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Bhiwani News: नौकरी का झांसा देकर 22 अभ्यर्थियों से 44 लाख ठगे
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बहल। सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर 22 अभ्यर्थियों से कथित तौर पर 44 लाख रुपये लेने का मामला सामने आया है। गांव सेरला निवासी कोचिंग संचालक सतीश कुमार की शिकायत पर बहल थाना पुलिस ने दिल्ली के रोहिणी निवासी सतीश जैन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
शिकायत के अनुसार अक्तूबर-नवंबर 2024 में आरोपी ने शिक्षा विभाग में जेबीटी, पीजीटी, टीजीटी और एलडीसी/यूडीसी पदों पर नियुक्ति का भरोसा दिया। आरोप है कि जेबीटी व एलडीसी के लिए छह लाख, टीजीटी व यूडीसी के लिए सात लाख और पीजीटी पद के लिए आठ लाख रुपये तय किए गए थे। कुछ रकम अग्रिम और शेष नियुक्ति के बाद देने की बात कही गई थी।
बैंक खाते में जमा करवाए रुपये
शिकायतकर्ता के मुताबिक आरोपी ने अभ्यर्थियों से अपने बैंक खाते में रुपये जमा करवाए। शिकायतकर्ता और एक अन्य कोचिंग सेंटर संचालक के माध्यम से कुल 22 अभ्यर्थियों से 44 लाख रुपये लिए गए। आरोप है कि भरोसा कायम करने के लिए आरोपी ने शुरुआती भुगतानों के बदले कुछ चेक भी दिए थे।
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फर्जी ई-मेल और एडमिट कार्ड भेजने का आरोप
शिकायत के अनुसार अभ्यर्थियों से आवेदन संबंधी दस्तावेज लेकर ई-मेल के जरिये भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने की जानकारी दी गई। बाद में कुछ अभ्यर्थियों को साक्षात्कार का शेड्यूल और एडमिट कार्ड भी भेजे गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंधित कार्यालय से जानकारी लेने पर पता चला कि ऐसी कोई भर्ती प्रक्रिया नहीं चल रही थी और ई-मेल व एडमिट कार्ड फर्जी थे।
28 लाख रुपये के चेक बाउंस
शिकायतकर्ता ने बताया कि दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने 15 लाख रुपये का तीन जनवरी और 13 लाख रुपये का पांच जनवरी की तारीख वाला चेक दिया। आरोप है कि खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण दोनों चेक बाउंस हो गए। इसके बाद आरोपी का फोन बंद हो गया और उसका व्हाट्सएप अकाउंट भी डिलीट मिला।
बहल थाने में प्राथमिकी दर्ज, जांच जारी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 23 अक्तूबर को बहल थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की जांच उपनिरीक्षक अनिल कुमार को सौंपी गई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। फिलहाल आरोपों की पुष्टि होना बाकी है।
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शिकायत के अनुसार अक्तूबर-नवंबर 2024 में आरोपी ने शिक्षा विभाग में जेबीटी, पीजीटी, टीजीटी और एलडीसी/यूडीसी पदों पर नियुक्ति का भरोसा दिया। आरोप है कि जेबीटी व एलडीसी के लिए छह लाख, टीजीटी व यूडीसी के लिए सात लाख और पीजीटी पद के लिए आठ लाख रुपये तय किए गए थे। कुछ रकम अग्रिम और शेष नियुक्ति के बाद देने की बात कही गई थी।
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बैंक खाते में जमा करवाए रुपये
शिकायतकर्ता के मुताबिक आरोपी ने अभ्यर्थियों से अपने बैंक खाते में रुपये जमा करवाए। शिकायतकर्ता और एक अन्य कोचिंग सेंटर संचालक के माध्यम से कुल 22 अभ्यर्थियों से 44 लाख रुपये लिए गए। आरोप है कि भरोसा कायम करने के लिए आरोपी ने शुरुआती भुगतानों के बदले कुछ चेक भी दिए थे।
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फर्जी ई-मेल और एडमिट कार्ड भेजने का आरोप
शिकायत के अनुसार अभ्यर्थियों से आवेदन संबंधी दस्तावेज लेकर ई-मेल के जरिये भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने की जानकारी दी गई। बाद में कुछ अभ्यर्थियों को साक्षात्कार का शेड्यूल और एडमिट कार्ड भी भेजे गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंधित कार्यालय से जानकारी लेने पर पता चला कि ऐसी कोई भर्ती प्रक्रिया नहीं चल रही थी और ई-मेल व एडमिट कार्ड फर्जी थे।
28 लाख रुपये के चेक बाउंस
शिकायतकर्ता ने बताया कि दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने 15 लाख रुपये का तीन जनवरी और 13 लाख रुपये का पांच जनवरी की तारीख वाला चेक दिया। आरोप है कि खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण दोनों चेक बाउंस हो गए। इसके बाद आरोपी का फोन बंद हो गया और उसका व्हाट्सएप अकाउंट भी डिलीट मिला।
बहल थाने में प्राथमिकी दर्ज, जांच जारी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 23 अक्तूबर को बहल थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की जांच उपनिरीक्षक अनिल कुमार को सौंपी गई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। फिलहाल आरोपों की पुष्टि होना बाकी है।