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राज्य महिला आयोग की सदस्य ने बंद कमरे में की पीड़ित पक्ष से बात

Thu, 27 Feb 2020 12:21 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 27 Feb 2020 12:21 AM IST
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जाटू लोहारी मामले में पीड़ित महिला पक्ष के ब्यान दर्ज करातीं महिला आयोग की सदस्या इंदू यादव। संव - फोटो : Bhiwani
गांव जाटूलुहारी में महिला और सरपंच विवाद मामले में राज्य महिला आयोग की सदस्या इंदू यादव बुधवार को भिवानी पहुंची। रेस्ट हाउस में उसने दोनों पक्षों को सुना। इस दौरान इंदू यादव ने पहले महिला पक्ष से बंद कमरे में बातचीत की और पूरे मामले में संज्ञान लिया। इसके बाद सरपंच पक्ष से भी बात की। बाद में इंदू यादव जिला नागरिक अस्पताल के वार्ड नंबर तीन में पहुंची, जहां दाखिल निर्मला का हालचाल जाना और इस प्रकरण से संबंधित जानकारी जुटाई।
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बुधवार दोपहर पौने एक बजे राज्य महिला आयोग की सदस्या इंदू यादव रेस्ट हाउस पहुंची तो दोनों पक्ष पहले से ही वहां मौजूद थे। गांव जाटूलुहारी निवासी निर्मला की पुत्रवधू और बेटे से इंदू ने बंद कमरे में करीब पौना घंटे तक बातचीत की। इसी दौरान बाहर खड़े बवानीखेड़ा पुलिस थाना के एसएचओ श्रीभगवान से कामरेड ओमप्रकाश की मामले की जांच को लेकर कहासुनी हो गई। कामरेड ओमप्रकाश ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाए तो एसएचओ ने आरोपों को गलत बताया।
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महिला आयोग के रोने लगी महिला : रेस्ट हाउस में मौजूद लेबर क्रांति के प्रदेश संयोजक राजेंद्र तंवर, कामरेड ओमप्रकाश, शिवकुमार प्रजापति ने भी पीड़ित महिला पक्ष के साथ हुई ज्यादती के संबंध में महिला आयोग सदस्य को अवगत कराया। इसके बाद जब टीम जिला सामान्य अस्पताल के वार्ड नंबर तीन में दाखिल निर्मला से मिलने पहुंची तो महिला आयोग सदस्या के सामने ही महिला फफक फफक कर रोने लगी और गांव में जाने से साफ इंकार कर दिया। महिला ने गांव में अपनी और अपने परिवार की जान को खतरा बताया। इस पर महिला आयोग की सदस्या ने इस मामले में उचित कार्रवाई कराने का भरोसा दिलाया।
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इस मामले में सरपंच पक्ष के लोगों ने भी इंदू यादव के समक्ष अपनी बात रखी और गांव में किसी तरह के तनाव व विवाद की बात को नकारा। सरपंच ने कहा कि उनका महिला के साथ पहले कभी कोई विवाद नहीं रहा। सफाई के दौरान जो घटनाक्रम हुआ, उसके संबंध में ग्रामीण भी साक्षी है।

उनके थाने में किसी के साथ कोई गलत नहीं होता। जांच अधिकारी या पुलिस पर झूठे आरोप लगाना निराधार है। उन्होंने कामरेड से सही बात बताने के लिए कहा था, झूठी बात करना सामाजिक व्यक्ति का काम नहीं है।
- श्रीभगवान यादव, एसएचओ बवानीखेड़ा पुलिस थाना।
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