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डीएलएड प्रथम वर्ष में 46.64 तो द्वितीय 65.49 फीसदी परीक्षार्थी हुए उतीर्ण
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पत्रकारों से बातचीत करते शिक्षाबोर्ड के चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह।
- फोटो : Bhiwani
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भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश वर्ष-2019 (प्रथम वर्ष नियमित), डीएलएड प्रवेश वर्ष-2018 (प्रथम वर्ष रि-अपीयर व द्वितीय वर्ष नियमित) एवं डीएलएड प्रवेश वर्ष-2017 (प्रथम व द्वितीय वर्ष रि-अपीयर) परीक्षाएं अक्तूबर-2020 का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। डीएलएड प्रथम वर्ष नियमित में 46.64 फीसदी तो द्वितीय वर्ष में 65.49 फीसदी परीक्षार्थी पास हुए। परीक्षा परिणाम बोर्ड की अधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए लिंक से देखा जा सकता है।
बोर्ड अध्यक्ष प्रो. जगबीर सिंह एवं सचिव राजीव प्रसाद ने बताया कि वार्षिक प्रणाली के तहत डीएलएड प्रथम वर्ष-2019 (नियमित)परीक्षा में 11534 छात्र-अध्यापक प्रविष्ट हुए, जिनमें से 5380 उत्तीर्ण रहे एवं 6154 की रि-अपीयर आई है। पास प्रतिशतता 46.64 रही है। इस परीक्षा में 7545 छात्र-अध्यापिकाओं में से 3804 छात्र-अध्यापिका उत्तीर्ण हुई है। जिनकी पास प्रतिशतता 50.42 रही है। 3,989 छात्र-अध्यापकों में से 1,576 छात्र-अध्यापक उत्तीर्ण हुए हैं, जिनकी पास प्रतिशतता 39.51 रही है।
उन्होंने बताया कि डीएलएड द्वितीय वर्ष-2018 (नियमित) परीक्षा में 15551 छात्र-अध्यापक थे, जिनमें से 10,184 उत्तीर्ण रहे एवं 5367 की रि-अपीयर आई है। इनकी पास प्रतिशतता 65.49 रही है। इस परीक्षा में 10185 छात्र-अध्यापिकाओं में से 7232 छात्र-अध्यापिका उत्तीर्ण हुई है, जिनकी पास प्रतिशतता 71.01 रही है। 5366 छात्र-अध्यापकों में से 2952 छात्र-अध्यापक उत्तीर्ण हुए हैं, जिनकी पास प्रतिशतता 55.01 रही है।
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उन्होंने बताया कि डीएलएड प्रथम वर्ष-2018 (रि-अपीयर) परीक्षा में 4,542 छात्र-अध्यापक प्रविष्ट हुए, जिनमें से 2779 उत्तीर्ण रहे एवं 1763 फेल रहे। पास प्रतिशतता 61.18 रही है। इस परीक्षा में 2544 छात्र-अध्यापिकाओं में से 1623 उत्तीर्ण हुई, जिनकी पास प्रतिशतता 63.80 रही है और 1,998 छात्र-अध्यापकों में से 1156 उत्तीर्ण हुए हैं, जिनकी पास प्रतिशतता 57.86 रही है।
बोर्ड सचिव ने बताया कि डीएलएड प्रथम वर्ष-2017 (रि-अपीयर)परीक्षा में 1,028 छात्र- अध्यापक प्रविष्ट हुए। जिनमें से 453 उत्तीर्ण रहे एवं 575 छात्र-अध्यापक नॉट फिट फॉर डिप्लोमा रहें। जिनकी पास प्रतिशतता 44.07 रही है। इस परीक्षा में 529 छात्र-अध्यापिकाओं में से 228 उत्तीर्ण हुई है, जिनकी पास प्रतिशतता 43.10 रही है और 499 छात्र-अध्यापकों में से 225 छात्र-अध्यापक उत्तीर्ण हुए हैं। जिनकी पास प्रतिशतता 45.09 रही है।
उन्होंने बताया कि डीएलएड द्वितीय वर्ष-2017 (रि-अपीयर)परीक्षा में 1528 छात्र- अध्यापक प्रविष्ट हुए। जिनमें से 1063 उत्तीर्ण रहे एवं 465 नॉट फिट फॉर डिप्लोमा रहें। पास प्रतिशतता 69.57 रही। इस परीक्षा में 826 छात्र-अध्यापिकाओं में से 593 छात्र-अध्यापिका उत्तीर्ण हुई है, जिनकी पास प्रतिशतता 71.79 रही है। 702 छात्र-अध्यापकों में से 470 उत्तीर्ण हुए। पास प्रतिशतता 66.95 रही है।
परीक्षा की संस्थावार परिणाम शीट्स संस्थाओं की लॉगिन आईडी पर भेजी जाएगी। परीक्षा में रि-अपीयर/फेल रहे छात्र-अध्यापकों के आगामी परीक्षा के लिए आवेदन-पत्र भी संबंधित संस्था की लॉगिन आईडी पर उपलब्ध पैनल के माध्यम से ऑनलाइन भरे जाएंगे।
ये रहेगा परीक्षा शुल्क
बोर्ड अधिकारियों ने बताया कि डीएलएड (रि-अपीयर/फेल) के लिए परीक्षा शुल्क 800 रुपये प्रति विषय है। एक से अधिक विषयों में रि-अपीयर/फेल परीक्षा शुल्क प्रति विषय 200 रुपये अतिरिक्त होगा व अधिकतम परीक्षा शुल्क दो हजार रुपये प्रति छात्र-अध्यापक होगा। आगामी परीक्षा वर्ष-2021 के लिए रि-अपीयर/फेल रहे छात्र-अध्यापकों के ऑनलाइन आवेदन-पत्र भरने की तिथियां बिना विलंब शुल्क 10 से 24 जनवरी, एक सौ रुपये विलंब शुल्क के साथ 25 से 28 जनवरी, 300 रुपये विलम्ब शुल्क सहित 29 से 31 जनवरी तक और एक हजार रुपये विलंब शुल्क के साथ एक से पांच फरवरी तक आवेदन किया जा सकता है।
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बोर्ड अध्यक्ष प्रो. जगबीर सिंह एवं सचिव राजीव प्रसाद ने बताया कि वार्षिक प्रणाली के तहत डीएलएड प्रथम वर्ष-2019 (नियमित)परीक्षा में 11534 छात्र-अध्यापक प्रविष्ट हुए, जिनमें से 5380 उत्तीर्ण रहे एवं 6154 की रि-अपीयर आई है। पास प्रतिशतता 46.64 रही है। इस परीक्षा में 7545 छात्र-अध्यापिकाओं में से 3804 छात्र-अध्यापिका उत्तीर्ण हुई है। जिनकी पास प्रतिशतता 50.42 रही है। 3,989 छात्र-अध्यापकों में से 1,576 छात्र-अध्यापक उत्तीर्ण हुए हैं, जिनकी पास प्रतिशतता 39.51 रही है।
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उन्होंने बताया कि डीएलएड द्वितीय वर्ष-2018 (नियमित) परीक्षा में 15551 छात्र-अध्यापक थे, जिनमें से 10,184 उत्तीर्ण रहे एवं 5367 की रि-अपीयर आई है। इनकी पास प्रतिशतता 65.49 रही है। इस परीक्षा में 10185 छात्र-अध्यापिकाओं में से 7232 छात्र-अध्यापिका उत्तीर्ण हुई है, जिनकी पास प्रतिशतता 71.01 रही है। 5366 छात्र-अध्यापकों में से 2952 छात्र-अध्यापक उत्तीर्ण हुए हैं, जिनकी पास प्रतिशतता 55.01 रही है।
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उन्होंने बताया कि डीएलएड प्रथम वर्ष-2018 (रि-अपीयर) परीक्षा में 4,542 छात्र-अध्यापक प्रविष्ट हुए, जिनमें से 2779 उत्तीर्ण रहे एवं 1763 फेल रहे। पास प्रतिशतता 61.18 रही है। इस परीक्षा में 2544 छात्र-अध्यापिकाओं में से 1623 उत्तीर्ण हुई, जिनकी पास प्रतिशतता 63.80 रही है और 1,998 छात्र-अध्यापकों में से 1156 उत्तीर्ण हुए हैं, जिनकी पास प्रतिशतता 57.86 रही है।
बोर्ड सचिव ने बताया कि डीएलएड प्रथम वर्ष-2017 (रि-अपीयर)परीक्षा में 1,028 छात्र- अध्यापक प्रविष्ट हुए। जिनमें से 453 उत्तीर्ण रहे एवं 575 छात्र-अध्यापक नॉट फिट फॉर डिप्लोमा रहें। जिनकी पास प्रतिशतता 44.07 रही है। इस परीक्षा में 529 छात्र-अध्यापिकाओं में से 228 उत्तीर्ण हुई है, जिनकी पास प्रतिशतता 43.10 रही है और 499 छात्र-अध्यापकों में से 225 छात्र-अध्यापक उत्तीर्ण हुए हैं। जिनकी पास प्रतिशतता 45.09 रही है।
उन्होंने बताया कि डीएलएड द्वितीय वर्ष-2017 (रि-अपीयर)परीक्षा में 1528 छात्र- अध्यापक प्रविष्ट हुए। जिनमें से 1063 उत्तीर्ण रहे एवं 465 नॉट फिट फॉर डिप्लोमा रहें। पास प्रतिशतता 69.57 रही। इस परीक्षा में 826 छात्र-अध्यापिकाओं में से 593 छात्र-अध्यापिका उत्तीर्ण हुई है, जिनकी पास प्रतिशतता 71.79 रही है। 702 छात्र-अध्यापकों में से 470 उत्तीर्ण हुए। पास प्रतिशतता 66.95 रही है।
परीक्षा की संस्थावार परिणाम शीट्स संस्थाओं की लॉगिन आईडी पर भेजी जाएगी। परीक्षा में रि-अपीयर/फेल रहे छात्र-अध्यापकों के आगामी परीक्षा के लिए आवेदन-पत्र भी संबंधित संस्था की लॉगिन आईडी पर उपलब्ध पैनल के माध्यम से ऑनलाइन भरे जाएंगे।
ये रहेगा परीक्षा शुल्क
बोर्ड अधिकारियों ने बताया कि डीएलएड (रि-अपीयर/फेल) के लिए परीक्षा शुल्क 800 रुपये प्रति विषय है। एक से अधिक विषयों में रि-अपीयर/फेल परीक्षा शुल्क प्रति विषय 200 रुपये अतिरिक्त होगा व अधिकतम परीक्षा शुल्क दो हजार रुपये प्रति छात्र-अध्यापक होगा। आगामी परीक्षा वर्ष-2021 के लिए रि-अपीयर/फेल रहे छात्र-अध्यापकों के ऑनलाइन आवेदन-पत्र भरने की तिथियां बिना विलंब शुल्क 10 से 24 जनवरी, एक सौ रुपये विलंब शुल्क के साथ 25 से 28 जनवरी, 300 रुपये विलम्ब शुल्क सहित 29 से 31 जनवरी तक और एक हजार रुपये विलंब शुल्क के साथ एक से पांच फरवरी तक आवेदन किया जा सकता है।