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शहर में कचरे की भरमार, ऐसे में कैसे सुधरेगी स्वच्छता रैंकिंग
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भिवानी। हमारी भिवानी स्वच्छ भिवानी का नारा देने वाली नगर परिषद पूरे शहर को स्वच्छता के बेहतर पायदान पर लाने के हर संभव प्रयासों में जुटी हैं, लेकिन शहर में कचरा ही कचरा फैला हुआ है। ऐसे में कैसे स्वच्छता रैंकिंग में सुधार होगा। ऑनलाइन सर्वे के दौरान शहर की स्वच्छता पर करीब तीन हजार लोग अपनी राय दे चुके हैं। फरवरी माह में केंद्रीय सर्वे टीम का निरीक्षण होगा, इस दौरान टीम स्वच्छ शहरों की रैंकिंग तय कर अंक निर्धारित करेगी। लेकिन भिवानी में हर तरफ कचरा ही कचरा फैला हुआ है।
भिवानी शहर में कई ऐसे बिंदु भी हैं, जहां पर कूड़ा डालने के लिए कोई निर्धारित जगह तय नहीं की गई हैं, मगर फिर भी यहां पर रोजाना ही खुले में लोग कचरा फेंक रहे हैं। इसमें सबसे अहम तो शहर का प्राचीन एवं सबसे महत्वपूर्ण जगह किरोड़ीमल पार्क हैं, जो बड़े स्तर के आयोजनों के लिए अपना इतिहास में भी नाम दर्ज करा चुकी हैं, लेकिन अब यहां पर खुलेआम दूर दूर तक कचरा ही फैला हैं। पास में ही लड़कियों का राजकीय कन्या स्कूल है। जिसमें करीब साढ़े तीन हजार लड़कियां पढ़ाई कर रही हैं। नियमों के अनुसार किसी भी विद्यालय या अस्पताल परिधि के 200 मीटर दायरे में कूड़ा नहीं फेंका जा सकता, मगर यहां तो दोनों ही नियम टूट रहे हैं, क्योंकि किरोड़ीमल पार्क से चंद कदम दूर ही जिला सामान्य अस्पताल है। खुले में फेंके जा रहे कचरे से अस्पताल के मरीज व तीमारदार भी परेशान हैं। जबकि कन्या स्कूल में भी कूड़े से उठने वाली बदबू कक्षाओं में बैठी छात्राओं के नाम में भी दम कर रहम है।
रेहड़ी चालकों की वजह से बदल दिया कूड़ा डालने का स्थान, अब नप कर्मचारी ही डाल रहे कूड़ा
शहर के पार्क भ्रमण व दर्शनीय स्थलों में शामिल होते हैं, मगर शहर के नेहरू पार्क के पिछले हिस्से में कचरा डालने का स्थान बनाया हुआ है। चंद कदम दूर पार्क के अंदर ओपन जिम लगाया हुआ है। जहां बच्चे व सैर सपाटा करने वाले लोग शारीरिक अभ्यास करते हैं। थोड़ी आसपास की कॉलोनियों का कचरा खुले में डाला जा रहा है। यहां कूड़ा डालने के लिए कोई डस्टबिन नहीं है। किरोड़ीमल पार्क की दुर्दशा भी कूड़े की वजह से हो गई है। यहां पर न तो कूड़ा डालने का निर्धारित स्थान है न ही यहां कोई डस्टबिन रखा हुआ है।
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शहर के बाजरों में भी लग रहे कूड़े के ढेर
नगर परिषद की अनदेखी और जगह के अभाव में शहर के बाजारों में भी कूड़े के ढेर लगे हैं। यहां पर भी कुछ संकरी जगह पर ही कूड़ा डालने का स्थान निर्धारित किया हुआ हैं, मगर इन जगहों पर से डस्टबीन गायब हैं। इस वजह से दुकानदार खुले में ही कूड़ा फेंक रहे हैं। दिनभर कूड़े की बदबू से राहगीर व बाजार आने वाले लोग भी परेशान रहते हैं।
वर्जन-
शहर को स्वच्छता के पायदान पर ऊपर लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। पूरे शहर में सूखे और गीले कचरे के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए करीब 500 सक्षम युवाओं को जागरूकता सर्वे में लगाया हुआ है। वे घर-घर पहुंचकर लोगों को यह बता रहे हैं कि किस तरह से सूखे और गीले कचरे को इकट्ठा करें और उसे कॉलोनी में आने वाले टीपर ऑटो के अंदर ही डालें। इससे पूरा शहर स्वच्छ होगा। शहरवासी भी अपने शहर को साफ सुथरा बनाने में पूरा सहयोग करें।
- रणसिंह यादव, चेयरमैन नगर परिषद भिवानी
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भिवानी शहर में कई ऐसे बिंदु भी हैं, जहां पर कूड़ा डालने के लिए कोई निर्धारित जगह तय नहीं की गई हैं, मगर फिर भी यहां पर रोजाना ही खुले में लोग कचरा फेंक रहे हैं। इसमें सबसे अहम तो शहर का प्राचीन एवं सबसे महत्वपूर्ण जगह किरोड़ीमल पार्क हैं, जो बड़े स्तर के आयोजनों के लिए अपना इतिहास में भी नाम दर्ज करा चुकी हैं, लेकिन अब यहां पर खुलेआम दूर दूर तक कचरा ही फैला हैं। पास में ही लड़कियों का राजकीय कन्या स्कूल है। जिसमें करीब साढ़े तीन हजार लड़कियां पढ़ाई कर रही हैं। नियमों के अनुसार किसी भी विद्यालय या अस्पताल परिधि के 200 मीटर दायरे में कूड़ा नहीं फेंका जा सकता, मगर यहां तो दोनों ही नियम टूट रहे हैं, क्योंकि किरोड़ीमल पार्क से चंद कदम दूर ही जिला सामान्य अस्पताल है। खुले में फेंके जा रहे कचरे से अस्पताल के मरीज व तीमारदार भी परेशान हैं। जबकि कन्या स्कूल में भी कूड़े से उठने वाली बदबू कक्षाओं में बैठी छात्राओं के नाम में भी दम कर रहम है।
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रेहड़ी चालकों की वजह से बदल दिया कूड़ा डालने का स्थान, अब नप कर्मचारी ही डाल रहे कूड़ा
शहर के पार्क भ्रमण व दर्शनीय स्थलों में शामिल होते हैं, मगर शहर के नेहरू पार्क के पिछले हिस्से में कचरा डालने का स्थान बनाया हुआ है। चंद कदम दूर पार्क के अंदर ओपन जिम लगाया हुआ है। जहां बच्चे व सैर सपाटा करने वाले लोग शारीरिक अभ्यास करते हैं। थोड़ी आसपास की कॉलोनियों का कचरा खुले में डाला जा रहा है। यहां कूड़ा डालने के लिए कोई डस्टबिन नहीं है। किरोड़ीमल पार्क की दुर्दशा भी कूड़े की वजह से हो गई है। यहां पर न तो कूड़ा डालने का निर्धारित स्थान है न ही यहां कोई डस्टबिन रखा हुआ है।
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शहर के बाजरों में भी लग रहे कूड़े के ढेर
नगर परिषद की अनदेखी और जगह के अभाव में शहर के बाजारों में भी कूड़े के ढेर लगे हैं। यहां पर भी कुछ संकरी जगह पर ही कूड़ा डालने का स्थान निर्धारित किया हुआ हैं, मगर इन जगहों पर से डस्टबीन गायब हैं। इस वजह से दुकानदार खुले में ही कूड़ा फेंक रहे हैं। दिनभर कूड़े की बदबू से राहगीर व बाजार आने वाले लोग भी परेशान रहते हैं।
वर्जन-
शहर को स्वच्छता के पायदान पर ऊपर लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। पूरे शहर में सूखे और गीले कचरे के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए करीब 500 सक्षम युवाओं को जागरूकता सर्वे में लगाया हुआ है। वे घर-घर पहुंचकर लोगों को यह बता रहे हैं कि किस तरह से सूखे और गीले कचरे को इकट्ठा करें और उसे कॉलोनी में आने वाले टीपर ऑटो के अंदर ही डालें। इससे पूरा शहर स्वच्छ होगा। शहरवासी भी अपने शहर को साफ सुथरा बनाने में पूरा सहयोग करें।
- रणसिंह यादव, चेयरमैन नगर परिषद भिवानी