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पानी बिल : दस हजार डिफाल्टर उपभोक्ताओं से 15 करोड़ वसूलने की तैयारी
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भिवानी में महम रोड स्थित मुख्य जलघर। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : Bhiwani
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संजय वर्मा
भिवानी। जन स्वास्थ्य विभाग ने अवैध नल कनेक्शनों को वैध करने के साथ ही दस हजार शहरी डिफाल्टर उपभोक्ताओं से करीब 15 करोड़ रुपये वसूलने की तैयारी कर ली है। इस योजना में कोई भी शहरी उपभोक्ता एकमुस्त अपने बकाया पानी बिल भुगतान पर 25 फीसदी राशि की छूट पाएगा। जन स्वास्थ्य विभाग ने शहरी उपभोक्ताओं को नियमित पानी आपूर्ति के साथ-साथ बकाया बिलों की भुगतान की दिशा में भी अब नई रणनीति पर काम शुरू किया है।
भिवानी शहर की पौने तीन लाख की आबादी पर करीब 35 हजार वैध पानी कनेक्शन जारी किए गए हैं। पब्लिक हेल्थ सर्वेक्षण के दायरे में करीब 50 हजार घरों को शहरी दायरे में माना गया है। इसी लिहाज से करीब 15 से 20 हजार नल कनेक्शन अवैध श्रेणी के दायरे में आ रहे हैं। इन अवैध कनेक्शनों को नियमित किए जाने के लिए इससे पहले भी कई बार योजनाएं शुरू की गई थीं, लेकिन विभाग को कुछ खास कामयाबी नहीं मिली।
बिजली निगम की राह पर जन स्वास्थ्य विभाग
शहरी दायरे में पानी उपभोक्ताओं से अपने करीब 15 करोड़ से अधिक के बकाया राशि की उगाही पर जन स्वास्थ्य विभाग फिलहाल दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की राह पर चल पड़ा है। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम बकाया बिजली बिलों के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना कई बार लागू कर चुका हैं। अब जन स्वास्थ्य विभाग भी बिजली निगम की राह पर वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू कर बकाया राशि वसूलेगा। जानकारी के अनुसार यह योजना एक अगस्त से शुरू हो जाएगी
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आज पानी व सीवरेज कनेक्शन के जमा कराने होंगे दस्तावेज, फिर वसूली जाएगी दोगुनी राशि
जन स्वास्थ्य विभाग ने वन टाइम सेटलमेंट योजना और अवैध पानी व सीवरेज कनेक्शन को वैध कराने के लिए 31 जुलाई तक अपने दस्तावेज विभाग कार्यालय में जमा कराने की हिदायत दी है। उन्हीं उपभोक्ताओं को योजना में शामिल किया जाएगा। इसके बाद अगर विभाग की जानकारी में कोई भी अवैध नल और सीवरेज कनेक्शन आता है तो उससे दोगुनी राशि पेनल्टी के तौर पर वसूली जाएगी। ये दस्तावेज बिना किसी शुल्क के पब्लिक हेल्थ कार्यालय में निर्धारित तिथि तक मंजूर किए जाएंगे।
पूरे शहर से पानी व सीवरेज बिलों से आता है दो करोड़ रेवेन्यू
जन स्वास्थ्य विभाग के पास पूरे शहर से वैध पेयजल व सीवरेज कनेक्शनों से करीब दो करोड़ रुपयों का सालाना रेवेन्यू आता है। विभाग पानी उपभोक्ताओं को छह माही बिलों का वितरण करता है। साल में केवल दो बार ही उपभोक्ताओं के पास पानी व सीवरेज कनेक्शन के बिल भेजे जाते हैं। इन बिलों का भुगतान ऑनलाइन ही किया जाता है। कैश काउंटर पर भी उपभोक्ता ऑनलाइन पानी बिल का भुगतान कर सकता है।
तीन तरह के रोड कट के निर्धारित हैं चार्ज
जन स्वास्थ्य हेल्थ विभाग के कंप्यूटर सॉफ्टवेयर में तीन तरह से रोड कट चार्ज वसूले जा रहे हैं। इसमें सीसी सड़क, ब्लॉक सड़क व तारकोल सड़क। सभी सड़कों की अलग-अलग दर निर्धारित है। निर्धारित श्रेणी में रोड कट की लंबाई सॉफ्टवेयर में एंट्री के बाद उसके चार्ज वसूली स्वयत: निर्धारित हो जाती है।
उपभोक्ताओं के हित को देखते हुए लागू की है योजना
शहरी दायरे में अवैध नरल कनेक्शनों को नियमित किए जाने व बकाया पानी व सीवरेज कनेक्शनों की राशि जमा कराने में 25 फीसदी की छूट की योजना एक जुलाई से शुरू की गई है। अवैध पेयजल कनेक्शन को वैध करने के लिए केवल रोड कट की राशि ही जमा कराई जाएगी। इसी तरह बकाया बिलों के एकमुस्त भुगतान करने पर उपभोक्ता को 25 फीसदी राशि की छूट भी मिलेगी। जन स्वास्थ्य विभाग ने इस योजना को उपभोक्ताओं के हित को देखते हुए लागू किया है।
-कपिल श्योराण, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा भिवानी।
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भिवानी। जन स्वास्थ्य विभाग ने अवैध नल कनेक्शनों को वैध करने के साथ ही दस हजार शहरी डिफाल्टर उपभोक्ताओं से करीब 15 करोड़ रुपये वसूलने की तैयारी कर ली है। इस योजना में कोई भी शहरी उपभोक्ता एकमुस्त अपने बकाया पानी बिल भुगतान पर 25 फीसदी राशि की छूट पाएगा। जन स्वास्थ्य विभाग ने शहरी उपभोक्ताओं को नियमित पानी आपूर्ति के साथ-साथ बकाया बिलों की भुगतान की दिशा में भी अब नई रणनीति पर काम शुरू किया है।
भिवानी शहर की पौने तीन लाख की आबादी पर करीब 35 हजार वैध पानी कनेक्शन जारी किए गए हैं। पब्लिक हेल्थ सर्वेक्षण के दायरे में करीब 50 हजार घरों को शहरी दायरे में माना गया है। इसी लिहाज से करीब 15 से 20 हजार नल कनेक्शन अवैध श्रेणी के दायरे में आ रहे हैं। इन अवैध कनेक्शनों को नियमित किए जाने के लिए इससे पहले भी कई बार योजनाएं शुरू की गई थीं, लेकिन विभाग को कुछ खास कामयाबी नहीं मिली।
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बिजली निगम की राह पर जन स्वास्थ्य विभाग
शहरी दायरे में पानी उपभोक्ताओं से अपने करीब 15 करोड़ से अधिक के बकाया राशि की उगाही पर जन स्वास्थ्य विभाग फिलहाल दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की राह पर चल पड़ा है। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम बकाया बिजली बिलों के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना कई बार लागू कर चुका हैं। अब जन स्वास्थ्य विभाग भी बिजली निगम की राह पर वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू कर बकाया राशि वसूलेगा। जानकारी के अनुसार यह योजना एक अगस्त से शुरू हो जाएगी
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आज पानी व सीवरेज कनेक्शन के जमा कराने होंगे दस्तावेज, फिर वसूली जाएगी दोगुनी राशि
जन स्वास्थ्य विभाग ने वन टाइम सेटलमेंट योजना और अवैध पानी व सीवरेज कनेक्शन को वैध कराने के लिए 31 जुलाई तक अपने दस्तावेज विभाग कार्यालय में जमा कराने की हिदायत दी है। उन्हीं उपभोक्ताओं को योजना में शामिल किया जाएगा। इसके बाद अगर विभाग की जानकारी में कोई भी अवैध नल और सीवरेज कनेक्शन आता है तो उससे दोगुनी राशि पेनल्टी के तौर पर वसूली जाएगी। ये दस्तावेज बिना किसी शुल्क के पब्लिक हेल्थ कार्यालय में निर्धारित तिथि तक मंजूर किए जाएंगे।
पूरे शहर से पानी व सीवरेज बिलों से आता है दो करोड़ रेवेन्यू
जन स्वास्थ्य विभाग के पास पूरे शहर से वैध पेयजल व सीवरेज कनेक्शनों से करीब दो करोड़ रुपयों का सालाना रेवेन्यू आता है। विभाग पानी उपभोक्ताओं को छह माही बिलों का वितरण करता है। साल में केवल दो बार ही उपभोक्ताओं के पास पानी व सीवरेज कनेक्शन के बिल भेजे जाते हैं। इन बिलों का भुगतान ऑनलाइन ही किया जाता है। कैश काउंटर पर भी उपभोक्ता ऑनलाइन पानी बिल का भुगतान कर सकता है।
तीन तरह के रोड कट के निर्धारित हैं चार्ज
जन स्वास्थ्य हेल्थ विभाग के कंप्यूटर सॉफ्टवेयर में तीन तरह से रोड कट चार्ज वसूले जा रहे हैं। इसमें सीसी सड़क, ब्लॉक सड़क व तारकोल सड़क। सभी सड़कों की अलग-अलग दर निर्धारित है। निर्धारित श्रेणी में रोड कट की लंबाई सॉफ्टवेयर में एंट्री के बाद उसके चार्ज वसूली स्वयत: निर्धारित हो जाती है।
उपभोक्ताओं के हित को देखते हुए लागू की है योजना
शहरी दायरे में अवैध नरल कनेक्शनों को नियमित किए जाने व बकाया पानी व सीवरेज कनेक्शनों की राशि जमा कराने में 25 फीसदी की छूट की योजना एक जुलाई से शुरू की गई है। अवैध पेयजल कनेक्शन को वैध करने के लिए केवल रोड कट की राशि ही जमा कराई जाएगी। इसी तरह बकाया बिलों के एकमुस्त भुगतान करने पर उपभोक्ता को 25 फीसदी राशि की छूट भी मिलेगी। जन स्वास्थ्य विभाग ने इस योजना को उपभोक्ताओं के हित को देखते हुए लागू किया है।
-कपिल श्योराण, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा भिवानी।