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प्रदूषण के चलते भिवानी में स्टोन क्रेशर, मिक्सर हॉट प्लांट और ईंट भट्ठे अनिश्चितकाल के लिए बंद
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खानक में बंद पड़ा क्रेशर। संवाद
- फोटो : Bhiwani
तोशाम (भिवानी)। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के आदेशों के चलते खनन क्षेत्र खानक-डाडम में स्टोन क्रेशरों को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। विभाग के आदेशों के चलते बिजली विभाग ने स्टोन क्रेशरों के कनेक्शन काट दिए हैं। क्रेशरों के बंद होने से निर्माण कार्यों में कमी आ सकती है और साथ ही निर्माण सामग्री भी महंगी होने की आशंका है। इसके साथ ही ईंट भट्ठे और मिक्सर हॉट प्लांट भी बंद करने के आदेश जारी हुए हैं।
खानक और डाडम में करीबन 350 क्रेशर इकाइयां हैं, जिनमें से 200 के करीब चल रही हैं। उधर खानक-डाडम स्टोन क्रेशर एसोसिएशन ने प्रदूषण नियंत्रण विभाग द्वारा अनिश्चितकाल के लिए क्रेशरों को बंद करने के निर्णय को गलत बताया है। इस संबंध में खानक-डाडम स्टोन क्रेशर एसोसिएशन के प्रधान सुनील जिंदल का कहना है कि विभाग द्वारा बिना किसी पूर्व जानकारी के ही क्रेशरों की बिजली काट दी गई है और उन्हें अनिश्चित काल के लिए बंद करने के आदेश दे दिए गए हैं।
सुनील जिंदल ने कहा कि एनसीआर का बहाना बनाकर हर वर्ष क्रेशरों को बंद कर दिया जाता है, जबकि नए नियमों के अनुसार खानक-डाडम क्षेत्र एनसीआर से बाहर कर दिया गया है। फिर भी क्रेशरों को बंद कर दिया गया है। इससे क्रेशर मालिकों को तीन से चार लाख रुपये प्रति सप्ताह के हिसाब से नुकसान उठाना पड़ रहा है। सुनील जिंदल ने कहा कि वे इस फैसले के विरोध में सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
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प्लांट चलता पाया गया तो करेंगे कार्रवाई : कौशिक
प्रदूषण नियंत्रण विभाग के जिला साइंटिस्ट अर्पणेश कौशिक ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सब कमेटी ग्रैब के आदेशों के कारण एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण करने के लिए हॉट मिक्स, प्लांट और क्रेशरों आदि को बंद कर दिया गया है, क्योंकि प्रदूषण बढ़ा हुआ है। तोशाम के एसडीएम और थाना प्रभारी की ओर से क्रेशरों की जांच की जा रही है। कोई भी क्रेशर अथवा हॉट मिक्स प्लांट अगर चलता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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खानक और डाडम में करीबन 350 क्रेशर इकाइयां हैं, जिनमें से 200 के करीब चल रही हैं। उधर खानक-डाडम स्टोन क्रेशर एसोसिएशन ने प्रदूषण नियंत्रण विभाग द्वारा अनिश्चितकाल के लिए क्रेशरों को बंद करने के निर्णय को गलत बताया है। इस संबंध में खानक-डाडम स्टोन क्रेशर एसोसिएशन के प्रधान सुनील जिंदल का कहना है कि विभाग द्वारा बिना किसी पूर्व जानकारी के ही क्रेशरों की बिजली काट दी गई है और उन्हें अनिश्चित काल के लिए बंद करने के आदेश दे दिए गए हैं।
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सुनील जिंदल ने कहा कि एनसीआर का बहाना बनाकर हर वर्ष क्रेशरों को बंद कर दिया जाता है, जबकि नए नियमों के अनुसार खानक-डाडम क्षेत्र एनसीआर से बाहर कर दिया गया है। फिर भी क्रेशरों को बंद कर दिया गया है। इससे क्रेशर मालिकों को तीन से चार लाख रुपये प्रति सप्ताह के हिसाब से नुकसान उठाना पड़ रहा है। सुनील जिंदल ने कहा कि वे इस फैसले के विरोध में सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
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प्लांट चलता पाया गया तो करेंगे कार्रवाई : कौशिक
प्रदूषण नियंत्रण विभाग के जिला साइंटिस्ट अर्पणेश कौशिक ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सब कमेटी ग्रैब के आदेशों के कारण एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण करने के लिए हॉट मिक्स, प्लांट और क्रेशरों आदि को बंद कर दिया गया है, क्योंकि प्रदूषण बढ़ा हुआ है। तोशाम के एसडीएम और थाना प्रभारी की ओर से क्रेशरों की जांच की जा रही है। कोई भी क्रेशर अथवा हॉट मिक्स प्लांट अगर चलता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।