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300 बिलों के नहीं मिले डेढ़ करोड़, ठेकेदारों ने किया हंगामा
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06 एक्सईन बलवान शर्मा से उलझते हुए ठेकेदार।
- फोटो : Bhiwani
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300 बिलों के करीब डेढ़ करोड़ की बकाया की राशि के लिए जनस्वास्थ्य विभाग में ठेकेदारों ने खूब हंगामा किया। एक्सईएन पर आरोप लगाए तो तीखी नोक-झोंक भी हुई। आरोप लगाया कि छह माह से किसी भी ठेकेदार को न तो कोई पेमेंट हुई है और न ही नए वर्क ऑर्डर दिए गए। ठेकेदारों ने हंगामा करने के साथ ही विभाग परिसर में नारेबाजी कर रोष जताया। साथ ही काम छोड़ने की चेतावनी दी। वहीं एक्सईएन का कहना है कि काम की जांच के आधार पर ही पेमेंट की जाएगी।
पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारी और ठेकेदार आमने सामने हैं। मामला ठेकेदारों के काम का बकाया बिलों का भुगतान नहीं किए जाने का है। सोमवार सुबह करीबन 11 बजे महम रोड स्थित पब्लिक हेल्थ विभाग के सर्कल कार्यालय में सीवरेज शाखा के कार्यकारी अभियंता कार्यालय के बाहर ठेकेदारों ने जमकर नारेबाजी की। पब्लिक हेल्थ विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे ठेकेदार शिवरतन सिंगला, विनोद मिढा, जयभगवान बैरागी, योगेंद्र, सतीश, मौसम सिंह, हरिश, जयपाल, सुरेश का आरोप है कि फरवरी माह से उन्हें कोई पेमेंट नहीं हुई हैं, जबकि जेई और एसडीओ कार्यालय से कार्यकारी अभियंता कार्यालय में ठेकेदारों के करीबन 300 बिलों की करीबन डेढ़ करोड़ रुपयों की पेमेंट पिछले छह माह से अटकी हुई है। उनका आरोप है कि सभी ठेकेदारों ने सीवरेज मेंटनेंस से लेकर बुस्टिंग स्टेशनों पर जनरेटर तक की व्यवस्था की जिम्मेवारी संभाली हुई है। बरसाती मौसम के दौरान कहीं पर भी पानी ठहराव नहीं होने देने का भार भी ठेकेदारों के कंधों पर आया हुआ है। ऐसे में कार्यों की बकाया पेमेंट नहीं होने से उनके सामने भूखे मरने की नौबत आ चुकी है। अब वे अपने कार्यों को जारी रखने में भी असमर्थ हैं। ठेकेदारों ने विभाग को चेतावनी दी कि अगर बकाया बिलों की राशि का भुगतान नहीं हुआ तो वे विभाग में चल रहे कार्यों को ठप कर देंगे।
बिलों पर लगाई जा रही है बेवजह आपत्ति
विरोध प्रदर्शन कर रहे ठेकेदारों का यह भी आरोप है कि जेई और एसडीओ ही साइट पर जाकर काम की निगरानी करते हैं और कोई कमी होती है तो उसे दूर कराते हैं। जेई और एसडीओ कार्यों के बिलों को अपनी मंजूरी देने के बाद अगले कार्यालय में भेजते हैं। मगर जेई और एसडीओ से पास हो चुके ठेकेदारों के बिलों को कार्यकारी अभियंता कार्यालय में बेवजह उन पर अनावश्यक आपत्ति लगाकर लटका देते है। ठेकेदारों का आरोप है कि अगर उनके कार्य में कोई कमी हैं तो उन्हें समय रहते बताया जाए ताकि दूर कराए, मगर छह माह से बकाया बिलों को रोकना विभागीय अधिकारियों की मंशा भी समझ नहीं आ रही है।
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ठेकेदारी के तहत ये हो रहे पब्लिक हेल्थ में काम
पब्लिक हेल्थ विभाग में ठेकेदारों के माध्यम से सीवरेज लाइन की मरम्मत, सीवरेज मैनहोल के ढक्कन लगाना, नई सीवरेज लाइनें डालना, बुस्टिंग स्टेशनों पर जनरेटर की व्यवस्था करना शामिल हैं। इसके अलावा ठेकेदारों के माध्यम से पब्लिक हेल्थ विभाग मेें सीवरेज शाखा के अंदर ही 10 से 20 लाख रुपये तक के कार्य ठेकेदार कर रहे हैं।
सब डिवीजन कार्यालय से जैसे-जैसे उनके समक्ष ठेकेदारों के बिल आ रहे हैं, उनको रूटीन में निकाला जा रहा है। ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों की जांच करना विभागीय प्रक्रिया है। जिसके बाद ही बकाया राशि के बिलों को मंजूरी देकर भुगतान कराया जाता है। इस प्रक्रिया में बजट की उपलब्धता के हिसाब से ठेकेदारों को भुगतान किया जा रहा है। ठेकेदारों द्वारा लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।
-बलवान सिंह, कार्यकारी अभियंता, सीवरेज शाखा पब्लिक हेल्थ विभाग।
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पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारी और ठेकेदार आमने सामने हैं। मामला ठेकेदारों के काम का बकाया बिलों का भुगतान नहीं किए जाने का है। सोमवार सुबह करीबन 11 बजे महम रोड स्थित पब्लिक हेल्थ विभाग के सर्कल कार्यालय में सीवरेज शाखा के कार्यकारी अभियंता कार्यालय के बाहर ठेकेदारों ने जमकर नारेबाजी की। पब्लिक हेल्थ विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे ठेकेदार शिवरतन सिंगला, विनोद मिढा, जयभगवान बैरागी, योगेंद्र, सतीश, मौसम सिंह, हरिश, जयपाल, सुरेश का आरोप है कि फरवरी माह से उन्हें कोई पेमेंट नहीं हुई हैं, जबकि जेई और एसडीओ कार्यालय से कार्यकारी अभियंता कार्यालय में ठेकेदारों के करीबन 300 बिलों की करीबन डेढ़ करोड़ रुपयों की पेमेंट पिछले छह माह से अटकी हुई है। उनका आरोप है कि सभी ठेकेदारों ने सीवरेज मेंटनेंस से लेकर बुस्टिंग स्टेशनों पर जनरेटर तक की व्यवस्था की जिम्मेवारी संभाली हुई है। बरसाती मौसम के दौरान कहीं पर भी पानी ठहराव नहीं होने देने का भार भी ठेकेदारों के कंधों पर आया हुआ है। ऐसे में कार्यों की बकाया पेमेंट नहीं होने से उनके सामने भूखे मरने की नौबत आ चुकी है। अब वे अपने कार्यों को जारी रखने में भी असमर्थ हैं। ठेकेदारों ने विभाग को चेतावनी दी कि अगर बकाया बिलों की राशि का भुगतान नहीं हुआ तो वे विभाग में चल रहे कार्यों को ठप कर देंगे।
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बिलों पर लगाई जा रही है बेवजह आपत्ति
विरोध प्रदर्शन कर रहे ठेकेदारों का यह भी आरोप है कि जेई और एसडीओ ही साइट पर जाकर काम की निगरानी करते हैं और कोई कमी होती है तो उसे दूर कराते हैं। जेई और एसडीओ कार्यों के बिलों को अपनी मंजूरी देने के बाद अगले कार्यालय में भेजते हैं। मगर जेई और एसडीओ से पास हो चुके ठेकेदारों के बिलों को कार्यकारी अभियंता कार्यालय में बेवजह उन पर अनावश्यक आपत्ति लगाकर लटका देते है। ठेकेदारों का आरोप है कि अगर उनके कार्य में कोई कमी हैं तो उन्हें समय रहते बताया जाए ताकि दूर कराए, मगर छह माह से बकाया बिलों को रोकना विभागीय अधिकारियों की मंशा भी समझ नहीं आ रही है।
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ठेकेदारी के तहत ये हो रहे पब्लिक हेल्थ में काम
पब्लिक हेल्थ विभाग में ठेकेदारों के माध्यम से सीवरेज लाइन की मरम्मत, सीवरेज मैनहोल के ढक्कन लगाना, नई सीवरेज लाइनें डालना, बुस्टिंग स्टेशनों पर जनरेटर की व्यवस्था करना शामिल हैं। इसके अलावा ठेकेदारों के माध्यम से पब्लिक हेल्थ विभाग मेें सीवरेज शाखा के अंदर ही 10 से 20 लाख रुपये तक के कार्य ठेकेदार कर रहे हैं।
सब डिवीजन कार्यालय से जैसे-जैसे उनके समक्ष ठेकेदारों के बिल आ रहे हैं, उनको रूटीन में निकाला जा रहा है। ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों की जांच करना विभागीय प्रक्रिया है। जिसके बाद ही बकाया राशि के बिलों को मंजूरी देकर भुगतान कराया जाता है। इस प्रक्रिया में बजट की उपलब्धता के हिसाब से ठेकेदारों को भुगतान किया जा रहा है। ठेकेदारों द्वारा लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।
-बलवान सिंह, कार्यकारी अभियंता, सीवरेज शाखा पब्लिक हेल्थ विभाग।
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