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विशेष योग में मनाई जाएगी हरियाली तीज
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तीज उत्सव मनातीं महिलाएं।
- फोटो : Bhiwani
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तोशाम। इस बार हरियाली तीज तीन विशेष योग में मनाई जाएगी। तीज पर्व पर 14 साल बाद राजयोग, रवि योग व शिव योग का संयोग बना है। समृद्धि व सुहागिनों के प्रमुख त्योहारों में से एक हरियाली तीज बुधवार को मनाई जाएगी।
पंडित श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि हर साल सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज का व्रत रखा जाता है। इस दिन सुहागिनें अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। तीज पर 14 साल बाद राजयोग, रवि योग व शिवयोग का संयोग बन रहा है। इससे पहले 2007 में यह विशेष संयोग रहा था।
पूजन को लेकर अलग-अलग मान्यताएं
कई जगहों पर महिलाएं माता पार्वती की पूजा करने के पश्चात लाल मिट्टी से नहाती हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से महिलाएं पूरी तरह शुद्ध हो जाती हैं। कुछ जगहों पर इस दिन मेले लगते हैं और मां पार्वती की सवारी बड़े धूमधाम से निकाली जाती है। सुहागिनें शाम के समय माता पार्वती से अपने सुहाग के दीर्घायु होने की कामना करती हैं। सावन में पड़ने के कारण इस व्रत को श्रावणी तीज भी कहा जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। हरियाली तीज के दिन हरी चूड़ियां, हरे वस्त्र, 16 शृंगार और मेहंदी लगाने का विशेष महत्व है। हरियाली तीज पर नवविवाहित लड़की को मायके बुलाया जाता है। परंपरा के अनुसार लड़की के ससुराल से मिठाई, वस्त्र और गहने आते हैं। कस्बे में बुधवार को तीज मेला लगाया जाएगा।
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पंडित श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि हर साल सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज का व्रत रखा जाता है। इस दिन सुहागिनें अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। तीज पर 14 साल बाद राजयोग, रवि योग व शिवयोग का संयोग बन रहा है। इससे पहले 2007 में यह विशेष संयोग रहा था।
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पूजन को लेकर अलग-अलग मान्यताएं
कई जगहों पर महिलाएं माता पार्वती की पूजा करने के पश्चात लाल मिट्टी से नहाती हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से महिलाएं पूरी तरह शुद्ध हो जाती हैं। कुछ जगहों पर इस दिन मेले लगते हैं और मां पार्वती की सवारी बड़े धूमधाम से निकाली जाती है। सुहागिनें शाम के समय माता पार्वती से अपने सुहाग के दीर्घायु होने की कामना करती हैं। सावन में पड़ने के कारण इस व्रत को श्रावणी तीज भी कहा जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। हरियाली तीज के दिन हरी चूड़ियां, हरे वस्त्र, 16 शृंगार और मेहंदी लगाने का विशेष महत्व है। हरियाली तीज पर नवविवाहित लड़की को मायके बुलाया जाता है। परंपरा के अनुसार लड़की के ससुराल से मिठाई, वस्त्र और गहने आते हैं। कस्बे में बुधवार को तीज मेला लगाया जाएगा।
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