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शादी का शुभ मुहूर्त: आज से खरमास के लगने के साथ ही नहीं बजेगी शहनाई, ब्याह के लिए करना पड़ेगा इंतजार

Wed, 15 Mar 2023 04:23 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Wed, 15 Mar 2023 04:23 PM IST
सार

सूर्यदेव ने मीन राशि में प्रवेश किया है जिसे तीन संक्रांति या खरमास कहा जाता है। हिंदू धर्म में खरमास के 30 दिन बहुत ही महत्वपूर्ण माने गए हैं और इस दौरान किसी भी प्रकार के शुभ व मांगलिक कार्यों को करने की मनाही होती है।

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start of Kharmas from today not Auspicious time for marriage
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

15 मार्च से सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करते ही खरमास लग गए हैं। खरमास लगने के साथ ही शादी-ब्याह पर ब्रेक लग गया है। हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार सूर्य एक ऐसे देवता है, जिनके दर्शन हमें प्रतिदिन होते हैं. पंचांग के अनुसार जब-जब सूर्य देवता देवगुरु बृहस्पति की राशि धनु और मीन में प्रवेश करते हैं, तब-तब खरमास लगता है। इस तरह से  साल में दो बार खरमास लगता है। खरमास के दौरान कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य संपन्न नहीं हेाता है।  

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30 दिनों तक रहेगा खरमास
पंडित श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि ग्रहों की शुभ-अशुभ स्थिति व्यक्ति के जीवन पर काफी प्रभाव डालती है। ग्रहों की स्थिति बदलने पर ही महीना बदल जाता है। आज सूर्यदेव ने मीन राशि में प्रवेश किया है जिसे तीन संक्रांति या खरमास कहा जाता है। हिंदू धर्म में खरमास के 30 दिन बहुत ही महत्वपूर्ण माने गए हैं और इस दौरान किसी भी प्रकार के शुभ व मांगलिक कार्यों को करने की मनाही होती है। आज 15 मार्च से खरमास शुरू हो गया है और 30 दिनों तक रहेगा।
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श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार आज 15 मार्च को सुबह 5 बजकर 17 मिनट पर सूर्य ने मीन राशि में गोचर किया है, जिसे सूर्य गोचर, मीन संक्रांति या खरमास कहा जाता है। अब अगले 30 दिनों तक 14 अप्रैल तक सूर्य मीन राशि में ही रहेंगे और इस पूरी अवधि में कुछ कार्यों को विशेष तौर पर करने की मनाही होती है।

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नवरात्र 22 मार्च से 30 मार्च तक रहेंगे

श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खरमास के दौरान शादी-विवाह जैसे कार्य नहीं किए जाते। मान्यता है कि अगर खरमास में शादी की जाए तो सुख-सम्पत्ति की प्राप्ति नहीं होती, इसलिए खरमास में शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है। इसके अलावा खरमास में लगन, गृह प्रवेश, जनेऊ और मुंडन जैसे कार्य भी वर्जित होते हैं।

उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म में खरमास को मांगलिक कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है। क्योंकि इस दौरान धनु राशि में सूर्य के होने से स्थितियां बिगड़ जाती हैं। अगर इस दौरान आप कोई शुभ या मांगलिक कार्य करते हैं तो वह कार्य खराब हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि अगर कोई नया बिजनेस शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं तो भूलकर भी खरमास के महीने में शुरुआत न करें, क्योंकि इससे आपको नुकसान ही होगा।

मान्यता है कि खरमास के दिनों में शुभ कार्य करने से वह अशुभ फल प्रदान करता है और इसलिए शुभ कार्यों की मनाही होती है। इसी अवधि के दौरान चैत्र नवरात्र नव संवत्सर 2080 भी प्रारंभ हो रहा है। नवरात्र 22 मार्च से 30 मार्च तक रहेंगे जिनमें कुछ शुभ कार्य करने की अनुमति प्रदान की गई है।

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