{"_id":"642330120730e4cb9f021136","slug":"radiologist-post-vacant-ultrasound-center-sealed-bhiwani-news-c-21-1-91746-2023-03-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली, अल्ट्रासाउंड केंद्र किया सील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली, अल्ट्रासाउंड केंद्र किया सील
Tue, 28 Mar 2023 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 28 Mar 2023 11:51 PM IST
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल का सील किया गया अल्ट्रासांउड केंद्र।
रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली, अल्ट्रासाउंड केंद्र किया सील
फोटो: 08
- रोजाना 150 से अधिक मरीज निजी लैब में जांच करवाने को मजबूर
- निजी लैब ने बढ़ाए अल्ट्रासाउंड के दाम, 500 से बढ़कर 600 रुपये किया प्रति टेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
भिवानी। नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड केंद्र पर कार्यरत रेडियोलॉजिस्ट का तबादला होने के बाद व्यवस्था बिगड़ गई है। ओपीडी से लेकर अल्ट्रासाउंड केंद्र तक रेडियोलॉजिस्ट न होने की सूचना दीवारों पर चस्पा दी गई है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अल्ट्रासाउंड केंद्र को सील कर दिया है।
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सामान्य और रंगीन दोनों तरह की मशीन है, लेकिन विशेषज्ञ न होने के कारण मशीनें धूल फांक रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी बार-बार निदेशालय में पत्राचार कर चुके हैं लेकिन अब तक कोई सुध नहीं ली है। वहीं दूसरी ओर नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड केंद्र बंद होने के बाद निजी लैब में भी टेस्ट की दाम बढ़ गए हैं। अब 500 के बजाय 600 रुपये प्रति अल्ट्रसाउंड लिए जा रहे है, जिसके कारण मरीजों की जेब पर अतिरिक्त खर्च बढ़ गया है।
अस्पताल में एक बार फिर से अल्ट्रासाउंड केंद्र पर ताला लटक गया है। अस्पताल से रेडियोलॉजिस्ट डॉ. राज दिसोदिया का तबादला हो गया है। जिसके बाद अब अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सेवाएं बंद है। अस्पताल में रोजाना महिला रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में 200 से अधिक महिलाएं आती हैं, जिसमें से 70 फीसदी गर्भवती महिलाएं होती हैं और उन्हें चिकित्सक अल्ट्रासाउंड करवाने का परामर्श देते हैं। लेकिन अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा न होने की वजह से वे बाहर सामान्य अल्ट्रासाउंड के 600 और रंगीन अल्ट्रासाउंड के 1500 से 2000 रुपये चुका रहे हैं। वहीं दूसरी ओर ओपीडी बंद होते ही लैब और एक्सरे कक्ष पर ताला लग जाता है। आपातकालीन विभाग में अगर कोई मरीज आता है तो उसे बाहर निजी लैब में ही जांच और एक्स-रे करवाना पड़ता है। ऐसे में संसाधन होने के बावजूद मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
-- -- -- --
बंद पड़ी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन
नागरिक अस्पताल की लैब में रखी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन पिछले डेढ़ माह से खराब होने की वजह से उनके जांच नहीं हो पाती है। ऐसे में 300 से अधिक मरीज निजी लैब से खून की जांच कराने को विवश हैं। अस्पताल में बायोकेमिस्ट की मशीन खराब होने के कारण ब्लड शुगर एफ, ब्लड शुगर पीपी, ब्लड यूरिया, सीरम बिलीरुबिन टी, एस कैल्शियम, एससीओटी, एस, क्रिटिनाइन, एस टोटल प्रोटिन, एस एलबुमिन, सीके एनएसी, एस यूरिक एसिड, एस टोटल कोलेस्ट्रॉल आदि की जांच प्रभावित हो रही है।
-- -- -- -- -
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के चिकित्सक का तबादला हो गया है, जिसके कारण सेवाएं बंद हैं। जब रेडियोलॉजिस्ट नहीं होता है तो नियमानुसार अल्ट्रासाउंड केंद्र को सील करना पड़ता है। जब नई नियुक्ति होगी तो दोबारा से सेवाएं शुरू हो जाएगी।
- डॉ. एडविन, प्रधान चिकित्सा अधिकारी।
विज्ञापन
फोटो: 08
- रोजाना 150 से अधिक मरीज निजी लैब में जांच करवाने को मजबूर
- निजी लैब ने बढ़ाए अल्ट्रासाउंड के दाम, 500 से बढ़कर 600 रुपये किया प्रति टेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
भिवानी। नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड केंद्र पर कार्यरत रेडियोलॉजिस्ट का तबादला होने के बाद व्यवस्था बिगड़ गई है। ओपीडी से लेकर अल्ट्रासाउंड केंद्र तक रेडियोलॉजिस्ट न होने की सूचना दीवारों पर चस्पा दी गई है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अल्ट्रासाउंड केंद्र को सील कर दिया है।
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सामान्य और रंगीन दोनों तरह की मशीन है, लेकिन विशेषज्ञ न होने के कारण मशीनें धूल फांक रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी बार-बार निदेशालय में पत्राचार कर चुके हैं लेकिन अब तक कोई सुध नहीं ली है। वहीं दूसरी ओर नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड केंद्र बंद होने के बाद निजी लैब में भी टेस्ट की दाम बढ़ गए हैं। अब 500 के बजाय 600 रुपये प्रति अल्ट्रसाउंड लिए जा रहे है, जिसके कारण मरीजों की जेब पर अतिरिक्त खर्च बढ़ गया है।
विज्ञापन
अस्पताल में एक बार फिर से अल्ट्रासाउंड केंद्र पर ताला लटक गया है। अस्पताल से रेडियोलॉजिस्ट डॉ. राज दिसोदिया का तबादला हो गया है। जिसके बाद अब अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सेवाएं बंद है। अस्पताल में रोजाना महिला रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में 200 से अधिक महिलाएं आती हैं, जिसमें से 70 फीसदी गर्भवती महिलाएं होती हैं और उन्हें चिकित्सक अल्ट्रासाउंड करवाने का परामर्श देते हैं। लेकिन अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा न होने की वजह से वे बाहर सामान्य अल्ट्रासाउंड के 600 और रंगीन अल्ट्रासाउंड के 1500 से 2000 रुपये चुका रहे हैं। वहीं दूसरी ओर ओपीडी बंद होते ही लैब और एक्सरे कक्ष पर ताला लग जाता है। आपातकालीन विभाग में अगर कोई मरीज आता है तो उसे बाहर निजी लैब में ही जांच और एक्स-रे करवाना पड़ता है। ऐसे में संसाधन होने के बावजूद मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
बंद पड़ी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन
नागरिक अस्पताल की लैब में रखी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन पिछले डेढ़ माह से खराब होने की वजह से उनके जांच नहीं हो पाती है। ऐसे में 300 से अधिक मरीज निजी लैब से खून की जांच कराने को विवश हैं। अस्पताल में बायोकेमिस्ट की मशीन खराब होने के कारण ब्लड शुगर एफ, ब्लड शुगर पीपी, ब्लड यूरिया, सीरम बिलीरुबिन टी, एस कैल्शियम, एससीओटी, एस, क्रिटिनाइन, एस टोटल प्रोटिन, एस एलबुमिन, सीके एनएसी, एस यूरिक एसिड, एस टोटल कोलेस्ट्रॉल आदि की जांच प्रभावित हो रही है।
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के चिकित्सक का तबादला हो गया है, जिसके कारण सेवाएं बंद हैं। जब रेडियोलॉजिस्ट नहीं होता है तो नियमानुसार अल्ट्रासाउंड केंद्र को सील करना पड़ता है। जब नई नियुक्ति होगी तो दोबारा से सेवाएं शुरू हो जाएगी।
- डॉ. एडविन, प्रधान चिकित्सा अधिकारी।