सच्चाई से उठा पर्दा: किराये पर लिया भवन और बिना मान्यता के शुरू कर दिया 12वीं तक का स्कूल, पढ़ें ये रिपोर्ट
भिवानी से प्राइवेट स्कूल में नाम पर चल रहे धंधे की सच्चाई से पर्दा उठा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्कूल की मान्यता संबंधी कोई भी रिकॉर्ड विभाग के पास उपलब्ध नहीं है।
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किराये पर आलीशान भवन लेकर बिना मान्यता के नर्सरी से 12वीं तक का स्कूल खोल दिया। इस संबंध में अमर उजाला में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने पर स्कूल की सच्चाई से पर्दा उठ गया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्कूल की मान्यता संबंधी कोई भी रिकॉर्ड विभाग के पास उपलब्ध नहीं है। स्कूल से रिकाॅर्ड तलब किया गया है। पड़ताल में यह भी बात सामने आई है कि इस स्कूल को चलाने वाली संस्था अन्य बड़े शहरों में भी शिक्षा के नाम पर काला धंधा चला रही है। एक स्वयंसेवी संगठन ने शिक्षा मंत्री व विभाग के मुख्य सचिव को बिना मान्यता ही बच्चों के दाखिला करने वाले स्कूल पर कार्रवाई की मांग की है।
स्कूल ड्रेस के नाम पर मांग रहा था 12 हजार
तोशाम बाईपास स्थित श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल में रविवार को बच्चों के दाखिले के दौरान स्कूल ड्रेस और किताबों के नाम पर हजारों रुपये वसूलने पर अभिभावकों ने विरोध कर हंगामा कर दिया था। अभिभावकों ने ही स्कूल में हंगामे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल दिया। अभिभावकों ने बताया कि वे बाजार से मात्र छह सौ से एक हजार रुपये में ड्रेस खरीद रहे थे, लेकिन स्कूल ने उन्हें 12 हजार रुपये में स्कूल से ही गर्मी और सर्दी की ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य किया।
अभिभावकों ने की थी हंगामे की वीडियो वायरल
हंगामे के बाद मामला शिक्षा अधिकारियों के पास भी पहुंचा। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नरेश महता ने सोमवार को विद्यालय पहुंचकर प्रारंभिक जांच की और फिर स्कूल प्रशासन को पूरे रिकाॅर्ड के साथ मंगलवार को अपने कार्यालय में तलब कर लिया। खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में इस विद्यालय की मान्यता या इस नाम से कोई रिकाॅर्ड मौजूद नहीं है। विद्यालय प्रशासन संस्था के विभिन्न शहरों में करीब 1100 स्कूल चलाने का भी दावा कर रहा है।
मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को भेजी शिकायत
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने बताया कि भिवानी में श्री चैतन्य टेक्नो विद्यालय नाम से कोई भी स्कूल मान्यता प्राप्त नहीं है। किसी और जगह की मान्यता पर भी स्कूल का संचालन धोखाधड़ी के दायरे में आता है। स्कूल में ही शिक्षण और पाठ्यक्रम की पुस्तकों के साथ ड्रेस बेचना मान्यता के नियमों के खिलाफ और गैरकानूनी है। इस विद्यालय पर धोखाधड़ी के तहत कार्रवाई कराने के लिए संगठन ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव को शिकायत भेजी है।
डॉ अनिल गौड़, खंड शिक्षा अधिकारी भिवानी
हमने प्रारंभिक तौर पर विद्यालय को अभिभावकों से फीस और ड्रेस के नाम पर धोखाधड़ी करने का नोटिस दिया है। इस पर स्कूल को अपना पक्ष रखना होगा। विद्यालय की मान्यता किस बोर्ड से कब ली गई है, इस संबंध में भी रिकाॅर्ड मंगवाया है। फिलहाल श्री चैतन्य टेक्नो नाम से हमारे रिकाॅर्ड में कोई विद्यालय मान्यता प्राप्त नहीं है।
नरेश महता, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी भिवानी
मैंने इस विद्यालय की मान्यता से जुड़े दस्तावेजों सहित विद्यालय प्रबंधन को मंगलवार को अपने कार्यालय में तलब कर लिया है। स्कूल के पास मान्यता है या नहीं इसका भी भेद खुल जाएगा। यदि कुछ गलत है तो इस पर विभाग कड़ा संज्ञान लेगा।