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धंसी सड़कों को लेकर पब्लिक हेल्थ और बीएंडआर आमने-सामने
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दिनोद गेट पर धंसी सड़क पर डाले गए विभाग द्वारा रोड़े। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। शहर में धंस रही मुख्य सड़कों को लेकर बीएंडआर और पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारी आमने-सामने हो गए हैं। शहर का सरकुलर रोड घंटाघर से देवसर चुंगी तक तीन मुख्य बिंदुओं पर करीब पांच से सात फुट तक रोेड धंस गया है। यह हादसे की वजह बने हुए हैं। लेकिन इस बीच कोई भी अधिकारी अपने विभाग की गलती मानने तक को तैयार नहीं है।
बीएंडआर विभाग के अधिकारियों ने धंसी हुई सड़क के हिस्सों और पेयजल लाइन लीकेज के कारण टूट रही मुख्य सड़कों की वीडियो बनाकर भी पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों के समक्ष भेजी हैं, मगर इसके बावजूद भी पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारी मानने को तैयार नहीं हैं। बीएंडआर विभाग के अधिकारी भी धंसी हुई सड़क के गड्ढों को भरने में रोड़ी डाल थक चुके हैं। अमर उजाला की ग्राउंड रिपोर्ट में सरकारी विभागों के आपसी तालमेल नहीं होने का खामियाजा भुगत रही जनता के दर्द को भी बयां किया है।
भिवानी के घंटाघर से लेकर देवसर चुंगी के मैन डिस्पोजल तक 32 इंची मुख्य सीवर लाइन सड़क की काफी गहराई में दबी हैं, लेकिन इसके ऊपर बनी बीएंडआर विभाग की सड़क कई जगहों से लगातार दरक रही है। सड़क थोड़ी-थोड़ी दरकने का सिलसिला अभी भी जारी है। हालांकि बीएंडआर विभाग के अधिकारी धंसी सड़क में रोड़ी डलवाकर गड्ढे को पाटने के लिए करीब पांच से छह बार प्रयास कर चुके और ऊपर से तारकोल की लेयर भी डाली गई है। इसके बावजूद भी सड़क में फिर से गहरा गड्ढा बन गया है।
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बिंदु नंबर एक
देवसर चुंगी के समीप पेट्रोल पंप के सामने सरकुलर रोड की मुख्य सड़क धंसी है। यहां पर धंसी सड़क में मुख्य लाइन का सीवरमैनहोल भी नए सिरे से बनाया गया, मगर फिर भी सड़क धंसने का सिलसिला जारी है। यहां पर बारिश में जलभराव भी होता है। मगर यहां जमीन दरक रही है, जिसका कारण भी अभी स्पष्ट नहीं है।
बिंदु नंबर दो
दिनोद गेट महाराजा नीमपाल चौक के समीप भी सरकुलर रोड में गहरा गड्ढा बना है। यहां पर भी सड़क कई बार धंसी है। धंसी सड़क के ठीक नीचे गहरी सीवरलाइन भी है। पब्लिक हेल्थ विभाग की टीम भी यहां पर लीकेज की जांच कर चुकी हैं, मगर कोई कारण स्पष्ट नहीं हुआ है।
बिंदु नंबर तीन
घंटाघर सरकुलर रोड जिला नागरिक अस्पताल शनिदेव मंदिर के सामने मुख्य सड़क के नीचे गहरा गड्ढा बना है। इस सड़क पर पांचवीं बार सड़क धंसी हैं, जिसमें पांचों बार ही रोड़े डाले जा चुके हैं, मगर अब भी आधी सड़क ऊंची तो आधी सड़क गहरे गड्ढ़े में बदल चुकी है। यहां पर भी पब्लिक हेल्थ ने सड़क धंसने की वजह लाइन लीकेज नहीं मानी है।
प्रशासन की मध्यस्थता से भी नहीं बन रही बात
उपायुक्त भी शहर की सड़कों की हालत सुधारने के लिए कई बार अपने कार्यालय में बैठक ले चुके हैं और अधिकारियों को भी निर्देश दे चुके हैं। मगर उपायुक्त के इन निर्देशों के बावजूद भी सड़कों की वर्तमान हालत पर कोई चर्चा तक नहीं है और न ही इनकी हालत सुधारने के लिए कोई स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठे हैं, क्योंकि अभी तक तो कोई भी अधिकारी यह मानने तक तैयार नहीं है कि सड़क धंसने का जिम्मेदार कौन है।
मैंने सरकुलर रोड पर लाइन लीकेज और धंसी हुई सड़कों का सर्वे कराया है। हमारी सड़कें पब्लिक हेल्थ की सीवर व पेयजल लाइन लीकेज की वजह से खराब हो रही हैं। ऐसे बिंदुओं की वीडियो बनवाकर भी मैने पब्लिक हेल्थ विभाग के एसई को व्यक्तिगत व्हाट्सअप पर भेजे हैं, मगर वे मानने को तैयार ही नहीं हैं। सड़क धंसने की कोई और वजह नहीं है, क्योंकि सड़कों के नीचे सीवर लीकेज के कारण मिट्टी धंस रही है।
-कृष्ण कुमार कार्यकारी अभियंता बीएंडआर विभाग।
घंटाघर से देवसर चुंगी तक मुख्य सीवर लाइन बिलकुल ठीक है। सड़क धंसने के बाद विभाग की तरफ से भी तकनीकि कर्मचारियों से लाइन की जांच कराई जा चुकी है। कहीं कोई कमी नहीं मिली है। अगर फिर भी लगता है कि लीकेज के कारण सड़क धंसी हैं तो हम जांच कराने के लिए तैयार हैं।
- सुनील रंगा, कार्यकारी अभियंता, शहरी सीवरेज शाखा, पब्लिक हेल्थ विभाग।
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बीएंडआर विभाग के अधिकारियों ने धंसी हुई सड़क के हिस्सों और पेयजल लाइन लीकेज के कारण टूट रही मुख्य सड़कों की वीडियो बनाकर भी पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों के समक्ष भेजी हैं, मगर इसके बावजूद भी पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारी मानने को तैयार नहीं हैं। बीएंडआर विभाग के अधिकारी भी धंसी हुई सड़क के गड्ढों को भरने में रोड़ी डाल थक चुके हैं। अमर उजाला की ग्राउंड रिपोर्ट में सरकारी विभागों के आपसी तालमेल नहीं होने का खामियाजा भुगत रही जनता के दर्द को भी बयां किया है।
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भिवानी के घंटाघर से लेकर देवसर चुंगी के मैन डिस्पोजल तक 32 इंची मुख्य सीवर लाइन सड़क की काफी गहराई में दबी हैं, लेकिन इसके ऊपर बनी बीएंडआर विभाग की सड़क कई जगहों से लगातार दरक रही है। सड़क थोड़ी-थोड़ी दरकने का सिलसिला अभी भी जारी है। हालांकि बीएंडआर विभाग के अधिकारी धंसी सड़क में रोड़ी डलवाकर गड्ढे को पाटने के लिए करीब पांच से छह बार प्रयास कर चुके और ऊपर से तारकोल की लेयर भी डाली गई है। इसके बावजूद भी सड़क में फिर से गहरा गड्ढा बन गया है।
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बिंदु नंबर एक
देवसर चुंगी के समीप पेट्रोल पंप के सामने सरकुलर रोड की मुख्य सड़क धंसी है। यहां पर धंसी सड़क में मुख्य लाइन का सीवरमैनहोल भी नए सिरे से बनाया गया, मगर फिर भी सड़क धंसने का सिलसिला जारी है। यहां पर बारिश में जलभराव भी होता है। मगर यहां जमीन दरक रही है, जिसका कारण भी अभी स्पष्ट नहीं है।
बिंदु नंबर दो
दिनोद गेट महाराजा नीमपाल चौक के समीप भी सरकुलर रोड में गहरा गड्ढा बना है। यहां पर भी सड़क कई बार धंसी है। धंसी सड़क के ठीक नीचे गहरी सीवरलाइन भी है। पब्लिक हेल्थ विभाग की टीम भी यहां पर लीकेज की जांच कर चुकी हैं, मगर कोई कारण स्पष्ट नहीं हुआ है।
बिंदु नंबर तीन
घंटाघर सरकुलर रोड जिला नागरिक अस्पताल शनिदेव मंदिर के सामने मुख्य सड़क के नीचे गहरा गड्ढा बना है। इस सड़क पर पांचवीं बार सड़क धंसी हैं, जिसमें पांचों बार ही रोड़े डाले जा चुके हैं, मगर अब भी आधी सड़क ऊंची तो आधी सड़क गहरे गड्ढ़े में बदल चुकी है। यहां पर भी पब्लिक हेल्थ ने सड़क धंसने की वजह लाइन लीकेज नहीं मानी है।
प्रशासन की मध्यस्थता से भी नहीं बन रही बात
उपायुक्त भी शहर की सड़कों की हालत सुधारने के लिए कई बार अपने कार्यालय में बैठक ले चुके हैं और अधिकारियों को भी निर्देश दे चुके हैं। मगर उपायुक्त के इन निर्देशों के बावजूद भी सड़कों की वर्तमान हालत पर कोई चर्चा तक नहीं है और न ही इनकी हालत सुधारने के लिए कोई स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठे हैं, क्योंकि अभी तक तो कोई भी अधिकारी यह मानने तक तैयार नहीं है कि सड़क धंसने का जिम्मेदार कौन है।
मैंने सरकुलर रोड पर लाइन लीकेज और धंसी हुई सड़कों का सर्वे कराया है। हमारी सड़कें पब्लिक हेल्थ की सीवर व पेयजल लाइन लीकेज की वजह से खराब हो रही हैं। ऐसे बिंदुओं की वीडियो बनवाकर भी मैने पब्लिक हेल्थ विभाग के एसई को व्यक्तिगत व्हाट्सअप पर भेजे हैं, मगर वे मानने को तैयार ही नहीं हैं। सड़क धंसने की कोई और वजह नहीं है, क्योंकि सड़कों के नीचे सीवर लीकेज के कारण मिट्टी धंस रही है।
-कृष्ण कुमार कार्यकारी अभियंता बीएंडआर विभाग।
घंटाघर से देवसर चुंगी तक मुख्य सीवर लाइन बिलकुल ठीक है। सड़क धंसने के बाद विभाग की तरफ से भी तकनीकि कर्मचारियों से लाइन की जांच कराई जा चुकी है। कहीं कोई कमी नहीं मिली है। अगर फिर भी लगता है कि लीकेज के कारण सड़क धंसी हैं तो हम जांच कराने के लिए तैयार हैं।
- सुनील रंगा, कार्यकारी अभियंता, शहरी सीवरेज शाखा, पब्लिक हेल्थ विभाग।