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Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Some changed their name and some changed their address, the bags are still carried on the backs of children in illegal schools.

Bhiwani News: किसी का नाम बदला तो किसी ने बदल दिया अपना पता, अब भी लदा है अवैध स्कूलों में बच्चों की पीठ पर बस्ता

Wed, 17 Apr 2024 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Wed, 17 Apr 2024 11:59 PM IST
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Some changed their name and some changed their address, the bags are still carried on the backs of children in illegal schools.
भिवानी। तू डाल-डाल तो मैं पात-पात वाली कहावत इन दिनों शिक्षा विभाग पर सटीक बैठ रही है। क्योंकि शिक्षा विभाग अधिकारियों ने जिले में जिन गैर मान्यता वाले निजी स्कूलों और शिक्षा अकादमियों के अलावा प्ले स्कूलों की सूची तैयार की थी। उनमें से अब अधिकांश ने अपना नाम बदल लिया है तो किसी का पता यानी ठिकाना ही बदल गया है। इन स्कूलों में रोजाना ही पीठ पर बस्ता लाद बच्चे भी शिक्षा के लिए पहुंच रहे हैं। शिक्षा विभाग केवल इन स्कूलों की सूची तैयार कर हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
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भिवानी जिले में सात खंडों के अंदर करीब 110 गैर मान्यता वाले निजी स्कूल, शिक्षा अकादमियां, प्ले स्कूल चल रहे हैं। इन सभी को शिक्षा अधिकारियों के सर्वेक्षण के अनुसार सूचीबद्ध भी कर दिया गया है। इसकी जानकारी भी स्कूल शिक्षा निदेशालय को दी गई है। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग का पूरा फोकस इन दिनों मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के स्कूली वाहनों पर हैं, जिनकी सुरक्षा मानकों को लेकर इतनी तत्परता दिखाई जा रही है कि अब छुट्टी के दिन भी इनकी पासिंग होगी और इनके मानकों की जांच होगी, लेकिन सप्ताह में छह दिन धड़ल्ले से खुले रहने वाले अवैध स्कूलों और शिक्षा अकादमियों पर अधिकारियों की नजरें अभी तक नहीं टिकी हैं। यही वजह है कि इनके अंदर पढ़ने वाले बच्चों को जाने और वापस घर जाने के लिए वाहनों का ही इस्तेमाल हो रहा है। जब स्कूल ही वैध नहीं हैं तो मानक कहां से पूरे होंगे। संवाद
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कोई एचबीएसई तो कोई सीबीएसई की सम्बद्धता के भी लगा रहा बोर्ड
बिना मान्यता के ही स्कूल और शिक्षा अकादमियां अपने भवनों के बाहर एचबीएसई और सीबीएसई से सम्बद्धता से जुड़े बोर्ड भी लगा स्कूली बच्चों के दाखिला धड़ल्ले से कर रहे हैं। इनके अंदर दाखिलों को रोकने के लिए अभी तक शिक्षा विभाग ने न तो कोई अधिकारिक कमेटी का गठन किया है न ही दाखिला रोकने के लिए कोई चेकिंग या जांच चल रही है। विभाग ने अभी तक केवल इनके नामों की सूची ही तैयार की है। ऐसे में इनके अंदर हो रहे दाखिलों को कैसे रोकें ये जवाब भी किसी अधिकारी के पास नहीं हैं, वहीं अधिकारी अपनी जिम्मेदारी अभिभावकों पर ही थोप रहे हैं।
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महिला एवं बाल विकास विभाग और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा जारी निर्देशानुसार जिले में चल रहे प्राइवेट प्ले स्कूलों को पंजीकरण कराना अनिवार्य है। बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला केवल पंजीकृत प्ले स्कूलों में ही करवाएं। सभी प्राइवेट स्कूलों से भी आह्वान किया गया है कि वे अपने प्राइवेट प्ले स्कूल का विभागीय दिशा निर्देशानुसार जल्द से जल्द पंजीकरण करवाना सुनिश्चित करें। अन्यथा बिना पंजीकरण के चल रहे प्ले स्कूलों को नियमानुसार बंद करवा दिया जाएगा।
- वैशाली, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग भिवानी।
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन व अन्य की जनहित याचिका पर स्कूल शिक्षा विभाग ने हाईकोर्ट में एक अप्रैल से सभी गैर मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल बंद कराने का शपथ पत्र दिया हुआ है, लेकिन अभी भी धड़ल्ले से बिना मान्यता वाले स्कूल, प्ले स्कूल और शिक्षा अकादमी चल रही हैं, जिनमें बिना रोक टोक दाखिला भी हो रहे हैं। कई स्कूलों ने तो अपने स्कूल के नाम भी बदल दिए हैं ओर फर्जी सम्बद्धता दर्शाकर बच्चों के दाखिले कर रहे हैं। जल्द ही न्यायालय की अवमानना मामले में संगठन फिर से कोर्ट का रुख करेगा।

- बृजपाल सिंह परमार, संस्थापक सदस्य, स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन।
हमने क्लस्टर हेड की निगरानी में खंड स्तर पर कमेटियों का गठन किया हुआ है। ये कमेटियां लगातार अपने खंड के तहत बिना मान्यता वाले स्कूल, प्ले स्कूल और शिक्षा अकादमियों पर निगरानी रखे हुए हैं। किसी भी तरह का नाम और पता बदलने से कुछ नहीं होगा। जल्द ही इनकी जिला स्तर पर सूची को भी सार्वजनिक कर दिया जाएगा और कार्रवाई की जाएगी।
-नरेश महता, जिला शिक्षा अधिकारी, भिवानी।
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