{"_id":"5d599cbe8ebc3e89aa73d7dc","slug":"protest-bhiwani-news-rtk512436057","type":"story","status":"publish","title_hn":"तुगलकाबाद में मंदिर तोड़ने के विरोध में सड़क पर उतरे लोग, प्रदर्शन कर जताया रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तुगलकाबाद में मंदिर तोड़ने के विरोध में सड़क पर उतरे लोग, प्रदर्शन कर जताया रोष
विज्ञापन
10 प्रदर्शन के चलते मौजूद भारी पुलिस बल।
- फोटो : Bhiwani
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तुगलकाबाद स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर को तोड़े जाने की घटना के विरोध में शनिवार को भिवानी में अनुसूचित जनसंगठनों के लोग सड़क पर उतर आए। विभिन्न अनुसूचित जनसंगठनों के सदस्यों ने शहर में विरोध प्रदर्शन किया और लघु सचिवालय परिसर के बाहर पहुंचकर जिला राजस्व अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को मांग पत्र भेजा। अनुसूचित जनसंगठनों के विरोध प्रदर्शन को लेकर भारी संख्या में पुलिस बल भी सुरक्षा की दृष्टि से तैनात किया गया। प्रदर्शनकारियों के आगे और पीछे पुलिस टीमें चलती रही।
मंदिर तोड़े जाने के विरोध में रविवार को बावड़ीगेट क्षेत्र स्थित संत रविदास मंदिर में विभिन्न जनसंगठनों के पदाधिकारियों की सभा हुई। जिसके बाद विरोध प्रदर्शन करते हुए अनुसूचित जनसंगठनों के सैकड़ों सदस्य शहर के बाजारों बिचला बाजार, सराय चौपटा, घंटाघर चौक, हांसी गेट चौक होते हुए लघु सचिवालय तक नारेबाजी करते हुए पहुंचे।
विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने भाषणों में सरकार के खिलाफ रोष जताया। लोगों ने मांग की कि सरकार समय रहते नहीं जागी और उनकी जायज मांगों का समाधान नहीं किया तो वे सरकार के खिलाफ जन आंदोलन खड़ा करेंगे। जनसंगठनों के पदाधिकारियों ने सौंपे गए मांग पत्र में राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि सर्वोच्च न्यायालय की आड़ में प्रशासन द्वारा धार्मिक धरोहर को तोड़ दिया गया है, जिससे लोगों की धार्मिक आस्था को भी ठेस पहुंची है। अनुसूचित जाति समाज संवैधानिक तरीके से इस ऐतिहासिक धरोहर के संपूर्ण भवन निर्माण एवं समाज को सौंपने की पुरजोर मांग करता है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि ऐतिहासिक धरोहर के पुनर्निर्माण के लिए सरकार तुरंत 100 करोड़ रुपए जारी करके इसका नए सिरे से भव्य निर्माण कराए। शहर में विरोध प्रदर्शन कर जिला उपायुक्त के प्रतिनिधि जिला राजस्व अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने वालों में मास्टर सुनील गोलपुरिया, रमेश चोपड़ा, जगमोहन बौद्ध, जोगिंदर चौहान, जेके बौद्ध, शमशेर रंगा, राजू मेहरा, संतलाल रइया, ओमप्रकाश गर्वा, कृष्ण सरोहा, हरदीप बागोतिया, वेदप्रकाश भारतीय, हितेश प्रधान, मास्टर संत कुमार, जीत सरोहा, सुंदर मोडा प्रधान ,रमेश भोरिया ,कैप्टन रामभगत, अभिषेक, रजत कोहाड, बलजीत दहिया, सुरेश रंगा, मनीराम रंगा, अश्वनी सभ्रवाल, सीताराम सिंगल, मा बलदेव सुमेश बापोडा, अनिल बामला, मनोज आरावत, विनोद सांगा, सुनील दत ,विकाश कढाला, राहुल बौद्ध , शमशेर जमालपुर, राजकुमार तिगड़ाना, परमजीत छोकर, मांगेराम तोंदवाल, नरेन्द्र कांटीवाल, दाताराम डीएसपी, रामोतार मैहंदिया, चरण सिंह दहिया, दलबीर उमरा, ज्ञान बागडी, अमित डूलगच, महेंद्र, आनंद, सुनीता सरोहा, सीमा चोपडा, पूर्व पार्षद शीला गोरा, गुड्डी लाग्यान, बंटी मानहेरू, सोमबीर सभ्रवाल, कश्मीर एडवोकेट, राजेन्द्र सूई, कृष्ण बलियाली, मा राजपाल खानक, सुरेन्द्र रानिला, कुसुम चौहान, मीना भोरिया, उमेद रेवाड़ीखेड़ा, नवीन लोहिया आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंदिर तोड़े जाने के विरोध में रविवार को बावड़ीगेट क्षेत्र स्थित संत रविदास मंदिर में विभिन्न जनसंगठनों के पदाधिकारियों की सभा हुई। जिसके बाद विरोध प्रदर्शन करते हुए अनुसूचित जनसंगठनों के सैकड़ों सदस्य शहर के बाजारों बिचला बाजार, सराय चौपटा, घंटाघर चौक, हांसी गेट चौक होते हुए लघु सचिवालय तक नारेबाजी करते हुए पहुंचे।
विज्ञापन
विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने भाषणों में सरकार के खिलाफ रोष जताया। लोगों ने मांग की कि सरकार समय रहते नहीं जागी और उनकी जायज मांगों का समाधान नहीं किया तो वे सरकार के खिलाफ जन आंदोलन खड़ा करेंगे। जनसंगठनों के पदाधिकारियों ने सौंपे गए मांग पत्र में राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि सर्वोच्च न्यायालय की आड़ में प्रशासन द्वारा धार्मिक धरोहर को तोड़ दिया गया है, जिससे लोगों की धार्मिक आस्था को भी ठेस पहुंची है। अनुसूचित जाति समाज संवैधानिक तरीके से इस ऐतिहासिक धरोहर के संपूर्ण भवन निर्माण एवं समाज को सौंपने की पुरजोर मांग करता है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि ऐतिहासिक धरोहर के पुनर्निर्माण के लिए सरकार तुरंत 100 करोड़ रुपए जारी करके इसका नए सिरे से भव्य निर्माण कराए। शहर में विरोध प्रदर्शन कर जिला उपायुक्त के प्रतिनिधि जिला राजस्व अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने वालों में मास्टर सुनील गोलपुरिया, रमेश चोपड़ा, जगमोहन बौद्ध, जोगिंदर चौहान, जेके बौद्ध, शमशेर रंगा, राजू मेहरा, संतलाल रइया, ओमप्रकाश गर्वा, कृष्ण सरोहा, हरदीप बागोतिया, वेदप्रकाश भारतीय, हितेश प्रधान, मास्टर संत कुमार, जीत सरोहा, सुंदर मोडा प्रधान ,रमेश भोरिया ,कैप्टन रामभगत, अभिषेक, रजत कोहाड, बलजीत दहिया, सुरेश रंगा, मनीराम रंगा, अश्वनी सभ्रवाल, सीताराम सिंगल, मा बलदेव सुमेश बापोडा, अनिल बामला, मनोज आरावत, विनोद सांगा, सुनील दत ,विकाश कढाला, राहुल बौद्ध , शमशेर जमालपुर, राजकुमार तिगड़ाना, परमजीत छोकर, मांगेराम तोंदवाल, नरेन्द्र कांटीवाल, दाताराम डीएसपी, रामोतार मैहंदिया, चरण सिंह दहिया, दलबीर उमरा, ज्ञान बागडी, अमित डूलगच, महेंद्र, आनंद, सुनीता सरोहा, सीमा चोपडा, पूर्व पार्षद शीला गोरा, गुड्डी लाग्यान, बंटी मानहेरू, सोमबीर सभ्रवाल, कश्मीर एडवोकेट, राजेन्द्र सूई, कृष्ण बलियाली, मा राजपाल खानक, सुरेन्द्र रानिला, कुसुम चौहान, मीना भोरिया, उमेद रेवाड़ीखेड़ा, नवीन लोहिया आदि मौजूद रहे।

08 दिल्ली में रविदास मंदिर को तोड़ने के विरोध में प्रदर्शन करते हुए लोग।- फोटो : Bhiwani
विज्ञापन