फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Special on World NGO Day: Selling own house, built school, educating the differently-abled and making them stand on their feet

विश्व एनजीओ दिवस पर विशेष : खुद का मकान बेच बनाया स्कूल, दिव्यांगों को शिक्षित कर पैरों पर कर रहे खड़ा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 27 Feb 2022 01:11 AM IST
विज्ञापन
Special on World NGO Day: Selling own house, built school, educating the differently-abled and making them stand on their feet
आस्था स्पेशल स्कूल में दिव्यांग बच्चों के संगीत सिखाते शिक्षक विजय शर्मा व सुमन शर्मा। विज्ञप्? - फोटो : Bhiwani
नवनीत शर्मा
विज्ञापन

भिवानी। दिव्यांग बच्चों का जीवन संवारने के लिए भिवानी की एक दंपती में इतना जुनून है कि उनके लिए निशुल्क स्कूल बनाने के लिए अपना घर ही बेच दिया। श्रीसीतादेवी श्रीनिवासशास्त्री खारकीव सेवा निधि द्वारा दान में मिली भूमि पर भूखंड निर्माण के लिए अपने मकान और अन्य संपत्ति को बेचकर उन्होंने 15 लाख रुपये जमा किए और स्कूल का नया भवन खड़ा कर दिया। इस स्कूल में दिव्यांग बच्चों को शिक्षित कर उनको पैरों पर खड़ा किया जा रहा है।
आज विश्व गैर सरकार संगठन (एनजीओ) दिवस है। इसी को लेकर हमने शहर के ऐसे एनजीओ संचालक फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी विजय शर्मा और सुमन शर्मा के बारे में जानकारी जुटाई जो समाज सेवा में लगे हुए हैं। विजय शर्मा ने दृष्टिहीन नानी की पीड़ा देख दिव्यांग बच्चों का भविष्य संवारने का बीड़ा उठाया। आज उनके स्कूल में 60 दिव्यांग बच्चे निशुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे है।
विज्ञापन

उनका एनजीओ आदर्श रिहेबिलिटेशन एंड एजुकेशनल सोसायटी द्वारा आदर्श स्पेशल स्कूल का संचालन किया जा रहा है। इसके लिए सरकार की ओर से कोई मदद नहीं की जाए रही, बल्कि वे अपने स्तर और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से कार्य में जुटे हैं। आस्था स्पेशल स्कूल में दृष्टिहीन, मानसिक मंद, ओटिज्म, मूकबधिर, सेरेब्रल पाल्सी दिव्यांग बच्चे पढ़ाई कर रहे है। फिलहाल उनके स्कूल में 60 बच्चे हैं, जिनके लिए स्कूल में स्टाफ नियुक्ति किया हुआ है और वे खुद भी पुरे परिवार के साथ बच्चों को पढ़ाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसा रहा सोसायटी से स्कूल तक का सफर
फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी विजय ने बताया कि वह 13 साल की उम्र में ही दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने और उनके साथ रहने लग गए थे। एमए और स्पेशल बीएड के बाद उन्हें वर्ष 1999 में शिक्षक की नौकरी मिली। इसके बाद उन्होंने प्रदेश के अलग-अलग जिलो से दिव्यांग बच्चे गोद लिए और उनको पढ़ाना शुरू किया। वर्ष 2002 में उनकी शादी सुमन शर्मा के साथ हो गई, जिसके बाद उनकी पत्नी ने भी उनका सहयोग किया। वर्ष 2011 में उन्होंने आस्था रिहेबिलिटेशन एंड एजुकेशनल सोसायटी की स्थापना की, जिसके माध्यम से दिव्यांग बच्चों के कल्याण के लिए कार्य शुरू किए। दिव्यांग बच्चों को निशुल्क शिक्षा और पुनर्वास के लिए वर्ष 2015 में उन्होंने आस्था स्पेशल स्कूल की स्थापना की, जोकि पूर्ण रूप से गैर सरकारी संस्थान के रूप में संचालित है।
दिव्यांग बच्चों की पढ़ाने के लिए सुमन ने की विशेष बीएड
स्कूल संचालक व प्राचार्य सुमन शर्मा ने शादी के समय सिर्फ 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की हुई थी। बाद में दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई के लिए विशेष बीएड की। पति के समक्ष दिव्यांग बच्चों की निशुल्क शिक्षा के लिए स्कूल खोलने की इच्छा जताई तो विजय शर्मा ने कुछ सामाजिक संगठनों से संपर्क साधा, जिसके बाद फ्रेंड्स कॉलोनी में सामुदायिक केंद्र की जगह बच्चों को पढ़ाने के लिए मिल गई। पिछले दिनों उन्होंने सेक्टर 13 के पीछे तिगड़ाना फाटक के नजदीक स्वयं का भवन बना लिया है, जिसमें 60 दिव्यांग बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।
संस्थान को परिवार समझ कर रहे संचालन
संस्थान के संस्थापक विजय शर्मा ने बताया कि उनकी पत्नी सुमन शर्मा पूरा दिन दिव्यांग बच्चों को पढ़ाई, कलात्मक कार्य और खेल गतिविधियां करवाती है। उनके इस सहयोग की बदौलत आठ दिव्यांग बच्चों को सरकारी नौकरी मिल पाई है और गांव मंढाणा निवासी विकास यूपीएससी की तैयारी कर रहा है। उनकी बेटी खुशी जोकि 12वीं कक्षा में पढ़ती है और वह खुद राष्ट्रीय स्तर पर नृत्य में नाम रोशन कर चुकी है। खुशी भी स्कूल से आने के बाद दिव्यांग बच्चों को नृत्य सिखाती है, जिससे दिव्यांग बच्चों ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में इनाम हासिल किए है। इनके अलावा उनका बेटा देवांश भी दिव्यांग बच्चों के साथ ही खेलने और पढ़ने में लगा रहता है। (संवाद)

दिव्यांगों के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है
दिव्यांगों के हितों के लिए सरकार की ओर से अनेक सुविधाएं दी जा रही हैं और सरकार द्वारा लागू योजनाओं में दिव्यांगों को विशेष रूप से आरक्षण दिया जा रहा है। दिव्यांगों के हितों में कार्य करने वाले सभी एनजीओ का हार्दिक आभार। ऐसे एनजीओ से प्रेरणा लेकर अन्य सामाजिक संगठनों और एनजीओ को भी आगे आना चाहिए, ताकि दिव्यांगों का कल्याण हो सके। सरकार के साथ ही आम नागरिक को अपनी भागीदारी दर्ज करवानी चाहिए।
- राजकुमार मक्कड़, आयुक्त, हरियाणा राज्य दिव्यांग जन।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed