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अगले सप्ताह से निगम काटेगा बूस्टिंग स्टेशनों के कनेक्शन
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06 फोटो पब्लिक हैल्थ कार्यालय में करोड़ो रूपये के बकाया बिल के लिए पहुंची बिजली निगम की टीम।
- फोटो : Bhiwani
जन स्वास्थ्य विभाग ने 2.64 करोड़ रुपये के बिजली बिलों का भुगतान नहीं किया है। इस बकाया राशि के भुगतान के लिए बिजली निगम के अधिकारी जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन यहां के अधिकारी मिल ही नहीं रहे। बुधवार को भी बिजली निगम अधिकारी पहुंचे मगर जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो सकी। अब बिजली निगम ने चेतावनी दी है कि एक सप्ताह बाद डिफाल्टर बूस्टिंग स्टेशनों के कनेक्शन काटे जाएंगे। अगर ये कनेक्शन काटे जाते हैं तो शहर की पेयजल व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उधर, जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है बिजली बिल विवादित है। समाधान होने पर ही भुगतान की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
पब्लिक हेल्थ विभाग शहरी पेयजल आपूर्ति डिवीजनों के कुल 37 बिजली कनेक्शन निगम द्वारा जारी किए हुए हैं। इन कनेक्शनों में से दो डिवीजनों के 33 बिजली कनेक्शन निगम द्वारा बकाया बिजली बिलों का भुगतान नहीं किए जाने पर डिफाल्टर घोषित किए गए हैं। इन कनेक्शनों का बकाया बिलों की राशि का भुगतान अगर पब्लिक हेल्थ विभाग एक सप्ताह के अंदर नहीं करता तो फिर इनके कनेक्शनों को निगम अधिकारियों द्वारा काटना शुरू कर दिया जाएगा। दिलचस्प बात तो यह भी है कि निगम अधिकारी पब्लिक हेल्थ विभाग के विभिन्न डिवीजनों के अंतर्गत आने वाली सब डिवीजनों में जारी किए गए कनेक्शनों के बकाया बिजली बिलों की राशि उगाही के लिए चक्कर काट रहे हैं। अब निगम अधिकारियों ने भी अल्टीमेटम देते हुए इन कनेक्शनों को काटने की तैयारी की है।
60 हजार उपभोक्ताओं को हो सकती है परेशानी : पब्लिक हेल्थ विभाग की शहरी पेयजल शाखा डिवीजन के अंतर्गत करीबन 35 हजार वैध पेयजल उपभोक्ताओं के अलावा करीबन 25 हजार अवैध पेयजल उपभोक्ता भी शामिल हैं। इस तरह से कुल मिलाकर 60 हजार उपभोक्ता रोजाना पानी का इस्तेमाल करते हैं। अगर निगम द्वारा किसी भी सब डिवीजन के बकाया बिलों का भुगतान नहीं किए जाने पर बिजली कनेक्शन कटा तो इसका सीधा असर शहरी पेयजल सप्लाई पर पड़ेगा। फिलहाल पब्लिक यूटिलिटी को ध्यान में रखते हुए निगम अधिकारियों द्वार डिफाल्टर घोषित किए जाने के बावजूद भी पब्लिक हेल्थ विभाग के सभी बिजली कनेक्शन चालू रखे गए हैं।
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सब डिवीजन नंबर दो पर सबसे अधिक दो करोड़ बकाया : पब्लिक हेल्थ विभाग की शहरी सब डिवीजन नंबर दो पर बिजली निगम की सबसे अधिक बकायादारी है। अकेले सब डिवीजन नंबर दो पर निगम का बकाया बिलों का दो करोड़ आठ लाख 96 हजार 664 रुपये बकाया खड़ा है। जबकि सब डिवीजन नंबर चार और पांच पर एक लाख 33 हजार 182 रुपये का बिल भुगतान बकाया है। पब्लिक हेल्थ विभाग की सब डिवीजन नंबर छह पर 54 लाख 39 हजार 820 रुपये का बिल बकाया है। इन सब डिवीजनों पर बकाया बिल की राशि करीबन छह माह के अंतराल के दौरान की आंकी जा रही है।
पब्लिक हेल्थ विभाग में वे खुद जेई वजीर सिंह व सीए कैलाश शर्मा के साथ अधिकारियों से बकाया बिलों के भुगतान को लेकर बातचीत के लिए पहुंचे थे, मगर पब्लिक हेल्थ अधिकारियों से कोई बातचीत नहीं हो पाई है। बकाया राशि ढाई करोड़ से ज्यादा की है, इसलिए जल्द से जल्द राशि भुगतान का अनुरोध किया गया है। इसके बाद बिना नोटिस निगम पब्लिक हेल्थ के कनेक्शनों को काटने की दिशा में कदम उठाएगा।
- अंकित कंबोज, एसडीओ शहरी सब डिवीजन नंबर एक बिजली निगम।
बिजली निगम द्वारा भेजे गए बिल विवादित हैं, जिनका मसला सुलझा नहीं है, इसी वजह से इनका भुगतान नहीं हो पाया है। जिन बिजली बिलों पर विवाद चल रहा है। उनका समाधान कराने के बाद ही भुगतान की दिशा में कदम उठाया जाता है। फिलहाल बिजली निगम की तरफ से उनके समक्ष कनेक्शन काटे जाने संबंधी कोई सूचना नहीं आई है।
- राजेंद्र जांगड़ा, अधीक्षक अभियंता भिवानी सर्कल, पब्लिक हेल्थ विभाग।
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पब्लिक हेल्थ विभाग शहरी पेयजल आपूर्ति डिवीजनों के कुल 37 बिजली कनेक्शन निगम द्वारा जारी किए हुए हैं। इन कनेक्शनों में से दो डिवीजनों के 33 बिजली कनेक्शन निगम द्वारा बकाया बिजली बिलों का भुगतान नहीं किए जाने पर डिफाल्टर घोषित किए गए हैं। इन कनेक्शनों का बकाया बिलों की राशि का भुगतान अगर पब्लिक हेल्थ विभाग एक सप्ताह के अंदर नहीं करता तो फिर इनके कनेक्शनों को निगम अधिकारियों द्वारा काटना शुरू कर दिया जाएगा। दिलचस्प बात तो यह भी है कि निगम अधिकारी पब्लिक हेल्थ विभाग के विभिन्न डिवीजनों के अंतर्गत आने वाली सब डिवीजनों में जारी किए गए कनेक्शनों के बकाया बिजली बिलों की राशि उगाही के लिए चक्कर काट रहे हैं। अब निगम अधिकारियों ने भी अल्टीमेटम देते हुए इन कनेक्शनों को काटने की तैयारी की है।
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60 हजार उपभोक्ताओं को हो सकती है परेशानी : पब्लिक हेल्थ विभाग की शहरी पेयजल शाखा डिवीजन के अंतर्गत करीबन 35 हजार वैध पेयजल उपभोक्ताओं के अलावा करीबन 25 हजार अवैध पेयजल उपभोक्ता भी शामिल हैं। इस तरह से कुल मिलाकर 60 हजार उपभोक्ता रोजाना पानी का इस्तेमाल करते हैं। अगर निगम द्वारा किसी भी सब डिवीजन के बकाया बिलों का भुगतान नहीं किए जाने पर बिजली कनेक्शन कटा तो इसका सीधा असर शहरी पेयजल सप्लाई पर पड़ेगा। फिलहाल पब्लिक यूटिलिटी को ध्यान में रखते हुए निगम अधिकारियों द्वार डिफाल्टर घोषित किए जाने के बावजूद भी पब्लिक हेल्थ विभाग के सभी बिजली कनेक्शन चालू रखे गए हैं।
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सब डिवीजन नंबर दो पर सबसे अधिक दो करोड़ बकाया : पब्लिक हेल्थ विभाग की शहरी सब डिवीजन नंबर दो पर बिजली निगम की सबसे अधिक बकायादारी है। अकेले सब डिवीजन नंबर दो पर निगम का बकाया बिलों का दो करोड़ आठ लाख 96 हजार 664 रुपये बकाया खड़ा है। जबकि सब डिवीजन नंबर चार और पांच पर एक लाख 33 हजार 182 रुपये का बिल भुगतान बकाया है। पब्लिक हेल्थ विभाग की सब डिवीजन नंबर छह पर 54 लाख 39 हजार 820 रुपये का बिल बकाया है। इन सब डिवीजनों पर बकाया बिल की राशि करीबन छह माह के अंतराल के दौरान की आंकी जा रही है।
पब्लिक हेल्थ विभाग में वे खुद जेई वजीर सिंह व सीए कैलाश शर्मा के साथ अधिकारियों से बकाया बिलों के भुगतान को लेकर बातचीत के लिए पहुंचे थे, मगर पब्लिक हेल्थ अधिकारियों से कोई बातचीत नहीं हो पाई है। बकाया राशि ढाई करोड़ से ज्यादा की है, इसलिए जल्द से जल्द राशि भुगतान का अनुरोध किया गया है। इसके बाद बिना नोटिस निगम पब्लिक हेल्थ के कनेक्शनों को काटने की दिशा में कदम उठाएगा।
- अंकित कंबोज, एसडीओ शहरी सब डिवीजन नंबर एक बिजली निगम।
बिजली निगम द्वारा भेजे गए बिल विवादित हैं, जिनका मसला सुलझा नहीं है, इसी वजह से इनका भुगतान नहीं हो पाया है। जिन बिजली बिलों पर विवाद चल रहा है। उनका समाधान कराने के बाद ही भुगतान की दिशा में कदम उठाया जाता है। फिलहाल बिजली निगम की तरफ से उनके समक्ष कनेक्शन काटे जाने संबंधी कोई सूचना नहीं आई है।
- राजेंद्र जांगड़ा, अधीक्षक अभियंता भिवानी सर्कल, पब्लिक हेल्थ विभाग।