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Bhiwani News: मानसून की तैयारी...जलभराव से निपटने में जुटा सिंचाई विभाग, बिजली निगम से मांगे 97 अस्थायी कनेक्शन
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भिवानी के सिंचाई विभाग के सेंटर में रखीं पंपिंग मोटरें।
संजय वर्मा
भिवानी। बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए सिंचाई विभाग ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने बिजली निगम से 97 अस्थायी बिजली कनेक्शन मांगे हैं, जो तीन माह तक मुख्य ड्रेनों पर बने अस्थायी पंप हाउसों पर बरसाती पानी की निकासी के लिए उपयोग होंगे। सिंचाई विभाग की मैकेनिकल विंग ने 91 बिजली संचालित पंप और 48 डीजल पंपिंग मशीनें भी तैयार की हैं। इनका उपयोग गांवों में जोहड़ों के ओवरफ्लो होने या बारिश का पानी रिहायशी क्षेत्र में पहुंचने की स्थिति में किया जाएगा। वर्तमान में ये मशीनें विभाग के सेंट्रल स्टोर में रिजर्व रखी गई हैं।
हर साल मानसून में कई गांवों में बारिश का पानी घरों तक पहुंच जाता है। इस बार ऐसी स्थिति से बचाव के लिए विभाग ने ठोस कदम उठाए हैं। जिले की प्रमुख ड्रेनों की सफाई करवाई जा चुकी है और 25 से अधिक गांवों में बरसाती पानी की निकासी के स्थायी इंतजाम किए गए हैं। इन गांवों में पाइप लाइन बिछाकर ड्रेनों से जोड़ा गया है। इसके अलावा सिंचाई विभाग ने 25 गांवों की करीब साढ़े 11 हजार एकड़ कृषि भूमि से बारिश का पानी निकालने के लिए 42 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई है। वहीं, उन गांवों में जहां बारिश से जोहड़ ओवरफ्लो हो जाते हैं, वहां अस्थायी पंपिंग मशीनें ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराई जाएंगी। संवाद
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ये गांव जलभराव मुक्त, ड्रेन तक पहुंचेगा बारिश का पानी
जिले के कुछ गांव ऐसे हैं, जिन्हें सिंचाई विभाग ने स्थायी तौर पर बारिश के जलभराव से मुक्त कर दिया है। इनमें गांव बापोड़ा, धनाना, जताई, गुजरानी, तिगड़ाना, अलखपुरा, तालू शामिल हैं, इन गांवों के खेतों में बारिश का अतिरिक्त पानी पाइपलाइन के जरिये सीधे ड्रेनों तक पहुंचेगा। इसके अलावा गांव खरक, कलिंगा में भी बारिश के पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था कराई गई है।
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बाढ़ जैसे हालात से निपटने में काम आएगी अस्थायी पंपिंग मशीन
सिंचाई विभाग की मैकेनिकल विंग ने जिले में बाढ़ नियंत्रण प्रबंधों के तहत अस्थायी तौर पर पंपिंग मशीन को अलर्ट पर रखा है। इसके लिए 91 बिजली संचालित पंप और 48 डीजल से चलने वाले पंप शामिल हैं। बिजली संचालित पंपिंग मशीनरी की क्षमता 233 क्यूसेक की है जबकि डीजल संचालित पंपिंग मशीनरी 96 क्यूसेक पानी की निकासी की क्षमता रखती है। इस पंपिंग मशीनरी को हर मूवमेंट में इस्तेमाल किया जा सकता है और उन्हें आसानी से लाया और ले जाने के अलावा कहीं पर भी सेट कर पानी की निकासी में प्रयोग किया जा सकता है।
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सिंचाई विभाग ने बिजली निगम से 91 बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदन कर दिया है। ये बिजली कनेक्शन तीन माह तक ऐसी जगह ड्रेनों पर लिए जाएंगे, जहां बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था कराई जाएगी। बिजली संचालित और डीजल से चलने वाली पंपिंग मशीनरी भी तैयार की गई है। ग्राम पंचायतें बरसाती पानी की निकासी के लिए अपने स्तर पर भी प्रबंध करेंगी। जरूरत पड़ने पर विभाग की ओर से पंपिंग सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
- नवीन देशवाल कार्यकारी अभियंता मैकेनिकल विंग सिंचाई विभाग भिवानी।
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सिंचाई विभाग की तरफ से अस्थायी बिजली कनेक्शनों के आवेदन संबंधित सब डिविजन कार्यालयों में प्राप्त हुए हैं। संबंधित जेई से मौका मुआयना कर इनके एस्टीमेट तैयार कराए जाएंगे। बारिश से पहले विभाग को बिजली कनेक्शन मुहैया करा दिए जाएंगे। - विनोद पूनिया महाप्रबंधक भिवानी सर्कल दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम।
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भिवानी। बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए सिंचाई विभाग ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने बिजली निगम से 97 अस्थायी बिजली कनेक्शन मांगे हैं, जो तीन माह तक मुख्य ड्रेनों पर बने अस्थायी पंप हाउसों पर बरसाती पानी की निकासी के लिए उपयोग होंगे। सिंचाई विभाग की मैकेनिकल विंग ने 91 बिजली संचालित पंप और 48 डीजल पंपिंग मशीनें भी तैयार की हैं। इनका उपयोग गांवों में जोहड़ों के ओवरफ्लो होने या बारिश का पानी रिहायशी क्षेत्र में पहुंचने की स्थिति में किया जाएगा। वर्तमान में ये मशीनें विभाग के सेंट्रल स्टोर में रिजर्व रखी गई हैं।
हर साल मानसून में कई गांवों में बारिश का पानी घरों तक पहुंच जाता है। इस बार ऐसी स्थिति से बचाव के लिए विभाग ने ठोस कदम उठाए हैं। जिले की प्रमुख ड्रेनों की सफाई करवाई जा चुकी है और 25 से अधिक गांवों में बरसाती पानी की निकासी के स्थायी इंतजाम किए गए हैं। इन गांवों में पाइप लाइन बिछाकर ड्रेनों से जोड़ा गया है। इसके अलावा सिंचाई विभाग ने 25 गांवों की करीब साढ़े 11 हजार एकड़ कृषि भूमि से बारिश का पानी निकालने के लिए 42 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई है। वहीं, उन गांवों में जहां बारिश से जोहड़ ओवरफ्लो हो जाते हैं, वहां अस्थायी पंपिंग मशीनें ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराई जाएंगी। संवाद
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ये गांव जलभराव मुक्त, ड्रेन तक पहुंचेगा बारिश का पानी
जिले के कुछ गांव ऐसे हैं, जिन्हें सिंचाई विभाग ने स्थायी तौर पर बारिश के जलभराव से मुक्त कर दिया है। इनमें गांव बापोड़ा, धनाना, जताई, गुजरानी, तिगड़ाना, अलखपुरा, तालू शामिल हैं, इन गांवों के खेतों में बारिश का अतिरिक्त पानी पाइपलाइन के जरिये सीधे ड्रेनों तक पहुंचेगा। इसके अलावा गांव खरक, कलिंगा में भी बारिश के पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था कराई गई है।
बाढ़ जैसे हालात से निपटने में काम आएगी अस्थायी पंपिंग मशीन
सिंचाई विभाग की मैकेनिकल विंग ने जिले में बाढ़ नियंत्रण प्रबंधों के तहत अस्थायी तौर पर पंपिंग मशीन को अलर्ट पर रखा है। इसके लिए 91 बिजली संचालित पंप और 48 डीजल से चलने वाले पंप शामिल हैं। बिजली संचालित पंपिंग मशीनरी की क्षमता 233 क्यूसेक की है जबकि डीजल संचालित पंपिंग मशीनरी 96 क्यूसेक पानी की निकासी की क्षमता रखती है। इस पंपिंग मशीनरी को हर मूवमेंट में इस्तेमाल किया जा सकता है और उन्हें आसानी से लाया और ले जाने के अलावा कहीं पर भी सेट कर पानी की निकासी में प्रयोग किया जा सकता है।
सिंचाई विभाग ने बिजली निगम से 91 बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदन कर दिया है। ये बिजली कनेक्शन तीन माह तक ऐसी जगह ड्रेनों पर लिए जाएंगे, जहां बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था कराई जाएगी। बिजली संचालित और डीजल से चलने वाली पंपिंग मशीनरी भी तैयार की गई है। ग्राम पंचायतें बरसाती पानी की निकासी के लिए अपने स्तर पर भी प्रबंध करेंगी। जरूरत पड़ने पर विभाग की ओर से पंपिंग सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
- नवीन देशवाल कार्यकारी अभियंता मैकेनिकल विंग सिंचाई विभाग भिवानी।
सिंचाई विभाग की तरफ से अस्थायी बिजली कनेक्शनों के आवेदन संबंधित सब डिविजन कार्यालयों में प्राप्त हुए हैं। संबंधित जेई से मौका मुआयना कर इनके एस्टीमेट तैयार कराए जाएंगे। बारिश से पहले विभाग को बिजली कनेक्शन मुहैया करा दिए जाएंगे। - विनोद पूनिया महाप्रबंधक भिवानी सर्कल दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम।