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Bhiwani News: सुंदर नहर और मिताथल फीडर बंद, सिर्फ जूई फीडर में मिला 750 क्यूसेक पानी
Sun, 21 Jul 2024 03:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sun, 21 Jul 2024 03:07 AM IST
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भिवानी। यमुना का जलस्तर कम होने से जिले में अब नहरी पानी का भी संकट पैदा हो गया है। सिंचाई विभाग के शेड्यूल के बावजूद नहरों में कम पानी पहुंचा है। इसकी वजह से सुंदर नहर और मित्ताथल फीडर को बंद करना पड़ा है। सिर्फ जूई फीडर में 750 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है, जबकि जूई में ही 900 क्यूसेक से अधिक की डिमांड बनी है।
शहरी दायरे के जलघर टैंकों सहित जिले के करीब 90 गांवों में जलघरों को पर्याप्त नहरी पानी मुहैया कराने का भी संकट बना है। सिंचाई विभाग के अधिकारी भी नहरी पानी कम आने से वैकल्पिक व्यवस्था में जुटे हैं। अगर नहरों में पानी का स्तर नहीं बढ़ा तो दो दिन बाद जूई फीडर बंद कर फिर सुंदर नहर में पानी दिया जाएगा। हालांकि अभी भिवानी शहर में जलसंकट पहले से ही बना है।
सुंदर ग्रुप की नहरों में शेड्यूल के हिसाब से 19 जुलाई से पानी उपलब्ध कराया गया है। जबकि शहरी दायरे में जल संकट को देखते हुए सिंचाई विभाग ने दो दिन पहले यानी 17 जुलाई को ही पानी मुहैया करा दिया था। शुरुआत में पानी का स्तर ठीक था, लेकिन अब 2250 क्यूसेक डिमांड के मुकाबले 750 क्यूसेक पानी ही मिला है। इसकी वजह से सुंदर नहर और मित्ताथल फीडर को बंद करना पड़ा है। जबकि जूई में फिलहाल 750 क्यूसेक पानी मिल रहा है।
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जूई फीडर से भिवानी शहर के जलघरों और आसपास के गांवों के जलघर टैंकों को पानी मिल रहा है। जूई फीडर से शहरी दायरे के अलावा बहल क्षेत्र तक करीब 65 से 70 गांवों के जलघर भी जुड़े हैं। अगर लगातार जूई फीडर में पानी नहीं मिला तो फिर शहर के साथ ग्रामीण दायरे के जलघरों में भी नहरी पानी का संकट बनेगा।
जुलाई के बाद अगस्त में भी शहर झेल सकता है जलसंकट
जुलाई में गंभीर जलसंकट का सामना कर चुका शहर अब अगस्त में भी जल संकट का सामना कर सकता है। इसकी वजह यह है कि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के पास नहरों से जलघर के टैंकों तक पर्याप्त पानी का भंडारण करने के लिए पंपिंग क्षमता को अपग्रेड नहीं कर पाया है। हालांकि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने मुख्यालय को पंपिंग स्टेशन अपग्रेड का मसौदा भेजा हुआ है, जिसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। मौजूदा संसाधनों के हिसाब से शहरी दायरे के पुराने जलघर के नए टैंक भरना संभव नहीं है। ऐसे में अगले माह भी शहर को जल संकट का सामना करना पड़ेगा। फिलहाल शहर को एक दिन छोड़कर एक दिन आपूर्ति दी जा रही है।
कहीं लीकेज तो कहीं लाइनों की खुदाई की वजह से नहीं हो रही आपूर्ति
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने शहर के अंदर कहीं लीकेज ठीक कराने के लिए गड्ढे खोद रखे हैं तो कहीं पर लाइनों की खोदाई कर काम चल रहा है। ऐसे में इन हिस्सों में भी पानी की कई दिनों से आपूर्ति नहीं हो पा रही है। शहर में रोजाना ही लोग किसी न किसी हिस्से में आक्रोश जता अपना विरोध दर्ज कराते हैं, मगर फिर भी उन्हें घरों के अंदर नियमित पेयजल आपूर्ति में पानी नहीं मिल रहा है।
फिलहाल सुंदर नहर और मित्ताथल फीडर बंद है, जबकि केवल जूई में 750 क्यूसेक पानी मिल रहा है। अगर जल्द ही नहरों में पानी का स्तर नहीं बढ़ा तो दो दिन बाद जूई को बंद कर सुंदर नहर में पानी दिया जाएगा। हमारी प्राथमिकता लोगों की पेयजल जरूरतों को पूरा करने की रहेगी। पानी का स्तर बढ़वाने के लिए लगातार उच्चाधिकारियों से भी संपर्क में बने हैं।
- जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता, भिवानी वाटर सर्विसेज भिवानी सिंचाई विभाग।
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शहरी दायरे के जलघर टैंकों सहित जिले के करीब 90 गांवों में जलघरों को पर्याप्त नहरी पानी मुहैया कराने का भी संकट बना है। सिंचाई विभाग के अधिकारी भी नहरी पानी कम आने से वैकल्पिक व्यवस्था में जुटे हैं। अगर नहरों में पानी का स्तर नहीं बढ़ा तो दो दिन बाद जूई फीडर बंद कर फिर सुंदर नहर में पानी दिया जाएगा। हालांकि अभी भिवानी शहर में जलसंकट पहले से ही बना है।
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सुंदर ग्रुप की नहरों में शेड्यूल के हिसाब से 19 जुलाई से पानी उपलब्ध कराया गया है। जबकि शहरी दायरे में जल संकट को देखते हुए सिंचाई विभाग ने दो दिन पहले यानी 17 जुलाई को ही पानी मुहैया करा दिया था। शुरुआत में पानी का स्तर ठीक था, लेकिन अब 2250 क्यूसेक डिमांड के मुकाबले 750 क्यूसेक पानी ही मिला है। इसकी वजह से सुंदर नहर और मित्ताथल फीडर को बंद करना पड़ा है। जबकि जूई में फिलहाल 750 क्यूसेक पानी मिल रहा है।
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जूई फीडर से भिवानी शहर के जलघरों और आसपास के गांवों के जलघर टैंकों को पानी मिल रहा है। जूई फीडर से शहरी दायरे के अलावा बहल क्षेत्र तक करीब 65 से 70 गांवों के जलघर भी जुड़े हैं। अगर लगातार जूई फीडर में पानी नहीं मिला तो फिर शहर के साथ ग्रामीण दायरे के जलघरों में भी नहरी पानी का संकट बनेगा।
जुलाई के बाद अगस्त में भी शहर झेल सकता है जलसंकट
जुलाई में गंभीर जलसंकट का सामना कर चुका शहर अब अगस्त में भी जल संकट का सामना कर सकता है। इसकी वजह यह है कि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के पास नहरों से जलघर के टैंकों तक पर्याप्त पानी का भंडारण करने के लिए पंपिंग क्षमता को अपग्रेड नहीं कर पाया है। हालांकि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने मुख्यालय को पंपिंग स्टेशन अपग्रेड का मसौदा भेजा हुआ है, जिसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। मौजूदा संसाधनों के हिसाब से शहरी दायरे के पुराने जलघर के नए टैंक भरना संभव नहीं है। ऐसे में अगले माह भी शहर को जल संकट का सामना करना पड़ेगा। फिलहाल शहर को एक दिन छोड़कर एक दिन आपूर्ति दी जा रही है।
कहीं लीकेज तो कहीं लाइनों की खुदाई की वजह से नहीं हो रही आपूर्ति
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने शहर के अंदर कहीं लीकेज ठीक कराने के लिए गड्ढे खोद रखे हैं तो कहीं पर लाइनों की खोदाई कर काम चल रहा है। ऐसे में इन हिस्सों में भी पानी की कई दिनों से आपूर्ति नहीं हो पा रही है। शहर में रोजाना ही लोग किसी न किसी हिस्से में आक्रोश जता अपना विरोध दर्ज कराते हैं, मगर फिर भी उन्हें घरों के अंदर नियमित पेयजल आपूर्ति में पानी नहीं मिल रहा है।
फिलहाल सुंदर नहर और मित्ताथल फीडर बंद है, जबकि केवल जूई में 750 क्यूसेक पानी मिल रहा है। अगर जल्द ही नहरों में पानी का स्तर नहीं बढ़ा तो दो दिन बाद जूई को बंद कर सुंदर नहर में पानी दिया जाएगा। हमारी प्राथमिकता लोगों की पेयजल जरूरतों को पूरा करने की रहेगी। पानी का स्तर बढ़वाने के लिए लगातार उच्चाधिकारियों से भी संपर्क में बने हैं।
- जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता, भिवानी वाटर सर्विसेज भिवानी सिंचाई विभाग।