200 मीटर क्षेत्र में पानी के कारण सड़क टूट चुकी है। यदि समय रहते एनएचएआई द्वारा सुधार कार्य नहीं किया गया तो सिरसा, फतेहाबाद, हिसार समेत अन्य जिलों को राजधानी से जोड़ने वाला यह मार्ग बंद हो सकता है।
खेतों में 20 दिनों से जलभराव, फसल को भारी नुकसान का खतरा
नेशनल हाईवे के किनारे लगते खेतों में 20 दिनों से बरसाती पानी जमा है। सिंचाई विभाग द्वारा लगाए गए पंप सेट बंद पड़े हैं जिससे निकासी नहीं हो पा रही। किसान चिंतित हैं कि अगर अगस्त में पानी निकासी नहीं हुई तो धान, बाजरा और कपास की फसल बर्बाद हो जाएगी और अगली फसल की बुआई भी प्रभावित होगी।
पंप सेट बंद, निकासी ठप, जलभराव बढ़ा रहा समस्या
ड्रेन से पानी नहर में डालने के लिए लगाए गए पंप लंबे समय से बंद पड़े हैं। इससे जलनिकासी नहीं हो पा रही है और सड़क का और अधिक टूटना तय माना जा रहा है। इससे वाहन चालकों को लंबी अवधि तक भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
विज्ञापन
तीन राज्यों को जोड़ने वाले फाजिल्का से सिरसा होते हुए दिल्ली तक जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर जलभराव हो चुका है। इस कारण सड़क टूट चुकी है और कीचड़ से वाहन मुश्किल से गुजर पा रहे हैं। दोपहिया वाहन गिरने की भी घटनाएं हो चुकी हैं जिससे कई चालक घायल हो चुके हैं। बता दें कि जिले के बवानीखेड़ा व मुंढाल क्षेत्र में पिछले कई दिनों से भयंकर जलभराव है। ड्रेनें पूरी तरह ओवरफ्लो हो चुकी हैं, खेतों में चार से पांच फीट तक पानी जमा है और कई जगह पानी गांव की ओर बढ़ रहा है। पिछले दस दिनों से खेतों में पानी स्थिर पड़ा है, जिसकी निकासी के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है। पानी का स्तर बढ़ने से ड्रेन के किनारे भी टूट रहे हैं।
विज्ञापन
बालू रेत के सहारे किए जा रहे हैं पानी रोकने के प्रयास
सड़क पर पानी आने से रोकने के लिए एनएचएआई ने बालू रेत से कट्टे भरकर रखे हैं जो सिर्फ खानापूर्ति साबित हो रहे हैं। मिट्टी के कट्टे पानी के साथ बहकर सड़क पर आ गए हैं जिससे कीचड़ और गड्ढे बढ़ गए हैं।
विज्ञापन
राजधानी से जुड़ी सड़क पर गतिरोध का खतरा
मुंढाल के नेशनल हाईवे पर करीब 200 मीटर क्षेत्र में पानी के कारण सड़क टूट चुकी है। यदि समय रहते एनएचएआई द्वारा सुधार कार्य नहीं किया गया तो सिरसा, फतेहाबाद, हिसार समेत अन्य जिलों को राजधानी से जोड़ने वाला यह मार्ग बंद हो सकता है।
खेतों में 20 दिनों से जलभराव, फसल को भारी नुकसान का खतरा
नेशनल हाईवे के किनारे लगते खेतों में 20 दिनों से बरसाती पानी जमा है। सिंचाई विभाग द्वारा लगाए गए पंप सेट बंद पड़े हैं जिससे निकासी नहीं हो पा रही। किसान चिंतित हैं कि अगर अगस्त में पानी निकासी नहीं हुई तो धान, बाजरा और कपास की फसल बर्बाद हो जाएगी और अगली फसल की बुआई भी प्रभावित होगी।
पंप सेट बंद, निकासी ठप, जलभराव बढ़ा रहा समस्या
ड्रेन से पानी नहर में डालने के लिए लगाए गए पंप लंबे समय से बंद पड़े हैं। इससे जलनिकासी नहीं हो पा रही है और सड़क का और अधिक टूटना तय माना जा रहा है। इससे वाहन चालकों को लंबी अवधि तक भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।