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Bhiwani News: हरियाणा के 52 गज के दामण की परंपरागत पहचान व सांस्कृतिक विरासत को जिंदा रखे हैं प्रमिला का ग्रुप

Thu, 07 Mar 2024 11:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Thu, 07 Mar 2024 11:04 PM IST
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Pramila's group is keeping alive the traditional identity and cultural heritage of Haryana's 52 Gaj Ka Daman.
भिवानी। सशक्त नारी ने जो ठाना वह कर दिखाया है। इसी तरह के जज्बे और जुनून के साथ हरियाणा के 52 गज के दामण की परंपरागत पहचान और सांस्कृतिक विरासत को जिंदा रखे हुए हैं भिवानी जिले के गांव मंढाणा की 38 वर्षीय प्रमिला।
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प्रमिला का विकास स्वयं सहायता समूह है जो पिछले छह साल से हरियाणा के परंपरागत वेशभूषा और परिधानों को तैयार कर अपनी सांस्कृतिक पहचान और विरासत को आगे बढ़ा रही हैं। प्रमिला एमए तक पढ़ी लिखी हैं। उनके पति बिरबल चिकित्सा जगत से जुड़े हैं। दो बच्चों के परिवार को संभालने के साथ-साथ प्रमिला गांव के 32 स्वयं सहायता समूहों को भी कामकाज के तौर-तरीके सिखा महिलाओं को स्वावलंबन की राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही हैं। फिलहाल पंचकूला के परेड ग्राउंड में प्रमिला के विकास स्वयं सहायता समूह की परंपरागत परिधानों की स्टॉल भी लगी है।
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प्रमिला ने बताया कि उनके गांव की महिलाएं 52 गज का दामण आज भी परंपरागत वेशभूषा के साथ तैयार कर रही हैं। इन पर जो आभूषण पहने जाते हैं, उन्हें भी उनका समूह बखूबी तैयार कर रहा है। अब तक उनके परिधानों की प्रदर्शनी देश के विभिन्न हिस्सों में लग चुकी है, जिनमें मुख्य तौर पर पंजाब के अमृतसर, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, चंडीगढ़, गुरुग्राम, भोपाल शामिल हैं। ये दामण ढाई हजार से चार हजार रुपये में बिक रहे हैं। इसी तरह पंचकूला में ही जरी की जूती की स्टॉल भी लगी है।
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सिवानी के बडवा गांव निवासी कांता लक्ष्मीबाई स्वयं सहायता समूह चला रही हैं। उसके पति सत्यनारायण भी पत्नी के साथ जूती का कारोबार ही कर रहे हैं, क्योंकि ये कारोबार सत्यनारायण के पिता भानाराम ने 30 साल पहले शुरू किया था। अब स्वयं सहायता समूह ने जरी की जूती तैयार कर इसे देशभर में नई पहचान दिला दी है।


भिवानी के सात खंडों से 350 महिलाएं आज करेंगी राष्ट्रपति भवन के दर्शन
भिवानी जिले के सात खंडों से 350 महिलाएं शुक्रवार को राष्ट्रपति उद्यान का भ्रमण करने जाएंगी। ये महिलाएं सामाजिक जागरुकता, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी इन महिलाओं को राष्ट्रपति भवन में जाने का सम्मान भी मिलेगा। प्रत्येक खंड से 50 महिलाओं का चयन हुआ है। जिला कार्यात्मक प्रबंधक सरीफ अली ने बताया कि भिवानी जिले में 4250 स्वयं सहायता समूह हैं, जिनसे 43 हजार 500 महिलाएं जुड़ी हैं। ये महिलाएं न केवल अपने परिवार को आर्थिक मजबूती दे रही हैं, बल्कि देश और प्रदेश की प्रगति में भी नारी शक्ति के रूप में अपना योगदान दे रही हैं।
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