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Bhiwani News: निजी स्कूलों के बच्चों की सीखने की कठिनाइयों की पहचान करेगा प्रोजेक्ट संजीवनी
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भिवानी। प्राइवेट स्कूल्स वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा प्रदेशभर में प्रोजेक्ट संजीवनी शुरू करने जा रही है। इसके तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में विशिष्ट सीखने संबंधी कठिनाइयों की पहचान के लिए विशेष शिविर लगाकर जांच कराई जाएगी ताकि ऐसे बच्चों की पहचान कर उनकी मदद की जा सके।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रामअवतार शर्मा ने बताया कि आज हर जगह होशियार और टॉपर बच्चों की चर्चा होती है। इन्हीं बच्चों को पुरस्कार और छात्रवृत्तियां भी मिलती हैं लेकिन उन बच्चों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता जो स्कूल में किसी तरह के संघर्ष से गुजर रहे हैं।
इनमें तनाव और अवसाद से जूझ रहे बच्चों के साथ ही विशिष्ट सीखने संबंधी कठिनाइयों से प्रभावित बच्चे भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों की समय रहते पहचान कर उनकी मदद की जा सकती है। रामअवतार शर्मा ने बताया कि प्रदेशभर से निजी स्कूलों के प्राचार्यों और संचालकों की ओर से लगातार सुझाव मिल रहे थे कि एसोसिएशन को ऐसे बच्चों की मदद के लिए पहल करनी चाहिए।
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एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक में इस विषय पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके बाद सर्वसम्मति से निजी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों में विशिष्ट सीखने संबंधी कठिनाइयों की पहचान के लिए विशेष शिविर आयोजित करने और जांच कराने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक मदद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
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एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रामअवतार शर्मा ने बताया कि आज हर जगह होशियार और टॉपर बच्चों की चर्चा होती है। इन्हीं बच्चों को पुरस्कार और छात्रवृत्तियां भी मिलती हैं लेकिन उन बच्चों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता जो स्कूल में किसी तरह के संघर्ष से गुजर रहे हैं।
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इनमें तनाव और अवसाद से जूझ रहे बच्चों के साथ ही विशिष्ट सीखने संबंधी कठिनाइयों से प्रभावित बच्चे भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों की समय रहते पहचान कर उनकी मदद की जा सकती है। रामअवतार शर्मा ने बताया कि प्रदेशभर से निजी स्कूलों के प्राचार्यों और संचालकों की ओर से लगातार सुझाव मिल रहे थे कि एसोसिएशन को ऐसे बच्चों की मदद के लिए पहल करनी चाहिए।
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एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक में इस विषय पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके बाद सर्वसम्मति से निजी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों में विशिष्ट सीखने संबंधी कठिनाइयों की पहचान के लिए विशेष शिविर आयोजित करने और जांच कराने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक मदद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।