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हमले में घायल हुए रिटायर्ड सफाई कर्मचारी ने तोड़ा दम
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विष्णु की फाइल फोटो।
- फोटो : Bhiwani
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भिवानी। हनुमान गेट क्षेत्र निवासी नगर परिषद के एक रिटायर्ड सफाई कर्मचारी पर पुरानी रंजिश को लेकर कुछ लोगों ने घर के अंदर घुसकर हमला कर दिया। घटना के एक सप्ताह बाद इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक के बेटे ने उसके पिता की पीट पीटकर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। वहीं उसने आरोपियों से पुरानी रंजिश की बात कही है।
मृतक के बेटे का आरोप है कि आरोपियों ने उसका अपहरण कर उसके कोरे कागज पर हस्ताक्षर करा उसका ऑटो रिक्शा हड़प लिया था, जिसके बाद भी आरोपियों ने उनके घर में घुसकर वारदात कर दी। मंगलवार को सिटी पुलिस ने शव का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया, वहीं पुलिस ने मृतक के बेटे के बयान दर्ज कर इस संबंध में आगामी कार्रवाई शुरू कर दी।
हनुमान गेट क्षेत्रवासी अरुण ने बताया कि वह पांव से दिव्यांग है। वे तीन भाई और दो बहन हैं। उसका बड़ा भाई मदन, उसके बाद वह और छोटा शिवा है। उसकी दो बहनें आरती और ज्योति है। उसका पिता 69 वर्षीय विष्णु नगर परिषद से रिटायर्ड सफाई कर्मचारी थे। अरुण ने बताया कि पिछले सोमवार की रात 12 बजे उनके पड़ोस के ही संजय व उसके परिवार ने उनके घर के अंदर घुसकर हमला कर दिया। आरोपियों ने घर में सो रहे उसके पिता विष्णु की छाती में ईंट से हमला कर दिया था। उन्हें इलाज के लिए नागरिक अस्पताल लाया गया था। घायल विष्णु का नागरिक अस्पताल में इलाज चल रहा था कि गंभीर चोटों की वजह से सोमवार शाम को उन्होंने दम तोड़ दिया। मामले की सूचना सिटी पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव कब्जे में लिया और मंगलवार सुबह नागरिक अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया।
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कार का शीशा तोड़ने की शिकायत से शुरू हुई थी रंजिश
मृतक के बेटे अरुण ने बताया कि उनके पड़ोसी ने 2 जनवरी को उनकी कार के शीशे तोड़ने की झूठी शिकायत उसके खिलाफ पुलिस में दी थी, जबकि वारदात के वक्त वह घर पर ही नहीं था। पुलिस कोई कार्रवाई करती आरोपियों ने उसका अपहरण कर लिया और पिस्तौल की नोंक पर उसके कोरे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए। कार के शीशे तोड़ने की एवज में आरोपियों ने उसके सिर 80 हजार रुपये मांगे और फिर उसी राशि को चुकता नहीं करने पर उसका ऑटो रिक्शा भी हथिया लिया था। अरुण ने आरोप लगाया कि जैन पुलिस चौकी ने भी उसकी एक नहीं सुनी और फिर आरोपियों की हिमाकत बढ़ गई और 11 अक्तूबर की रात 12 बजे घर में घुसकर उन पर हमला कर दिया। जिसमें लगी चोटों की वजह से उसके पिता की जान चली गई। अरुण ने अपने पिता की पड़ोसी व उसके परिवार पर हत्या किए जाने के आरोप लगाए हैं, जिसकी शिकायत भी पुलिस को दी है।
रिपोर्ट के आधार पर करेंगे कार्रवाई
पुलिस के समक्ष सूचना आई थी कि अस्पताल में दाखिल मरीज की मौत हो गई है। मृतक के बेटे ने झगड़े में लगी चोटों की वजह से पिता की मौत का कारण बताया है, फिलहाल पुलिस ने शव का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया है। रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-दशरथ, इंचार्ज, जैन पुलिस चौकी भिवानी।
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मृतक के बेटे का आरोप है कि आरोपियों ने उसका अपहरण कर उसके कोरे कागज पर हस्ताक्षर करा उसका ऑटो रिक्शा हड़प लिया था, जिसके बाद भी आरोपियों ने उनके घर में घुसकर वारदात कर दी। मंगलवार को सिटी पुलिस ने शव का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया, वहीं पुलिस ने मृतक के बेटे के बयान दर्ज कर इस संबंध में आगामी कार्रवाई शुरू कर दी।
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हनुमान गेट क्षेत्रवासी अरुण ने बताया कि वह पांव से दिव्यांग है। वे तीन भाई और दो बहन हैं। उसका बड़ा भाई मदन, उसके बाद वह और छोटा शिवा है। उसकी दो बहनें आरती और ज्योति है। उसका पिता 69 वर्षीय विष्णु नगर परिषद से रिटायर्ड सफाई कर्मचारी थे। अरुण ने बताया कि पिछले सोमवार की रात 12 बजे उनके पड़ोस के ही संजय व उसके परिवार ने उनके घर के अंदर घुसकर हमला कर दिया। आरोपियों ने घर में सो रहे उसके पिता विष्णु की छाती में ईंट से हमला कर दिया था। उन्हें इलाज के लिए नागरिक अस्पताल लाया गया था। घायल विष्णु का नागरिक अस्पताल में इलाज चल रहा था कि गंभीर चोटों की वजह से सोमवार शाम को उन्होंने दम तोड़ दिया। मामले की सूचना सिटी पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव कब्जे में लिया और मंगलवार सुबह नागरिक अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया।
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कार का शीशा तोड़ने की शिकायत से शुरू हुई थी रंजिश
मृतक के बेटे अरुण ने बताया कि उनके पड़ोसी ने 2 जनवरी को उनकी कार के शीशे तोड़ने की झूठी शिकायत उसके खिलाफ पुलिस में दी थी, जबकि वारदात के वक्त वह घर पर ही नहीं था। पुलिस कोई कार्रवाई करती आरोपियों ने उसका अपहरण कर लिया और पिस्तौल की नोंक पर उसके कोरे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए। कार के शीशे तोड़ने की एवज में आरोपियों ने उसके सिर 80 हजार रुपये मांगे और फिर उसी राशि को चुकता नहीं करने पर उसका ऑटो रिक्शा भी हथिया लिया था। अरुण ने आरोप लगाया कि जैन पुलिस चौकी ने भी उसकी एक नहीं सुनी और फिर आरोपियों की हिमाकत बढ़ गई और 11 अक्तूबर की रात 12 बजे घर में घुसकर उन पर हमला कर दिया। जिसमें लगी चोटों की वजह से उसके पिता की जान चली गई। अरुण ने अपने पिता की पड़ोसी व उसके परिवार पर हत्या किए जाने के आरोप लगाए हैं, जिसकी शिकायत भी पुलिस को दी है।
रिपोर्ट के आधार पर करेंगे कार्रवाई
पुलिस के समक्ष सूचना आई थी कि अस्पताल में दाखिल मरीज की मौत हो गई है। मृतक के बेटे ने झगड़े में लगी चोटों की वजह से पिता की मौत का कारण बताया है, फिलहाल पुलिस ने शव का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया है। रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-दशरथ, इंचार्ज, जैन पुलिस चौकी भिवानी।