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नियमित प्रवेश के लिए एसएलसी अनिवार्य
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राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। स्कूलों में प्रवेश को लेकर सरकार ने नया नियम जारी किया है। अब सरकारी स्कूलों स्थायी प्रवेश के लिए एसएलसी अनिवार्य है।
जिले के सरकार स्कूली में अब तक पहली से लेकर 12वीं कक्षा तक 119343 विद्यार्थियों का एडमिशन हो चुका है। फिलहाल दाखिला प्रक्रिया जारी है। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार काफी विद्यार्थी निजी स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने के लिए आए हैं। ऐसे में विद्यार्थियों का निजी स्कूलों से सरकारी स्कूल में आने पर एसएलसी का मामला कई दिनों पर सुर्खियों में रहा। सरकार ने एक बार एसएलसी की अनिवार्यता, रद्द कर दी थी। मगर अब स्कूल शिक्षा निदेशालय ने फिर से आदेश जारी कर एसएलसी की अनिवार्यता पर अपनी मुहर लगा दी है। नए नियमों के अनुसार विद्यार्थी निजी स्कूलों में कोरोना काल के दौरान की ट्यूशन फीस देकर एसएलसी ले सकते हैं। अगर कोई निजी स्कूल संचालक उन्हें एसएलसी देने से मना करता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
निदेशालय ने जारी किए आदेश
अगर कोई विद्यार्थी निजी स्कूल से सरकारी स्कूल में पढ़ाने के लिए आता है तो उसका अस्थायी दाखिला किया जाएगा। विद्यार्थी द्वारा एसएलसी जमा करवाने के बाद ही उसका स्थायी यानी रेगुलर एडमिशन किया जाएगा। इसके लिए स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से आदेश जारी किए गए हैं।
- रामअवतार शर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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जिले के सरकार स्कूली में अब तक पहली से लेकर 12वीं कक्षा तक 119343 विद्यार्थियों का एडमिशन हो चुका है। फिलहाल दाखिला प्रक्रिया जारी है। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार काफी विद्यार्थी निजी स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने के लिए आए हैं। ऐसे में विद्यार्थियों का निजी स्कूलों से सरकारी स्कूल में आने पर एसएलसी का मामला कई दिनों पर सुर्खियों में रहा। सरकार ने एक बार एसएलसी की अनिवार्यता, रद्द कर दी थी। मगर अब स्कूल शिक्षा निदेशालय ने फिर से आदेश जारी कर एसएलसी की अनिवार्यता पर अपनी मुहर लगा दी है। नए नियमों के अनुसार विद्यार्थी निजी स्कूलों में कोरोना काल के दौरान की ट्यूशन फीस देकर एसएलसी ले सकते हैं। अगर कोई निजी स्कूल संचालक उन्हें एसएलसी देने से मना करता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
निदेशालय ने जारी किए आदेश
अगर कोई विद्यार्थी निजी स्कूल से सरकारी स्कूल में पढ़ाने के लिए आता है तो उसका अस्थायी दाखिला किया जाएगा। विद्यार्थी द्वारा एसएलसी जमा करवाने के बाद ही उसका स्थायी यानी रेगुलर एडमिशन किया जाएगा। इसके लिए स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से आदेश जारी किए गए हैं।
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- रामअवतार शर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।