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सरकुलर रोक की सारी स्ट्रीट लाइट बदलेगी नगर परिषद
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फोटो 25 अंधेरे में डूबा शहर के हांसी गेट से घंटाघर चौक मार्ग
- फोटो : Bhiwani
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डीसी के निर्देश और काफी प्रयास के बावजूद शहर के सरकुलर रोड की सारी स्ट्रीट लाइटें ठीक नहीं हुई। सरकुलर रोड की अनेक लाइटें खराब है। अब कोहरे का सीजन शुरू होने को है और हादसों की आशंका रहेगी। ऐसे में नगर परिषद अधिकारियों ने अब सरकुलर रोड की सारी लाइटें ही बदलने का निर्णय लिया है। अब पूरे सरकुलर रोड पर एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी यानी रोहतक रोड और लोहारू रोड की तरह सरकुलर रोड भी दूधिया रोशनी में जगमगाएगा।
शहर के रोहतक गेट से बावड़ी गेट, दादरी गेट, हालुवास गेट, दिनोद गेट, घंटाघर चौक, हांसी गेट, महम गेट तक के करीब पांच किलोमीटर के सरकुलर रोड पर फिलहाल सोडियम स्ट्रीट लाइटें लगी है। अधिकतर लाइटें खराब हैं। उपायुक्त सुजान सिंह ने चार्ज संभालने के बाद रात को शहर का निरीक्षण किया और नप अधिकारियों को स्ट्रीट लाइटें ठीक करने के निर्देश दिए। नप अधिकारियों ने ठेकेदार के माध्यम से लाइटें ठीक कराने का काफी प्रयास किया। एक बार जलने के बाद लाइटें बार-बार खराब होती रही। अभी भी हालात ये हैं कि करीब पांच किलोमीटर के सरकुलर रोड पर अभी काफी क्षेत्र अंधेरे में डूबा है। काफी स्ट्रीट लाइटें खराब है। कुछ पोल भी टूटे हुए हैं। अब नगर परिषद अधिकारियों ने इन लाइटों को बदलने का निर्णय लिया है। निर्णय लिया गया है कि सारी सोडियम लाइटें हटाकर इनकी जगह एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। अब लगे पोल पर ही ये एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। नप ने निर्णय लिया है कि जैसे रोहतक रोड और लोहारू रोड एलईडी लाइटों की दूधिया रोशनी में जगमगा रहे है, वैसे ही शहर के सरकुलर रोड को भी रोशन किया जाए। इसके लिए एस्टिमेट तैयार किया जा रहा है। लाइटों को बदलने में करीब 80 से 90 लाख तक का खर्च आने का अनुमान है।
अंधेरे में डूबा मिनी बाईपास भी होगा रोशन : बस स्टैंड से शहर बना शहर का मिनी बाईपास फिलहाल अंधेरे में डूबा है। रात के समय यहां हादसों की आशंका रहती है। मिनी बाईपास होने के कारण यहां वाहनों का आवागमन भी ज्यादा रहता है और रात के समय अंधेरे और सामने से चार पहिया वाहनों की लाइटें लगने से हादसे भी हो रहे है। नप ने मिनी बाईपास के पूरे मार्ग को भी एलईडी लाइटों से रोशन करने का निर्णय लिया है। इसका भी एस्टिमेट बनाया जा रहा है।
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वर्षों से चल रहे सिर्फ प्रयास : शहर के सरकुलर रोड की स्ट्रीट लाइटों को बदलने का प्लान वर्षों पहले बना था। करीब 2013-14 में भी सभी स्ट्रीट लाइटों को बदलकर एलईडी लाइटें लगाने का प्लान बना था। उस समय अक्षय ऊर्जा विभाग ने भी सौर ऊर्जा आधारित एलईडी लाइटों का प्रोजेक्ट बनाया था। जिसमें एक कंपनी को इसकी सारी जिम्मेदारी दी जानी थी। उसमें बिजली की भी काफी बचत होती है और नप को लाखों के बिजली बिल की भी चपत नहीं लगती। मगर वह योजना सिरे नहीं चढ़ सकी। उसके बाद भी अनेक प्लान बने मगर सिरे नहीं चढ़ पाए। अब एक बार फिर नप अधिकारी सरकुलर रोड की स्ट्रीट लाइटें बदलने के लिए एस्टिमेट बनाने में जुटे है।
शहर के सरकुलर रोड की सारी स्ट्रीट लाइटें बदली जाएंगी। इनकी जगह एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। रोहतक रोड और लोहारू रोड पर लगाई स्ट्रीट लाइटों की तर्ज पर ही लाइटें लगाई जाएंगी। एस्टिमेट बनाए जा रहे है। जल्द ही बाकी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- सुरेंद्र सिंह, एमई, नगर परिषद
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शहर के रोहतक गेट से बावड़ी गेट, दादरी गेट, हालुवास गेट, दिनोद गेट, घंटाघर चौक, हांसी गेट, महम गेट तक के करीब पांच किलोमीटर के सरकुलर रोड पर फिलहाल सोडियम स्ट्रीट लाइटें लगी है। अधिकतर लाइटें खराब हैं। उपायुक्त सुजान सिंह ने चार्ज संभालने के बाद रात को शहर का निरीक्षण किया और नप अधिकारियों को स्ट्रीट लाइटें ठीक करने के निर्देश दिए। नप अधिकारियों ने ठेकेदार के माध्यम से लाइटें ठीक कराने का काफी प्रयास किया। एक बार जलने के बाद लाइटें बार-बार खराब होती रही। अभी भी हालात ये हैं कि करीब पांच किलोमीटर के सरकुलर रोड पर अभी काफी क्षेत्र अंधेरे में डूबा है। काफी स्ट्रीट लाइटें खराब है। कुछ पोल भी टूटे हुए हैं। अब नगर परिषद अधिकारियों ने इन लाइटों को बदलने का निर्णय लिया है। निर्णय लिया गया है कि सारी सोडियम लाइटें हटाकर इनकी जगह एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। अब लगे पोल पर ही ये एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। नप ने निर्णय लिया है कि जैसे रोहतक रोड और लोहारू रोड एलईडी लाइटों की दूधिया रोशनी में जगमगा रहे है, वैसे ही शहर के सरकुलर रोड को भी रोशन किया जाए। इसके लिए एस्टिमेट तैयार किया जा रहा है। लाइटों को बदलने में करीब 80 से 90 लाख तक का खर्च आने का अनुमान है।
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अंधेरे में डूबा मिनी बाईपास भी होगा रोशन : बस स्टैंड से शहर बना शहर का मिनी बाईपास फिलहाल अंधेरे में डूबा है। रात के समय यहां हादसों की आशंका रहती है। मिनी बाईपास होने के कारण यहां वाहनों का आवागमन भी ज्यादा रहता है और रात के समय अंधेरे और सामने से चार पहिया वाहनों की लाइटें लगने से हादसे भी हो रहे है। नप ने मिनी बाईपास के पूरे मार्ग को भी एलईडी लाइटों से रोशन करने का निर्णय लिया है। इसका भी एस्टिमेट बनाया जा रहा है।
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वर्षों से चल रहे सिर्फ प्रयास : शहर के सरकुलर रोड की स्ट्रीट लाइटों को बदलने का प्लान वर्षों पहले बना था। करीब 2013-14 में भी सभी स्ट्रीट लाइटों को बदलकर एलईडी लाइटें लगाने का प्लान बना था। उस समय अक्षय ऊर्जा विभाग ने भी सौर ऊर्जा आधारित एलईडी लाइटों का प्रोजेक्ट बनाया था। जिसमें एक कंपनी को इसकी सारी जिम्मेदारी दी जानी थी। उसमें बिजली की भी काफी बचत होती है और नप को लाखों के बिजली बिल की भी चपत नहीं लगती। मगर वह योजना सिरे नहीं चढ़ सकी। उसके बाद भी अनेक प्लान बने मगर सिरे नहीं चढ़ पाए। अब एक बार फिर नप अधिकारी सरकुलर रोड की स्ट्रीट लाइटें बदलने के लिए एस्टिमेट बनाने में जुटे है।
शहर के सरकुलर रोड की सारी स्ट्रीट लाइटें बदली जाएंगी। इनकी जगह एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। रोहतक रोड और लोहारू रोड पर लगाई स्ट्रीट लाइटों की तर्ज पर ही लाइटें लगाई जाएंगी। एस्टिमेट बनाए जा रहे है। जल्द ही बाकी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- सुरेंद्र सिंह, एमई, नगर परिषद